क्या आप जानते हैं कि आने वाले वर्षों में आपकी CNG कार और घर में इस्तेमाल होने वाली PNG गैस में बायोगैस भी मिलाई जाएगी? जी हां, इस बात को जानकर आपको भले ही हैरानी हो रही हो, लेकिन गुरुवार, 6 अगस्त को केंद्र सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन (नेशनल सर्कुलर बायोएनर्जी स्कीम) को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत वित्त वर्ष 2027 में CNG और PNG में 3 प्रतिशत बायोगैस (CBG) मिश्रण से शुरुआत होगी. यह अनुपात 2028 में बढ़कर 4 प्रतिशत और 2029 से बढ़कर 5 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा.
इस योजना का मकसद बायोगैस उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में इजाफा करना और देश को स्वच्छ,आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में आगे ले जाना है. PM मोदी ने इस योजना को क्लीन एनर्जी की दिशा में बड़ा कदम बताया है.
A vital step towards clean energy, rural prosperity and realising our collective dream of an Atmanirbhar Bharat!
— Narendra Modi (@narendramodi) August 6, 2026
The Cabinet has approved GOBARdhan Scheme, which will give a major boost to Compressed Biogas, with the aim of increasing domestic CBG production nearly ten-fold. The…
ब्लेंडिंग जरूरी होने के बाद CBG इंडस्ट्री को बड़ा सहारा
सरकार के अनुसार, सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) मिश्रण दायित्व लागू होने से उद्योग को दीर्घकालिक और स्पष्ट मांग का संकेत मिलेगा. सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क में लगातार इस्तेमाल बढ़ने से परियोजनाओं की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, संयंत्रों की क्षमता का बेहतर उपयोग होगा और निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा.
CBG की कीमत तय, उत्पादकों को मिलेगा राजस्व का भरोसा
योजना के तहत सरकार ने सीबीजी की प्रशासनिक कीमत 2,110 रुपये प्रति एमएमबीटीयू तय की है. इससे उत्पादकों को लंबे समय तक स्थिर आय का भरोसा मिलेगा, जबकि उपभोक्ताओं के लिए गैस की कीमतें भी किफायती बनी रहेंगी.
10 साल का मूल्य निर्धारण ढांचा देगा स्थिरता
सरकार ने न्यूनतम 10 वर्ष की अवधि वाला मूल्य निर्धारण ढांचा तैयार किया है. इससे सीबीजी उत्पादकों को लगातार राजस्व मिलता रहेगा, निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलेगा और उद्योग के विस्तार के लिए मजबूत आधार तैयार होगा.
नई परियोजनाओं को 2 करोड़ रुपये प्रति TPD तक सहायता
पात्र ग्रीनफील्ड सीबीजी परियोजनाओं को स्थापित क्षमता के प्रति टन प्रतिदिन (TPD) पर 2 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत सहायता दी जाएगी. यह मदद सिर्फ मशीनरी तक सीमित नहीं होगी, बल्कि फीडस्टॉक संग्रह, जैविक खाद प्रसंस्करण और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए भी उपलब्ध होगी. क्षमता विस्तार करने वाली ब्राउनफील्ड परियोजनाएं भी इस लाभ की पात्र होंगी.
पाइपलाइन कनेक्टिविटी पर भी होगा फोकस
योजना के तहत सीबीजी संयंत्रों को ट्रंक पाइपलाइन और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से जोड़ने वाली क्लस्टर आधारित और स्वतंत्र पाइपलाइन परियोजनाओं को भी समर्थन मिलेगा. इससे परिवहन लागत कम होगी, गैस आपूर्ति अधिक भरोसेमंद बनेगी और उत्पादकों को बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी.
MSME परियोजनाओं को मिलेगा क्रेडिट गारंटी का लाभ
छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) द्वारा संचालित पात्र सीबीजी परियोजनाओं के लिए विशेष क्रेडिट गारंटी तंत्र स्थापित किया जाएगा. इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों का भरोसा बढ़ेगा, ऋण लेना आसान होगा और कम जमानत में फाइनेंस की सुविधा मिल सकेगी.
जिलों में CBG इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए बनेगा फंड
गोबरधन योजना के तहत जिला स्तर पर सीबीजी उद्योग को मजबूत करने के लिए ‘CBG Ecosystem Challenge Fund' बनाया जाएगा. इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मूल्य श्रृंखला विकसित करना और परियोजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करना है.
पूरी CBG वैल्यू चेन को जोड़ेगी गोबरधन योजना
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित यह योजना उत्पादन, परिवहन, विपणन और उपयोग सहित पूरी सीबीजी वैल्यू चेन के लिए एकीकृत मंच प्रदान करेगी. इससे भारत में बायोगैस क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.
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