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Holi 2026: होली में टूटेगा सारा रिकॉर्ड! ₹80,000 करोड़ के कारोबार की उम्मीद, स्वदेशी प्रोडक्ट्स की भारी डिमांड- CAIT

होली 2026 पर CAIT ने ₹80,000 करोड़ के रिकॉर्ड व्यापार का अनुमान जताया है. प्रधानमंत्री मोदी के 'Vocal for Local' के चलते इस बार बाजारों में चीनी सामान की जगह स्वदेशी हर्बल गुलाल, पिचकारियों और कपड़ों की भारी मांग है.

Holi 2026: होली में टूटेगा सारा रिकॉर्ड! ₹80,000 करोड़ के कारोबार की उम्मीद, स्वदेशी प्रोडक्ट्स की भारी डिमांड- CAIT
Holi 2026 Business: व्यापारियों का कहना है कि लोग अब केमिकल वाले रंगों से दूरी बना रहे हैं और क्वालिटी वाले देसी प्रोडक्ट्स पर भरोसा जता रहे हैं.
नई दिल्ली:

इस साल होली 4 मार्च को देशभर में धूम-धाम से मनाई जाएगी. इस साल रंगों का त्यौहार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा धमाका लेकर आ रही है. इसको लेकर बाजारों में रौनक दिखने लगी है. व्यापारियों की देश में सबसे बड़ी संस्था  कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) का अनुमान है कि इस बार होली पर  80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड व्यापार होगा.

बाजारों में अभी से ही ग्राहकों की भारी भीड़ जुटने लगी है और व्यापारियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है.

CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने रविवार को कहा,"आगामी होली के अवसर पर इस वर्ष देशभर में लगभग 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है'.

'वोकल फॉर लोकल' का जादू: चीनी प्रोडक्ट्स को लगा बड़ा झटका

देश के कई शहरों के बड़े बाजारों से इकठा किये गए आंकड़ों और जानकारी के आधार पर CAIT ने कहा है कि होली से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” मिशन का असर बाजारों में साफ दिखने लगा है.एक समय था जब 2021 से पहले बाजारों में चीनी पिचकारियों और रंगों का कब्जा हुआ करता था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है.

व्यापारी संगठन के मुताबिक, इस बार होली पर भारत में बने हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारियां, गुब्बारे, चंदन, पूजन सामग्री, परिधान तथा अन्य स्वदेशी उत्पादों की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है.लोग इन चीजों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं.  जबकि वर्ष 2021 से पहले बाजारों में चीनी सामान का दबदबा हुआ करता था.

व्यापारियों का कहना है कि लोग अब केमिकल वाले रंगों से दूरी बना रहे हैं और क्वालिटी वाले देसी प्रोडक्ट्स पर भरोसा जता रहे हैं.

मिठाई, कपड़े और गिफ्ट आइटम्स की भारी डिमांड

सिर्फ रंग और गुलाल ही नहीं, बल्कि होली पर मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स,गिफ्ट आइटम,फूल-फल कपड़े और फर्निशिंग फैब्रिक, किराना,एफएमसीजी प्रोडक्ट्स भी बाजारों में भारी मांग देखी जा रही है. खास तौर पर सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, सलवार-सूट और "हैप्पी होली" लिखी टी-शर्ट की मांग बहुत बढ़ गई है. दिल्ली के सदर बाजार से लेकर चांदनी चौक तक, थोक और खुदरा बाजार रंग-बिरंगे पैकेटों और गुजिया की मालाओं से सजे हुए हैं. मिठाई की दुकानों पर भी पारंपरिक गुजिया की बुकिंग अभी से ही जोरों पर है.

दिल्ली में होलिका दहन 3 मार्च को होगा और रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाएगी.

दिल्ली में ₹15,000 करोड़ की कमाई का अनुमान

अकेले दिल्ली की बात करें, तो CAIT द्वारा जारी की गयी जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में इस बार लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने की संभावना है. शहर के थोक और खुदरा बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारियों, गुजिया की मालाओं और ड्राई फ्रूट पैकों से सजे हैं और दुकानों पर ग्राहकों की भारी दिखनी शुरू हो गयी है. मिठाई की दुकानों पर भी विशेष रूप से होली की पारंपरिक मिठाई गुजिया की बिक्री में बढ़ोतरी देखी जा रही है.

CAIT महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा,"देशभर में होली मिलन समारोह बड़े स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं. दिल्ली में ही विभिन्न व्यापारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा 3000 से अधिक होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसके चलते बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक पार्क लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं".

जाहिर है, होली के अवसर पर इस बार रिकॉर्ड व्यापार से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है. ये देशभर के व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, छोटे व्यापारियों, कुटीर उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित होगा और इससे स्वदेशी व्यापार भी मजबूत होगा.

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