Gujrat Investment in Odisha: देश की तरक्की में गुजरात और वहां के बिजनेस घरानों का जो रोल रहा है, उसे पूरा देश जानता-मानता है. टाटा, अदाणी, अंबानी जैसे बिजनेस ग्रुप, यहीं से हुए और देश के अलग-अलग राज्यों में उन्होंने विस्तार किया. ओडिशा के विकास में भी गुजरातियों की भूमिका बढ़ने वाली है. दरअसल, गुजरात के बिजनेसमैन ओडिशा में आने वाले दिनों में 48 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश करने वाले हैं. ओडिशा के मुख्यमंत्री पिछले तीन दिन तक गुजरात में रहे और राज्य के लिए 48,330 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव साथ लेकर ओडिशा लौटे. बताया जा रहा है कि इतने भारी निवेश से अलग-अलग सेक्टर्स में करीब 68,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है.
ओडिशा इन्वेस्टर्स मीट के लिए गुजरात पहुंचे थे सीएम
गुरुवार को वडोदरा में 'ओडिशा इन्वेस्टर्स मीट रोड शो' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा, 'पश्चिमी भारत ने पहले ही देश के औद्योगिक उत्थान का नेतृत्व किया है. अब 'विकसित भारत' के लिए पूर्वी भारत का उदय होना चाहिए और ओडिशा इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है.'
IANS के मुताबिक, 'पूर्वोदय' विजन के तहत ओडिशा को पूर्वी भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने गुजरात के प्रमुख उद्योगपतियों को ओडिशा में अपने उद्योग विस्तार के लिए आमंत्रित किया और उन्हें राज्य के औद्योगिक विकास के अगले चरण में भागीदार बनने का न्योता दिया. ओडिशा के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्वयं मुख्यमंत्री ने किया, जिसमें उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन, मुख्य सचिव अनु गर्ग और अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे.

इन सेक्टर्स में आएगा निवेश, 68,000 लोगों को रोजगार की उम्मीद
गुजरात दौरे के दौरान मेटल डाउनस्ट्रीम, केमिकल, फार्मास्यूटिकल्स, ग्रीन एनर्जी इक्विपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, गारमेंट्स और टेक्सटाइल, आईटी (IT), सेमीकंडक्टर, पर्यटन, एयरोस्पेस और डिफेंस, प्लास्टिक और पावर जैसे क्षेत्रों में निवेशकों की भारी भागीदारी देखी गई. इन सेक्टर्स में 48,330 करोड़ रुपये के निवेश से 67,838 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
ओडिशा के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम पर सीएम माझी ने कहा कि राज्य में प्रचुर मात्रा में कच्चा माल, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बंदरगाह आधारित लॉजिस्टिक्स, नीतिगत स्थिरता और परियोजनाओं को तेजी से लागू करने वाली प्रणाली उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि ओडिशा धीरे-धीरे संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से मूल्यवर्धित विनिर्माण (Value-added Manufacturing) और उन्नत औद्योगिक केंद्र में बदल रहा है.
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण और रेलवे कंपोनेंट उत्पादन, जिसमें सोलर मॉड्यूल, इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन और व्हील व एक्सल निर्माण शामिल हैं, में ओडिशा की बढ़ती गति को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि ओडिशा भारत के स्वच्छ ऊर्जा विकास के अगले चरण में योगदान देने के लिए तैयार है.
71 निवेश प्रस्ताव, 8 MoUs और 63 IIFs पर हस्ताक्षर
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले इस दौरे से 71 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 8 समझौता ज्ञापनों (MoU) और 63 निवेश आशय पत्रों (IIF) पर हस्ताक्षर किए गए. निवेशकों की सुविधा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ओडिशा के 'GO-SWIFT' सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और समर्पित हैंडहोल्डिंग तंत्र के माध्यम से सक्रिय सहायता का आश्वासन दिया. वडोदरा में आयोजित इस बैठक में 200 से अधिक उद्योग जगत के नेताओं और हितधारकों ने हिस्सा लिया.
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