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ग्रुप हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर ITC को मंजूरी, कंपनियों की घटेगी लागत, जानें आपकी पॉलिसी पर क्या होगा असर

Group Insurance GST Credit: GST काउंसिल ने कर्मचारियों के ग्रुप हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर ITC की मंजूरी दी है. जानें कंपनियों की लागत कैसे घट सकती है और क्या आपका इंश्योरेंस कवर बढ़ सकता है.

ग्रुप हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर ITC को मंजूरी, कंपनियों की घटेगी लागत, जानें आपकी पॉलिसी पर क्या होगा असर
Group Insurance पर 18% GST Credit ले सकेंगी कंपनियां, क्या बढ़ेगा आपका इंश्योरेंस कवर?

अगर आपकी कंपनी आपको हेल्थ या लाइफ इंश्योरेंस का कवर देती है, तो आपके लिए अच्छी खबर है. GST काउंसिल की 57वीं बैठक में एक ऐसा फैसला लिया गया है, जिसका सीधा फायदा आने वाले दिनों में कर्मचारियों को मिल सकता है. सरकार ने कंपनियों को ग्रुप हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करने की इजाजत दे दी है.अब कंपनियां इंश्योरेंस प्रीमियम पर लगने वाले 18% GST का क्रेडिट क्लेम कर सकेंगी.

GST काउंसिल के फैसले से कंपनियों और कर्मचारियों दोनों को बड़ी राहत मिल सकती है.इससे जहां एक तरफ कंपनियों की इंश्योरेंस पर होने वाली लागत घट सकती है और कर्मचारियों को बेहतर इंश्योरेंस कवर मिलने की गुंजाइश भी बढ़ सकती है.

कंपनियों की घटेगी लागत, 18% GST का मिलेगा क्रेडिट

मौजूदा नियमों के मुताबिक, जब कोई कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए ग्रुप इंश्योरेंस खरीदती थी, तो उसे प्रीमियम पर 18% GST देना पड़ता था. लेकिन CGST एक्ट की धारा 17(5) की पाबंदी के कारण कंपनियां इस 18% टैक्स का क्रेडिट (ITC) वापस नहीं ले पाती थीं. अब जीएसटी काउंसिल ने इस नियम में बदलाव की सिफारिश कर दी है. यानी अब कंपनियां प्रीमियम पर दिए गए 18% टैक्स को एडजस्ट कर सकेंगी, जिससे उनके लिए प्रति कर्मचारी इंश्योरेंस की लागत काफी कम हो जाएगी. 

कर्मचारियों को कैसे होगा बड़ा फायदा?

कंपनियों की लागत घटने का फायदा कर्मचारियों तक भी पहुंच सकता है.लागत कम होने से कंपनियां बचत का फायदा अपने कर्मचारियों को ट्रांसफर कर सकती हैं.  इस बचत का इस्तेमाल करके कंपनियां कई तरह के बेनिफिट दे सकती हैं. हालांकि सरकार ने इसे अनिवार्य नहीं किया है, लेकिन ऐसै माना जा रहा है कि कंपनियां कर्मचारियों को रोके रखने (Employee Retention) के लिए ये फायदे दे सकती हैं...

  • बढ़ सकता है इंश्योरेंस कवर: कंपनी आपका सम इंश्योर्ड (Sum Insured) बढ़ा सकती है.
  • फैमिली कवरेज: पॉलिसी में माता-पिता, पति/पत्नी या बच्चों को जोड़ना आसान हो जाएगा.
  • नए हेल्थ बेनिफिट्स: ओपीडी (OPD) कवर या एक्स्ट्रा वेलनेस बेनिफिट्स जोड़े जा सकते हैं.

आसान भाषा में कहें तो इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का मतलब है कि बिजनेस चलाते समय जो टैक्स आप पहले ही दे चुके हैं, उसे अपनी अंतिम टैक्स देनदारी में से घटा लेना. अब तक ग्रुप इंश्योरेंस इस छूट से बाहर था. इस फैसले के बाद कंपनियों का टैक्स बोझ घटेगा और कर्मचारियों के इंश्योरेंस बेनिफिट्स में सुधार की गुंजाइश बढ़ जाएगी.
 

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