Unclaimed Deposits to be Transfer: अगर आप भी उन लोगाों में शामिल हैं, जो पुराने बैंक खातों, इंश्योरेंस कंपनी या म्यूचुअल फंड में पैसे जमा कर भूल गए हैं या किसी कारणवश आप क्लेम नहीं कर पाए हैं, तो आपके लिए सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है. केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में बताया कि इसके लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है. उनके मुताबिक, सरकार ने बैंकों, बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड में पड़े 73,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के अनक्लेम्ड (बिना दावे वाले) राशि, लोगों को वापस दिलाने में तेजी ला रही है. इसके लिए रेगुलेटर ने क्लेम प्रोसेस को आसान बनाया है, डिजिटल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म शुरू किए हैं और देश भर में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं.
केवल बैंक खातों में पड़े हैं 60,500 करोड़ रुपये
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि सरकारी बैंकों में अनक्लेम्ड जमा राशि 60,500 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है, और इन पैसों को लोगों तक वापस पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 के अंत तक सरकारी बैंकों ने 60,518 करोड़ रुपए भारतीय रिजर्व बैंक के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर किए हैं.
इसके अलावा, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के आंकड़ों के मुताबिक, बीमा कंपनियों में 8,973.89 करोड़ रुपए और म्यूचुअल फंड में 3,749.34 करोड़ रुपए अनक्लेम्ड यानी बिना दावे के पड़े हैं.
जिनकी मौत हो गई है, उनके पैसों पर ब्याज भी मिलेगा?
RBI ने मृत ग्राहकों के खातों के निपटान के लिए नए नियम जारी किए हैं और अक्टूबर 2025 से एक प्रोत्साहन योजना भी शुरू की है. इसके तहत सफल क्लेम सेटलमेंट पर अनक्लेम्ड राशि का 5 से 7.5 प्रतिशत तक इंसेंटिव दिया जा रहा है (एक तय सीमा तक).
बैंकों को यह भी कहा गया है कि वे समय-समय पर अभियान चलाएं, अनक्लेम्ड खातों की सूची प्रकाशित करें और लोगों को जागरूक करें. इसी तरह, SEBI ने म्यूचुअल फंड के लिए नियम आसान किए हैं. 5 लाख रुपए तक के दावों के लिए कम दस्तावेज मांगे जाएंगे और डिजिटल सिस्टम के जरिए तेजी से प्रोसेस किया जाएगा.
मकसद साफ- आपके पैसों पर आपका अधिकार
सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच 'आपकी पूंजी, आपका अधिकार' नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान भी चलाया. मंत्री ने बताया कि फरवरी 2026 तक करीब 23 लाख दावों से जुड़े 5,777 करोड़ रुपए लोगों को वापस किए जा चुके हैं.
लोगों की मदद के लिए रेगुलेटर ने बीमा भरोसा और मित्र जैसे खास डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किए हैं, जहां लोग अपने अनक्लेम्ड पैसे की जानकारी पा सकते हैं. इसके अलावा, RBI ने डिजिटल बैंकिंग में धोखाधड़ी के मामलों में ग्राहकों की जिम्मेदारी से जुड़े नए नियम भी प्रस्तावित किए हैं और इस पर लोगों से सुझाव मांगे हैं.
फ्रॉड रोकने के लिए AI का इस्तेमाल
फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने 26 बैंकों में एआई-आधारित 'म्यूलहंटर.एआई' सिस्टम लागू किया है. साथ ही, इंडियन डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉरपोरेशन भी बनाया गया है, जो रियल टाइम में धोखाधड़ी का पता लगाता है. उन्होंने यह भी कहा कि जागरूकता बढ़ाने के लिए RBI के 'RBI कहता है' और SEBI की 'SEBI बनाम स्कैम' जैसे अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि लोग अपने पैसों को सुरक्षित रख सकें और सही समय पर क्लेम कर सकें.
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