Sugar Price HIKE: देश में त्योहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले चीनी की आसमान छूती कीमतों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने चीनी व्यापारियों और बड़े गोदामों के लिए स्टॉक रखने की अधिकतम लिमिट (Sugar Stock Limit) तय कर दी है. नए नियमों के मुताबिक, जो व्यापारी या डीलर हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल या व्यापार करते हैं, वे अब 15 दिन से ज्यादा का चीनी स्टॉक जमा करके नहीं रख सकेंगे.
इससे पहले 1 अगस्त से चीनी डीलर के लिए 30 दिनों से ज्यादा समय तक स्टॉक रखने की सख्त लिमिट लगाई गई थी. इसके साथ ही एक समय पर किसी भी जगह 4,000 क्विंटल से ज्यादा चीनी का स्टॉक रखने की भी अनुमति नहीं दी गई थी. लेकिन इसके बावजूज चीनी की बढ़ती कीमतें थमनें का नाम नहीं ले रही हैं.
एक महीने में चीनी 13% तक महंगी
बता दें कि त्योहारी सीजन से पहले देश के कई राज्यों में चीनी महंगा हो गया है. पिछले कुछ हफ्तों के दौरान चीनी की कीमतें बढ़ने लगी हैं. सरकारी आकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने के दौरान देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 13.04% तक बढ़ गयी है.
भारत में अगस्त से नवंबर के दौरान चीनी की मांग तेजी से बढ़ती है. इसकी वजह ये है कि इस दौरान गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं. त्योहारों के इस सीजन से पहले ही बिस्कुट और मिठाई बनाने वाले थोक कारोबारी भारी मात्रा में चीनी का स्टॉक जमा करने लगते हैं.
हफ्ते भर में चीनी का भाव 50.77 रुपये से बढ़कर 54.06 रुपये
पिछले एक हफ्ते में देश में चीनी की खुदरा कीमत 50.77 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 54.06 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी है, यानि 6.48% महंगी हो गई है. इसको देखते हुए उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने देश में चीनी की डिमांड, उपलब्धता और बाजार में चीनी की सप्लाई की सख्ती से मॉनिटरिंग करना शुरू कर दिया है.
आपको बता दें कि कानपुर और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में चीनी के थोक भाव 6,000 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच चुके थे, जबकि मुजफ्फरपुर और कोल्हापुर में औसतन भाव 5,000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक थे.
ऑल टाइम हाई पर चीनी की कीमतें
देश में चीनी के थोक (Ex-mill) दाम ऑल टाइम हाईपर पहुंच गए हैं. इंडस्ट्री बॉडी के मुताबिक, मंगलवार को ऑल इंडिया एवरेज एक्स-मिल चीनी का भाव 5,400 से 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया. अगर पिछले साल से तुलना करें, तो यह एक बहुत बड़ा उछाल है, क्योंकि साल भर पहले इसका थोक भाव सिर्फ 3,900 रुपये प्रति क्विंटल था.
1 सितंबर से लागू होंगे नियम, कीमतों में राहत की उम्मीद
स्टॉक की यह नई सीमा 1 सितंबर से लागू होगी और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगी. सरकार इस दौरान हर महीने बाजार में बेची जाने वाली चीनी की मात्रा पर भी पूरी नजर रखेगी. नए 2026-27 सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के लिए शुरुआती स्टॉक के 50 लाख टन की घरेलू जरूरत से कम रहने की संभावना है.
हालांकि, सरकार ने अभी तक इस आंकड़े को अंतिम रूप नहीं दिया है.सरकार का कहना है कि देश में घरेलू खपत की आवश्यकताओं के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है. सरकार के इस कदम से आने वाले दिनों में चीनी के दामों में गिरावट आने और आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं