Gold- Silver Prices: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बनती-बिगड़ती बात का असर मार्केट पर भी देखने को मिला है. पहले शांति समझौते का ऐलान, फिर होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की खबर और एक बार फिर शांति की उम्मीद से मार्केट में उतार के बाद चढ़ाव देखा जा रहा है. आज शेयर माकेट में जहां तेजी है, वहीं कमोडिटी मार्केट में भी महंगी धातुओं के दाम में उछाल दिख रहा है. इधर स्टॉक मार्केट चढ़ा और उधर सोना-चांदी भी करीब 6,500 रुपये तक महंगे हो गए. MCX पर सोने के भाव 1,350 रुपये तक बढ़ गए, जबकि चांदी करीब 5,000 रुपये तक महंगी हो गई. सोमवार सुबह 11:30 बजे के आसपास ये हाल रहा.
MCX पर सोने-चांदी के भाव?
सोमवार की दोपहर 12:30 बजे MCX पर 5 अगस्त 2026 की डिलीवरी वाला सोना (MCX Gold Price) 0.92% या 1,348 रुपये की तेजी के साथ 1,48,551 रुपये के भाव पर ट्रेड करता दिखा. वहीं 3 जुलाई की डिलीवरी वाली चांदी (MCX Silver Price) में 2.21% या 5,150 रुपये की तेजी देखने को मिली. चांदी फिर से 2.38 लाख के पार पहुंच गई है. सोमवार दोपहर 12:30 बजे चांदी 2,38,350 रुपये के भाव पर ट्रेड करती दिखी.
सोने-चांदी पर क्या है एक्सपर्ट की राय?
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि MCX गोल्ड ने 1,46,000 रुपये के आसपास गैप-डाउन शुरुआत की, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी आने से इसमें तेजी लौट आई और भाव 1,48,000 से 1,48,400 रुपये के रेजिस्टेंस जोन तक पहुंच गए. यदि कीमतें इस दायरे के ऊपर बनी रहती हैं तो रिकवरी बढ़कर 1,49,500-1,50,000 रुपये और उसके बाद 1,51,000 रुपये तक जा सकती है. वहीं, नीचे की ओर 1,46,000 से 1,45,600 रुपये का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट है. इस स्तर के नीचे गिरावट आने पर भाव 1,45,000 रुपये तक जा सकते हैं.
एक्सपर्ट के अनुसार, फिलहाल बाजार का रुख सतर्क बना हुआ है, हालांकि हालिया रिकवरी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. तेजी को मजबूती देने के लिए कीमतों का 1,48,000 रुपये के ऊपर टिकना और 1,50,000 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को फिर से हासिल करना जरूरी होगा.
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि MCX सिल्वर ने 2,37,000 रुपये के आसपास गैप-अप शुरुआत की, जो बाजार में मजबूती का संकेत है. यदि कीमतें 2,37,000 से 2,38,000 रुपये के रेजिस्टेंस जोन को पार कर लेती हैं तो तेजी बढ़कर 2,40,000 से 2,42,000 रुपये तक जा सकती है. वहीं, 2,35,000 से 2,34,000 रुपये के नीचे गिरावट आने पर भाव 2,32,000 रुपये और फिर 2,30,000 रुपये तक फिसल सकते हैं. फिलहाल बाजार स्थिर होने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मजबूत तेजी के लिए 2,40,000 रुपये के ऊपर टिकना जरूरी होगा. सपोर्ट टूटने पर दोबारा बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है.
ऊर्जा क्षेत्र की बात करें तो, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 3 प्रतिशत गिरकर लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.
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