Gold Silver Prices Today: सोना-चांदी के भाव में इन दिनों लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. बड़ी संख्या में निवेशक भी कन्फ्यूज हैं कि सोना-चांदी आने वाले दिनों में चढ़ेगा या गिरेगा. आज 27 अप्रैल, सोमवार को कमोडिटी मार्केट (MCX) खुलते ही सोना-चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई. MCX पर सोना का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,52,699 रुपये के मुकाबले1,52,695 रुपये पर खुला. वहीं चांदी का 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट अपनी पिछली क्लोजिंग 2,44,636 रुपये के मुकाबले 2,43,675 रुपये पर खुला. सुबह 11:35 बजे सोना 0.21 फीसदी या 317 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,382 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा था, वहीं चांदी 0.53 फीसदी या 1,290 रुपये की गिरावट के साथ 2,43,346 रुपये/किलो के भाव पर ट्रेड करती दिखी.

Gold Silver Prices Live Updates
एक साल में शानदार रिटर्न, लेकिन...
वैश्विक अस्थिरता के बीच सोने और चांदी ने बीते एक साल में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. डॉलर में बीते एक वर्ष में सोने 40 प्रतिशत से ज्यादा, छह महीनों में 18 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है. वहीं, चांदी ने बीते एक साल में 128 प्रतिशत से ज्यादा और बीते छह महीने में 61 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न निवेशकों को दिया है. इस साल फरवरी के आखिरी हफ्ते में सोने-चांदी ने ऑल टाइम हाई का रिकॉर्ड बनाया था. हालांकि मिडिल ईस्ट वॉर के बीच सोने-चांदी का अलग ही ट्रेंड देखने को मिला है. युद्ध के माहौल में जहां, सोने-चांदी के दाम लगातार बढ़ते हैं, वहीं इस बार ऐसा नहीं हो रहा. इसके पीछे की वजह एक्सपर्ट मार्केट में वॉलेटिलिटी और डॉलर बेस्ड इन्वेस्टमेंट को बताते हैं.
सोने-चांदी की चाल पर एनालिस्ट्स की राय
विश्लेषकों का कहना है कि छुट्टियों के कारण छोटे रहे इस सप्ताह में सोने और चांदी की कीमतों में कुछ बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है. कारोबारी इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता, कच्चे तेल की दरों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले पर नजर रखेंगे.
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के ईबीजी - कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च के उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा, 'इस हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की प्रगति और तेल, सोने और व्यापक वित्तीय बाजारों पर उनके संभावित प्रभाव पर रहेगा.'
आर्थिक मोर्चे पर, कारोबारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान, बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के मौद्रिक नीति निर्णयों की निगरानी करेंगे. इसके अलावा, सप्ताह के अंत में आवास, व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति और उपभोक्ता विश्वास पर प्रमुख अमेरिकी डेटा के साथ-साथ प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के फैक्ट्री गतिविधि के आंकड़े भी बाजार की धारणा को दिशा देंगे.
ये भी पढ़ें: गर्मी बढ़ा रही बेरोजगारी! 3.4 करोड़ नौकरियों पर खतरा, 100 रुपये में सीधे 40 का नुकसान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं