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India-US Trade Deal के बाद इन 6 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की तैयारी में भारत, क्‍या सस्‍ता होगा सोना?

भारत से खाड़ी सहयोग परिषद देशों को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में इंजीनियरिंग साजो-सामान, चावल, वस्त्र, मशीनरी, रत्न और आभूषण शामिल हैं. जबकि खाड़ी सहयोग परिषद से आयात होने वाली प्रमुख वस्तुओं में कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस-एलएनजी, पेट्रोकेमिकल्स और सोने जैसी कीमती धातुएं शामिल हैं.

India-US Trade Deal के बाद इन 6 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की तैयारी में भारत, क्‍या सस्‍ता होगा सोना?
Free Trade Agreement: अब इन देशों के साथ फ्री ट्रेड डील की तैयारी

अमेरिका के साथ ट्रेड डील फाइनल होने के बाद भारत ने अब 6 देशों वाली खाड़ी सहयोग परिषद (Gulf Cooperation Council) के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत तेज़ी से आगे बढ़ाने का फैसला किया है. खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) खाड़ी क्षेत्र के 6 देशों - सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन का एक मजबूत संघ है. इन देशों में भारतीय समुदाय के लगभग एक करोड़ व्यक्ति रहते हैं, और इस क्षेत्र में भारतीय कंपनियों की उपस्थिति से दोनों के बीच जन-संबंध और मज़बूत होने की उम्मीद है.

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, 'भारत-खाड़ी सहयोग परिषद मुक्त व्यापार समझौता (India-GCC FTA) भारत के व्यापार और वाणिज्य में दीर्घकालिक ऐतिहासिक संबंध रहे महत्वपूर्ण क्षेत्र के साथ व्यापार बढ़ाने और विस्तारित करने की अपार क्षमता प्रदान करता है'.

द्विपक्षीय कारोबार का आंकड़ा 178 बिलियन डॉलर के पार

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथ भारत का कुल द्विपक्षीय व्यापार 178.56 अरब डॉलर रहा, जो भारत के वैश्विक व्यापार का 15.42% है. इसमें भारत से निर्यात 56.87 अरब डॉलर और आयात 121.68 अरब डॉलर रहा.

पिछले पांच वर्षों में भारत का खाड़ी सहयोग परिषद के साथ व्यापार लगातार बढ़ा है,  इसकी वार्षिक औसत वृद्धि दर 15.3% रही है.

गुरुवार को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में भारत और खाड़ी सहयोग परिषद-जीसीसी के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संदर्भ शर्तों (Terms of Reference) पर हस्ताक्षर किए गए. वाणिज्य भवन में भारत की ओर से मुख्य वार्ताकार अजय भादू और खाड़ी सहयोग परिषद सचिवालय के मुख्य वार्ताकार डॉ. राजा अल मरज़ूकी ने संदर्भ शर्तों (Terms of Reference) पर हस्ताक्षर किए.

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, तय की गयीं संदर्भ शर्तें जीसीसी-भारत मुक्त व्यापार समझौता वार्ता ( negotiations) को निर्देशित करेंगे, और दोनों देशों के वार्ताकारों के बीच होने वाली बातचीत के दायरे और तौर-तरीके को तय करेंगे.

भारत और खाड़ी सहयोग परिषद के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वैश्विक हित में महत्वपूर्ण साबित होगा. यह समझौता निश्चितता और स्थिरता लाएगा, जिससे दोनों पक्षों के बीच संबंध और प्रगाढ़ होंगे. मुक्त व्यापार समझौते से वस्तुओं और सेवाओं का निर्बाध प्रवाह और निवेश आकर्षित होगा. साथ ही समझौते से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ने से दोनों पक्षों के बीच गहरे आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे.

पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री

 दूसरी ओर खाड़ी सहयोग परिषद का मानना है कि संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वार्ता की शुरुआत का प्रतीक है.

सोना भी हो सकता है सस्‍ता! 

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, 'भारत से खाड़ी सहयोग परिषद देशों को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में इंजीनियरिंग साजो-सामान, चावल, वस्त्र, मशीनरी, रत्न और आभूषण शामिल हैं. जबकि खाड़ी सहयोग परिषद से आयात होने वाली प्रमुख वस्तुओं में कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस-एलएनजी, पेट्रोकेमिकल्स और सोने जैसी कीमती धातुएं शामिल हैं. 

खाड़ी सहयोग परिषद देशों का सामूहिक रूप से 61.5 मिलियन लोगों (2024) का बाजार और मौजूदा कीमतों पर 2.3 ट्रिलियन डॉलर का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) है. इस श्रेणी में वह वैश्विक स्तर पर 9वें स्थान पर है. खाड़ी सहयोग परिषद क्षेत्र भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का भी महत्वपूर्ण स्रोत है. उसका भारत में सितंबर 2025 तक संचयी निवेश 31.14 बिलियन डॉलर से अधिक पहुंच गया है'.

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