दिल्ली-NCR में रियल एस्टेट निवेश की बात होते ही सबसे पहले दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम का नाम सामने आता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में फरीदाबाद भी निवेशकों और घर खरीदने वालों के लिए तेजी से उभरता हुआ बाजार बनकर सामने आया है. बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य शहरों की तुलना में अपेक्षाकृत किफायती कीमतों के कारण अब फरीदाबाद में जमीन, फ्लैट और प्लॉट, तीनों कैटगरी में निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि फरीदाबाद में किस तरह की संपत्ति खरीदना ज्यादा फायदेमंद रहेगा.
रियल एस्टेट जानकारों के अनुसार, यदि किसी निवेशक का लक्ष्य लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न हासिल करना है तो ग्रेटर फरीदाबाद और प्रमुख कनेक्टिविटी कॉरिडोर के आसपास विकसित हो रहे क्षेत्रों में प्लॉट और जमीन निवेश का अच्छा विकल्प हो सकते हैं. वहीं जो लोग स्वयं रहने के लिए घर खरीदना चाहते हैं, उनके लिए सेक्टर-75 से लेकर सेक्टर-89 तक के नए आवासीय सेक्टरों में विकसित हो रही संगठित हाउसिंग परियोजनाएं बेहतर सुविधाओं और आधुनिक जीवनशैली के साथ आकर्षक विकल्प प्रदान कर रही हैं.
इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और सुविधाओं से बढ़ी वैल्यू
फरीदाबाद में निवेश की संभावनाओं को मजबूत बनाने में कनेक्टिविटी की बड़ी भूमिका रही है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, मेट्रो नेटवर्क, एफएनजी कॉरिडोर और बेहतर सड़क संपर्क ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और अन्य एनसीआर शहरों तक पहुंच को पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान बना दिया है. इसके साथ ही शहर में शिक्षा, स्वास्थ्य, रिटेल और अन्य नागरिक सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ है, जिससे यह केवल औद्योगिक शहर नहीं बल्कि एक पूर्ण विकसित हाउसिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है.
आंकड़े भी इस बदलाव की पुष्टि करते हैं. एनारॉक की 'एनसीआर रेजिडेंशियल मार्केट व्यूपॉइंट्स Q1 2026' रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली तिमाही में एनसीआर की कुल आवासीय बिक्री में फरीदाबाद की हिस्सेदारी लगभग 10 प्रतिशत रही. इसी अवधि में शहर में आवासीय बिक्री (हाउसिंग एब्जॉर्प्शन) में साल-दर-साल 133 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई, जो यहां बढ़ती मांग को दर्शाती है.

संपत्तियों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. JLL की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली तिमाही में फरीदाबाद में आवासीय संपत्तियों के पूंजी मूल्य (रेजिडेंशियल कैपिटल वैल्यू) में तिमाही-दर-तिमाही 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं एनारॉक की वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, शहर में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमत लगभग 9,300 रुपये प्रति वर्ग फुट रही. इसके बावजूद फरीदाबाद आज भी गुरुग्राम और नोएडा की तुलना में बेहतर वैल्यू फॉर मनी उपलब्ध करा रहा है.
ओमैक्स ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित गोयल ने कहा फरीदाबाद अब केवल औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि एनसीआर के सबसे तेजी से उभरते रियल एस्टेट बाजारों में शामिल हो चुका है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, एफएनजी कॉरिडोर और बेहतर कनेक्टिविटी ने यहां निवेश की संभावनाओं को नई गति दी है. गुरुग्राम और नोएडा की तुलना में यहां अभी भी बेहतर वैल्यू पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध हैं, जिससे एंड-यूजर्स और निवेशकों दोनों की रुचि लगातार बढ़ रही है. सेक्टर-79 स्थित वर्ल्ड स्ट्रीट जैसे आधुनिक रिटेल और कमर्शियल हब फरीदाबाद में विकसित हो रहे नए शहरी इकोसिस्टम की तस्वीर पेश कर रहे हैं, जिससे आसपास के आवासीय क्षेत्रों की मांग भी लगातार बढ़ रही है. आने वाले वर्षों में आवासीय, रिटेल और वाणिज्यिक विकास के साथ फरीदाबाद एक मजबूत निवेश गंतव्य के रूप में और अधिक स्थापित होगा.
कहां जमीन में निवेश सही रहेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन क्षेत्रों में नई सड़क परियोजनाएं, औद्योगिक विकास और भविष्य की कनेक्टिविटी योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, वहां जमीन की कीमतों में आने वाले वर्षों में अच्छी बढ़ोतरी की संभावना है. हालांकि जमीन खरीदने से पहले कानूनी दस्तावेजों, भूमि उपयोग (लैंड यूज) और सरकारी स्वीकृतियों की पूरी जांच करना जरूरी है.
फरीदाबाद के रियल एस्टेट बाजार को आने वाले वर्षों में नमो भारत (आरआरटीएस) परियोजना से भी बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है. प्रस्तावित गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत कॉरिडोर से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी, जिसका सीधा असर शहर के आवासीय और व्यावसायिक बाजार पर पड़ने की संभावना है. ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत बाटा चौक जैसे इंटरचेंज पॉइंट के आसपास योजनाबद्ध तरीके से नए आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड-यूज) परियोजनाओं के विकास की योजना है.
करीब 64 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक शुरू करने और वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेटर फरीदाबाद सहित कॉरिडोर से जुड़े क्षेत्रों में पहले से विकसित हो रही हाईराइज आवासीय परियोजनाओं के साथ नए रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को भी इससे गति मिल सकती है, जिससे भविष्य में इन इलाकों की निवेश क्षमता और मजबूत होने की संभावना है.
भूमिका ग्रुप के सीएमडी उद्धव पोद्दार ने कहा फरीदाबाद में बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और योजनाबद्ध शहरी विकास रियल एस्टेट बाजार को नई दिशा दे रहे हैं. गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं शहर की निवेश क्षमता को और मजबूत करेंगी. खासकर ग्रेटर फरीदाबाद, बाटा चौक और प्रमुख कनेक्टिविटी कॉरिडोर से जुड़े क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक विकास की अच्छी संभावनाएं हैं. आने वाले वर्षों में यह शहर एंड-यूजर्स और निवेशकों, दोनों के लिए एनसीआर के सबसे आकर्षक रियल एस्टेट डेस्टिनेशन में शामिल हो सकता है.
अगर फरीदाबाद के उभरते रियल एस्टेट हॉटस्पॉट की बात करें तो शहर के कई इलाके तेजी से निवेशकों और डेवलपर्स की पहली पसंद बन रहे हैं. इनमें नहरपार (ग्रेटर फरीदाबाद), सूरजकुंड, ग्रीनफील्ड्स कॉलोनी, अशोका एन्क्लेव, चार्म्सवुड विलेज, मथुरा रोड के साथ-साथ सेक्टर 80, 81, 85, 86, 89, 98 और 99A प्रमुख हैं. इन क्षेत्रों में आधुनिक आवासीय परियोजनाओं के साथ स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक केंद्र तेजी से विकसित हो रहे हैं. दिल्ली और गुरुग्राम से बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे और सड़क नेटवर्क के अलावा प्रस्तावित मेट्रो विस्तार इन इलाकों की
निवेश क्षमता को आने वाले वर्षों में और मजबूत बना सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेटर फरीदाबाद और नए विकसित हो रहे सेक्टरों में आवासीय और वाणिज्यिक विकास की रफ्तार सबसे तेज है. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ती सामाजिक सुविधाओं और मजबूत कनेक्टिविटी के कारण ये इलाके एंड-यूजर्स के साथ-साथ निवेशकों के लिए भी आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहे हैं.
फ्लैट खरीदने वालों के लिए क्या बेहतर है?
यदि उद्देश्य स्वयं रहने का है या नियमित किराये की आय प्राप्त करना है, तो ग्रेटर फरीदाबाद के संगठित आवासीय प्रोजेक्ट बेहतर विकल्प माने जा रहे हैं. यहां क्लब, हरित क्षेत्र, सुरक्षा, स्कूल, अस्पताल और रिटेल सुविधाओं के साथ आधुनिक टाउनशिप विकसित हो रही हैं, जिससे एंड यूजर्स की मांग लगातार बढ़ रही है.
मकान या स्वतंत्र घर में निवेश किसके लिए?
जो खरीदार बड़े परिवार के साथ रहना चाहते हैं या भविष्य में स्वतंत्र संपत्ति का लाभ लेना चाहते हैं, उनके लिए विकसित सेक्टरों में स्वतंत्र मकान या प्लॉट लेकर निर्माण कराना बेहतर विकल्प हो सकता है. हालांकि इसमें शुरुआती निवेश अपेक्षाकृत अधिक होता है, लेकिन लंबे समय में मूल्य वृद्धि की संभावना भी बेहतर मानी जाती है.
अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल का कहना है कि फरीदाबाद का रियल एस्टेट बाजार अब केवल किफायती आवास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक संतुलित निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है. बेहतर सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर और सामाजिक बुनियादी ढांचे के विस्तार से यहां एंड-यूजर्स और निवेशकों दोनों का भरोसा मजबूत हुआ है. खासकर ग्रेटर फरीदाबाद और नए विकसित हो रहे सेक्टरों में योजनाबद्ध आवासीय परियोजनाएं भविष्य में बेहतर मूल्य वृद्धि और गुणवत्तापूर्ण जीवनशैली दोनों की संभावनाएं प्रदान कर रही हैं. यही कारण है कि आज फरीदाबाद एनसीआर के सबसे संभावनाशील रियल एस्टेट बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है.
(Disclaimer: ये रिपोर्ट केवल आपकी जानकारी के लिए है. इसमें एक्सपर्ट्स के विचारों से NDTV का सहमत या असहमत होना जरूरी नहीं. इसे किसी भी तरह से निवेश की सलाह नहीं माना जाए.)
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