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EPFO Alert: कहीं आपकी सैलरी से तो नहीं कट रहा ज्यादा पैसा? तुरंत चेक करें अपनी पीएफ पासबुक

EPFO Pension Rules: अगर आपकी पहली नौकरी में बेसिक सैलरी 15 हजार रुपये से ज्यादा थी, तो आपका पैसा पेंशन फंड के लिए नहीं कंपनी नहीं काट सकतीं. जानिए क्या है ईपीएफओ का पूरा नियम और गलत पैसा कटने पर कहां शिकायत करें.

EPFO Alert: कहीं आपकी सैलरी से तो नहीं कट रहा ज्यादा पैसा? तुरंत चेक करें अपनी पीएफ पासबुक
EPFO Pension Rules: पेंशन फंड को लेकर ईपीएफओ ने कर्मचारियों का कंफ्यूजन दूर किया है.

EPFO Pension Rules: आप नौकरी में हैं और पीएफ कटता है तो इस खबर को जरा ध्यान से पढ़ें.  ईपीएफओ ने सोशल मीडिया पर एक जरूरी जानकारी जारी की है, जिससे पीएफ और पेंशन से जुड़े हर कंफ्यूजन को दूर किया जा सके. संगठन ने साफ बताया है कि एम्पलाई पेंशन स्कीम में कौन‑कौन से कर्मचारी शामिल होते हैं और किन लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जाता. अक्सर देखा जाता है कि कर्मचारी ये नहीं समझ पाते कि उनकी सैलरी से पेंशन का पैसा क्यों कटता है. इसी समस्या को देखते हुए ईपीएफओ ने साफ किया कि अगर आप EPS के दायरे में नहीं आते और फिर भी आपकी कंपनी पेंशन के नाम पर पैसा काट रही है, तो ये आपके लिए चिंता की बात है. क्योंकि इसका सीधा असर आपकी हाथ में मिलने वाली सैलरी और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसे पर पड़ता है.

क्या है ईपीएफओ का नियम

ईपीएफओ के अनुसार अगर आपने अपनी पहली नौकरी शुरू करते समय आपकी बेसिक सैलरी के साथ डीए को मिलाकर 15,000 रुपये से ज्यादा थी, तो आप कर्मचारी पेंशन योजना में नहीं आते हैं. मतलब ऐसे कर्मचारियों का पैसा सिर्फ प्रोविडेंट फंड खाते में ही जाना चाहिए, पेंशन खाते में नहीं.

प्रोविडेंट फंड और पेंशन फंड का पूरा गणित समझें

अमूमन जब कोई कर्मचारी नौकरी करता है, तो उसकी बेसिक सैलरी और डीए का 12% पैसा पीएफ में जाता है और उतना ही 12% कंपनी भी देती है. लेकिन कंपनी के इस 12% पैसे को दो हिस्सों में बांटा जाता है, पहला 8.33% पेंशन में और दूसरा 3.67% प्रोविडेंट फंड में. समझने वाली बात यहां ये है कि पेंशन में जाने वाले पैसे के लिए सरकार ने सैलरी की एक लिमिट 15,000 रुपये फिक्स की है. अब जब किसी कर्मचारी की शुरुआत ही 15,000 रुपये से ज्यादा बेसिक सैलरी से होती है, तो वो पेंशन फंड का हिस्सा नहीं बन सकता. ऐसे में कंपनी का पूरा 12% योगदान सीधे उसके पीएफ अकाउंट में ही जाना चाहिए, पेंशन फंड में नहीं.

क्या आपकी सैलरी से अभी काटा जा रहा पेंशन का पैसा?

अगर आपकी सैलरी 15 हजार रुपये से ज्यादा है लेकिन इसके बाद भी कंपनी सैलरी में से पेंशन का डिडक्शन कर रही हैं तो ईपीएफओ की बताई ये जानकारी आपके काम आ सकती है.  ईपीएफओ ने बताया कि पहले तो आप अपनी कंपनी से बात करें. इस समस्या के बारे में उन्हें बताएं और ठीक करने के लिए बोलें.

दूसरा समाधान ये कि अगर आपकी कंपनी इस मामले में आपकी बात नहीं सुनती, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. ईपीएफओ ने इसके लिए अपना ऑनलाइन शिकायत पोर्टल बनाया है, जिसे ईपीएफ ग्रीवेंस मैनेजमेंट सिस्टम कहते हैं. आप इस पोर्टल epfigms.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं. 

शिकायत करने के बाद अब क्या?

कंपनी या ईपीएफओ से सुधार कराने के बाद आपको पीएफ पासबुक पर ध्यान देने की जरूरत है. अगर आप पेंशन की स्कीम से बाहर हैं तो आपका पूरा पैसा ईपीएफ में जमा होगा. ईपीएफ पर मिलने वाला ब्याज आमतौर पर अच्छा होता है. रिटायरमेंट के बाद ये एक बड़ा लंपसम अमाउंट बन सकता है. 

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