EPFO Claim Settlement Record 2026: EPFO ने साल 2025-26 में सेटलमेंट का नया रिकॉर्ड बना दिया है. इस साल उसने 8.31 करोड़ पीएफ क्लेम पूरे किए, जबकि पिछले साल ये नंबर 6.01 करोड़ थे. यानी इस बार काफी ज्यादा लोगों का पीएफ समय पर मिला. इसकी वजह है नई तकनीक और अच्छा प्रोसेस. अब पीएफ निकालना आसान और जल्दी हो गया है. इस रिकॉर्ड से पता चलता है कि EPFO पहले से बेहतर तरीके से काम कर रहा है और लाखों‑करोड़ों कर्मचारियों को उनका पैसा बिना ज्यादा परेशानी के मिल रहा है.
ऑटो मोड ने किया कमाल
आंकड़ों को देखें तो सेटल किए कुल क्लेम्स में से 5.51 करोड़ क्लेम एडवांस के थे. सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि 71% से ज्यादा एडवांस क्लेम सिर्फ 3 दिन के अंदर ऑटो मोड से प्रोसेस किए गए. अब कर्मचारियों को अपने ही पैसे के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने या हफ्तों इंतजार करने की जरूरत नहीं रही है.
बिना झंझट डिजिटल सुविधाओं का फायदा
EPFO ने अपने प्रोसेस को इतना आसान बना दिया है कि अब क्लेम के लिए एंप्लॉयर की जरूरत ना के बराबर रह गई है, क्योंकि करीब 6.68 करोड़ मेंबर्स ने बिना चेक बुक या पासबुक की कॉपी अपलोड किए क्लेम लिया है. वहीं, 1.59 करोड़ मेंबर्स ने बिना एंप्लॉयर की मंजूरी के सीधे अपना बैंक अकाउंट लिंक किया. इसके अलावा 29.34 लाख लोगों ने अपनी प्रोफाइल खुद ही अपडेट की. नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर का सिरदर्द भी खत्म हो गया है, क्योंकि 70.55 लाख ट्रांसफर क्लेम ऑटो मोड में निपटाए गए हैं.
आ रहा 'E-PRAAPTI'
EPFO एक नया पोर्टल E-PRAAPTI शुरू करने जा रहा है. ये उन लोगों के बहुत काम आएगा जिनका पीएफ पैसा पुराने या बंद पड़े खातों में फंसा हुआ है. दरअसल होता ये है कि लोग नौकरी बदलने के बाद अपना पुराना पीएफ नंबर भूल जाते हैं, जिससे उनका जमा पैसा वहीं रह जाता है. E-PRAAPTI पोर्टल की मदद से ऐसे लोगों को अपना पुराना पीएफ ढूंढने में आसानी होगी.
इस नए प्लेटफॉर्म पर लोग आधार कार्ड से लॉगिन करके अपने पुराने पीएफ अकाउंट को सर्च कर सकते हैं. फिर वो इन अकाउंट को अपने चल रहे UAN नंबर से लिंक कर सकते हैं. शुरू में ये सुविधा मेंबर आईडी से चलेगी, लेकिन बाद में जिन लोगों को पीएफ नंबर याद नहीं है, वो भी अपनी पहचान बताकर पैसा निकाल या ट्रांसफर कर सकते हैं.
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