अगर आपने नौकरी छोड़ दी है, या जल्दी रिटायरमेंट ले लिया है या फिर PF अकाउंट में लंबे समय से कोई कॉन्ट्रीब्यूशन जमा नहीं हो रहा, तो यह खबर आपके बहुत काम की है. कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि नौकरी छोड़ने के बाद EPF अकाउंट पर ब्याज मिलता रहता है या बंद हो जाता है. अब EPFO ने खुद साफ कर दिया है कि 55 साल से पहले और 55 साल के बाद रिटायर होने वालों के लिए नियम अलग हैं. अगर समय रहते PF का पैसा नहीं निकाला गया, तो अकाउंट इनऑपरेटिव हो सकता है और ब्याज मिलना बंद हो जाएगा. तो चलिए फटाफट आसान भाषा में समझते हैं इसको लेकर क्या हैं EPFO के नियम...
EPF अकाउंट में कब तक मिलता है ब्याज?
EPF यानी एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड अकाउंट को EPFO द्वारा मैनेज किया जाता है. इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों योगदान करते हैं. इस रकम पर हर साल EPFO ब्याज देता है, जिसे वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद खातों में क्रेडिट किया जाता है.वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPFO ने 8.25% ब्याज दर बरकरार रखा है.
55 साल से पहले रिटायर हुए तो क्या होगा?
EPFO के मुताबिक अगर कोई कर्मचारी 55 साल की उम्र से पहले रिटायर हो जाता है, नौकरी छोड़ देता है या उसके PF अकाउंट में कॉन्ट्रीब्यूशन बंद हो जाता है, तब भी उसके EPF अकाउंट पर ब्याज मिलता रहेगा.लेकिन यह ब्याज सिर्फ 58 साल की उम्र तक ही मिलेगा. 58 साल पूरे होने के बाद अकाउंट को ‘इनऑपरेटिव' यानी निष्क्रिय माना जाएगा और फिर उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा.
55 साल या उसके बाद रिटायर हुए तो क्या हैं नियम?
अगर कोई कर्मचारी 55 साल या उसके बाद रिटायर होता है, तो उसका EPF बैलेंस रिटायरमेंट की तारीख से अगले 3 साल तक ब्याज कमाता रहेगा.
तीन साल की यह अवधि पूरी होने के बाद अकाउंट इनऑपरेटिव हो जाएगा और फिर उस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा. EPFO ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी यही जानकारी दी है.
Let's Decode Inoperative Accounts! 📷
— EPFO (@officialepfo) May 7, 2026
📷 Avoid interest loss.
Withdraw your EPF amount on time.#EPFO #EPFOWithYou #HumHainNa #InoperativeEPFAccount pic.twitter.com/OtsLD8nXan
‘इनऑपरेटिव अकाउंट' का क्या मतलब है?
जब किसी EPF अकाउंट में लंबे समय तक कोई नया कॉन्ट्रीब्यूशन नहीं आता और वह ब्याज पाने की तय सीमा पार कर लेता है, तब उसे इनऑपरेटिव अकाउंट कहा जाता है.ऐसे अकाउंट में जमा पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है, लेकिन उस पर आगे ब्याज नहीं जुड़ता. यानी आपकी रिटायरमेंट सेविंग्स की ग्रोथ रुक जाती है.
क्या PF में बिना कॉन्ट्रीब्यूशन भी ब्याज मिलेगा?
अगर कोई व्यक्ति 55 साल से कम उम्र का है और फिलहाल नौकरी में नहीं है या PF में कॉन्ट्रीब्यूशन नहीं कर रहा, तब भी उसका अकाउंट तुरंत इनऑपरेटिव नहीं माना जाएगा.EPFO के नियमों के अनुसार ऐसा अकाउंट ट्रांजैक्शन-लेस हो सकता है, लेकिन 58 साल की उम्र तक उस पर ब्याज मिलता रहेगा.
जल्दी रिटायरमेंट लेने वालों के लिए क्यों जरूरी है यह नियम?
कम उम्र में नौकरी छोड़ना या जल्दी रिटायरमेंट लेना कई बार फाइनेंशियल प्लानिंग को बिगाड़ कर सकता है. अगर नई नौकरी मिलने में समय लगता है, तो EPF कॉर्पस भी प्रभावित होता है.इसी वजह से कई लोग घबराकर PF का पैसा जल्दी निकाल लेते हैं, जबकि यह रकम रिटायरमेंट सिक्योरिटी के लिए बेहद अहम मानी जाती है. ऐसे में EPFO के नियमों को समझना जरूरी हो जाता है ताकि ब्याज का नुकसान न हो.
EPFO ने दी ये जरूरी सलाह
EPFO का कहना है कि कर्मचारी अपने EPF अकाउंट की स्थिति समय-समय पर चेक करते रहें. अगर अकाउंट लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाला है, तो समय रहते फैसला लेना जरूरी है. खासतौर पर 55 साल से पहले रिटायर होने वालों को यह समझना चाहिए कि उनका अकाउंट 58 साल तक ब्याज कमाएगा, जबकि 55 साल या उसके बाद रिटायर होने वालों को रिटायरमेंट के 3 साल के भीतर प्लानिंग करनी होगी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं