Zepto IPO UDRHP Reveal Facts: क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो (Zepto) के आगामी और बहुप्रतीक्षित IPO से पहले एक बड़ी खबर सामने आई है. कंपनी ने जो अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (UDRHP) सब्मिट किया है, उसके अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ED ने FEMA यानी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत जेप्टो के फाउंडर्स आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा को समन जारी किया था. ये कार्रवाई अप्रैल 2026 में की गई थी, जिसकी जानकारी कंपनी ने अपने UDRHP में दी है. हालांकि, इस समन से इतर जानकारी ये है कि कंपनी के प्रमोटर्स IPO में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचने जा रहे हैं.
मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास दाखिल इस अपडेटेड प्रोस्पेक्टस के मुताबिक, जेप्टो करीब 9,500 से 11,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की तैयारी में है.
ED के सामने पेश हुए थे आदित और कैवल्य
अपडेटेड DRHP के अनुसार, ED ने संस्थापकों को विदेशी निवेश, वित्तीय वर्ष 2020-21 की ऑडिटेड बैलेंस शीट, शेयरहोल्डिंग पैटर्न, ऋण और गारंटी के विवरण, आयकर रिटर्न और बैंक खातों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करने के लिए कहा था. आदेश का पालन करते हुए, कैवल्य वोहरा 17 और 22 अप्रैल को ED के सामने पेश हुए थे, जबकि आदित पालिचा 20 अप्रैल और 15 मई को.
जेप्टो ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने ED की मांग के अनुसार सभी जरूरी जानकारी, व्यापारिक समझौते और इनवॉइस सौंप दिए हैं. कंपनी को फिलहाल इस मामले में ED से कोई और सूचना नहीं मिली है, और कंपनी को उम्मीद है कि इससे भविष्य की व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा.
IPO का स्ट्रक्चर, जुलाई में लिस्टिंग की उम्मीद
पांच साल पुरानी इस यूनिकॉर्न कंपनी ने दिसंबर 2025 में SEBI के पास गोपनीय तरीके से दस्तावेज जमा किए थे और मई 2026 में इसे मंजूरी मिल गई. इस आईपीओ में 8,010 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि बाकी हिस्सा ओएफएस (OFS) का होगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी जुलाई में दलाल स्ट्रीट पर अपनी शुरुआत कर सकती है. ब्लिंकिट (एटरनल) और इंस्टामार्ट (स्वीगी) के बाद जेप्टो शेयर बाजार में उतरने वाला तीसरा बड़ा क्विक कॉमर्स खिलाड़ी होगा.
कंपनी की वित्तीय सेहत: घाटे के बीच रेवेन्यू में भारी उछाल
अपडेटेड प्रोस्पेक्टस से कंपनी के वित्तीय नतीजों की भी तस्वीर साफ हुई है.
- राजस्व (Revenue): वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) में जेप्टो का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 75.26% बढ़कर 7,497.64 करोड़ रुपये हो गया. पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए रेवेन्यू दोगुने से अधिक होकर 22,623.58 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
- घाटा (Net Loss): कंपनी ने चौथी तिमाही में अपने शुद्ध घाटे को घटाकर 1,538.67 करोड़ रुपये कर दिया (जो पिछले साल समान तिमाही में 1,831.91 करोड़ रुपये था). हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी का कुल घाटा बढ़कर 5,905.19 करोड़ रुपये हो गया.
- ऑर्डर और नेटवर्क: चौथी तिमाही में जेप्टो ने रोजाना औसतन 23.3 लाख ऑर्डर के साथ कुल 21 करोड़ ऑर्डर प्रोसेस किए. मार्च 2026 तक कंपनी के डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़कर 1,139 हो गई है और सालाना ट्रांसैक्टिंग यूजर्स 25% की बढ़त के साथ 4.79 करोड़ पर पहुंच गए हैं.
प्रमोटर्स नहीं बेचेंगे हिस्सेदारी, नेक्सस वेंचर्स सबसे बड़ा बिकवाल
इस आईपीओ की सबसे खास बात यह है कि सह-संस्थापक आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा (लजारस ट्रस्ट और द वोहरा ट्रस्ट के माध्यम से) अपनी हिस्सेदारी का बिल्कुल भी विनिवेश नहीं कर रहे हैं. वर्तमान में जेप्टो के प्रमोटर्स के पास कंपनी की कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 18.47% (यानी 2,32,79,48,161 इक्विटी शेयर) हिस्सा है.
इसके उलट, शुरुआती दिनों से संस्थागत निवेशक और वेंचर कैपिटल बैकर्स ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए करीब 11.35 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे. इसमें नेक्सस वेंचर्स (Nexus Ventures) अपनी दो संस्थाओं के माध्यम से 8.77 करोड़ से अधिक शेयर बेचकर सबसे बड़ा बिकवाल बनने जा रहा है. इसके अलावा रेजर वेंचर्स, कॉन्ट्रेरी जेडईपी होल्डिंग्स और कैसर फाउंडेशन भी अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे.
Sources: ANI, UDRHP, PTI
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