विज्ञापन

देश की प्रॉपर्टी पर जंग का साया, दिल्ली से लेकर मुंबई, देख लें 7 बड़े शहरों का हाल

अनरॉक की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट में टेंशन के चलते दिल्ली-एनसीआर के हाउसिंग मार्केट में जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान सेल में 17% की गिरावट दर्ज की गई है.

देश की प्रॉपर्टी पर जंग का साया, दिल्ली से लेकर मुंबई, देख लें 7 बड़े शहरों का हाल

मिडिल ईस्ट में जंग हो रही है और उसका असर यहां दिल्ली-एनसीआर की प्रॉपर्टी पर दिखाई दे रहा है. रियल एस्टेट कंसल्टेंट अनरॉक की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में दिल्ली-एनसीआर में घरों की बिक्री में पिछली तिमाही के मुकाबले 17 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है.

तिमाही आधार पर गिरावट, सालाना बढ़त

अनरॉक के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च 2026 के पीरियड में दिल्ली-एनसीआर में टोटल 15,985 यूनिट्स की सेल हुई है. अगर इसकी तुलना पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) से करें, तो तब 19,250 यूनिट्स बिकी थीं, जो इस बार की तुलना में 17% ज्यादा थीं. हालांकि एक पॉजिटिव बात ये रही है कि वार्षिक आधार पर मांग में 44 फीसदी का उछाल आया है. पिछले साल इसी पीरियड में केवल 11,120 यूनिट्स की बिक्री हुई थी. एक्सपर्ट का मानना है कि ये बढ़त लो बेस इफेक्ट यानी पिछले साल के कम आंकड़ों की वजह से ज्यादा दिखाई दे रही है.

delhi ncr housing sales dip 17 percent

delhi ncr housing sales dip 17 percent

पश्चिम एशिया में चल रही जंग का असर

अनरॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने बाजार की स्थिति पर कहा कि भारत के आवासीय क्षेत्र के लंबी अवधि में बुनियादी ढांचे अभी भी मजबूत हैं, लेकिन ईरान युद्ध के शॉर्ट टर्म झटके पहली तिमाही में साफ रूप से दिखाई दिए." युद्ध की वजह से पैदा हुई अनिश्चितता ने निवेशकों और खरीदारों के सेंटिमेंट्स पर असर डाला है. खासतौर पर मार्च के महीने में सेल हल्की देखी गई. पुरी ने आगे कहा कि मिडिल ईस्ट के देशों में रहने वाले एनआरआई भारतीय रियल एस्टेट में बड़ा निवेश करते हैं. जंग के बाद बने अनिश्चित माहौल की वजह से इन खरीदारों ने फिलहाल अपना निवेश रोके हुआ है, जिससे डिमांड कम हुई है.

बड़े 7 शहरों का हाल

सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि देश के 7 बड़े शहरों मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और कोलकाता में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला है. यहां जनवरी-मार्च के दौरान 1,01,675 यूनिट्स बिकीं, जो पिछली तिमाही (1,08,970 यूनिट्स) से 7% कम है. वैल्यू के लिहाज से भी 6 फीसदी की गिरावट आई है. पिछली तिमाही में 1.60 लाख करोड़ रुपये के घर बिके थे, जो इस तिमाही में घटकर 1.51 लाख करोड़ रुपये रह गए.

बाजार में K-शेप्ड रिकवरी

कॉन्शिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर के सीईओ ऋषि राज ने दिल्ली-एनसीआर के बाजार पर कहा कि डिमांड अभी भी है, लेकिन ये अब K-शेप्ड होती जा रही है. इसका मतलब है कि कुछ चुनिंदा माइक्रो-मार्केट्स और प्रीमियम कैटेगरी के प्रोजेक्ट्स में तो तेजी है, लेकिन दूसरे सेगमेंट खाली हैं. आज के खरीदार केवल घर नहीं, बल्कि लोकेशन और अनुभव की तलाश में हैं. वो उन्हीं डेवलपर्स पर भरोसा कर रहे हैं जिनकी बैलेंस शीट मजबूत है और जिनका ट्रैक रिकॉर्ड भरोसेमंद है.

भविष्य की उम्मीद

स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स के सेल्स एंड मार्केटिंग प्रेसिडेंट आशीष जेरथ का मानना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाजार में विकास की अपार संभावनाएं हैं. इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के बाद इन एरिया की कनेक्टिविटी और वैल्यू में भारी इजाफा होने की उम्मीद है. उनके अनुसार, एनसीआर का प्रॉपर्टी मार्केट अब धीरे-धीरे रियल डिमांड और इस्तेमाल की ओर बढ़ रहा है.

ये भी पढ़ें- Gold-Silver Prices: सोना-चांदी फिर सस्‍ता हुआ! अमेरिका में रातों-रात 3 फीसदी चढ़ा गोल्‍ड-सिल्‍वर पर भारत में गिर गए दाम, जानें 28 मार्च का ताजा भाव

ये भी पढ़ें: नोएडा एयरपोर्ट से बरसेगा पैसा! हर साल 1 लाख करोड़ रुपये आमदनी, 50 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com