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कैबिनेट का बड़ा फैसला: 10 साल में 100 नए एयरपोर्ट, 200 हेलिपैड, अपग्रेड UDAN योजना पर खर्च होंगे 28 हजार करोड़

कैबिनेट ने रिवाइज्ड UDAN योजना के तहत ₹28,840 करोड़ के मेगा प्लान को मंजूरी दी.सरकार 100 नए एयरपोर्ट बनाएगी, जिससे छोटे शहरों और पहाड़ी इलाकों तक सस्ती फ्लाइट्स कनेक्टिविटी पहुंचेगी.

कैबिनेट का बड़ा फैसला: 10 साल में 100 नए एयरपोर्ट, 200 हेलिपैड, अपग्रेड UDAN योजना पर खर्च होंगे 28 हजार करोड़
UDAN scheme Update: पिछले 9 वर्षों में 95 एयरपोर्ट, हेलिपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम से 663 रूट शुरू किए जा चुके हैं.
नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने देश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट ने संशोधित क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (Modified UDAN Scheme) को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत अगले 10 वर्षों (2026-27 से 2035-36) में 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे. इस पूरी योजना पर सरकार करीब ₹28,840 करोड़ खर्च करेगी. इसका मकसद छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों तक सस्ती और आसान हवाई यात्रा पहुंचाना है. 

100 एयरपोर्ट, 200 हेलिपैड, 441 एयरस्ट्रिप का होगा निर्माण

सरकार के मुताबिक रिवाइज्ड UDAN योजना के तहत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट, 200 हेलिपैड और 441 एयरस्ट्रिप तैयार किए जाएंगे. इससे उन इलाकों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ा जाएगा, जहां अभी तक एयर कनेक्टिविटी नहीं पहुंच पाई है.

टियर-2 और टियर-3 शहरों को मिलेगा बड़ा फायदा

इस योजना से खास तौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इससे लोकल बिजनेस, टूरिज्म और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. साथ ही आम लोगों के लिए हवाई यात्रा पहले से ज्यादा आसान और किफायती होगी.

दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में हेल्थकेयर सर्विस भी होंगी मजबूत

सरकार का कहना है कि बेहतर एयर कनेक्टिविटी से आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी, खासकर पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए. इससे क्षेत्रीय एयरपोर्ट और एयरलाइन ऑपरेटरों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.

कैबिनेट बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना के तहत अप्रयुक्त एयरस्ट्रिप्स को विकसित कर 100 एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, जिससे देश के कई नए क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा.

2016 में शुरू हुई थी UDAN योजना, अब तक 663 रूट हो चुके हैं शुरू

UDAN योजना की शुरुआत अक्टूबर 2016 में की गई थी. इसका उद्देश्य छोटे शहरों तक सस्ती हवाई यात्रा पहुंचाना था. पिछले 9 वर्षों में 95 एयरपोर्ट, हेलिपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम से 663 रूट शुरू किए जा चुके हैं, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार हुआ है.

इमिग्रेशन और वीजा सर्विस के लिए IVFRT योजना  का विस्तार

कैबिनेट ने इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को भी 31 मार्च 2026 के बाद अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. यह योजना अब 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी.इस योजना पर सरकार ₹1,800 करोड़ खर्च करेगी. इसका मकसद इमिग्रेशन और वीजा सर्विसेज को एडवांस बनाना और सिक्योर डिजिटल सिस्टम तैयार करना है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले और नेशनल सिक्योरिटी भी मजबूत हो सके. 

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