बजट 2026, शेयर बाजार में बहुत जोश नहीं भर पाया. हालांकि डिफेंस स्टॉक्स समेत कुछ शेयरों में उछाल देखा गया, लेकिन ओवरऑल मार्केट ठंडा रहा. इसमें शेयर बाजार निवेशकों को भी थोड़ा 'फटका' लगा है. फ्यूचर एंड ऑप्शंस में ट्रेडिंग करनेवालों को अब ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा, जबकि शेयर बायबैक (Share Buyback) पर भी अब निवेशकों को टैक्स देना पड़ेगा. इस बार के बजट को बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शेयर बाजार के निवेशकों, खासकर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में कारोबार करने वालों के लिए कड़े फैसलों का ऐलान किया है. सरकार ने बाजार में सट्टेबाजी को कम करने के उद्देश्य से सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में भारी बढ़ोतरी कर दी है.
हालांकि, निवेशकों के लिए एक छोटी राहत यह रही कि सरकार ने लॉन्ग टर्म (LTCG) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स में कोई नया बदलाव नहीं किया है.
F&O ट्रेडिंग हुई महंगी
नए प्रस्तावों के अनुसार, फ्यूचर्स (Futures) पर एसटीटी को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है. वहीं, ऑप्शंस (Options) पर इसे बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है. टैक्स में इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन ट्रेडर्स पर पड़ेगा जो रोजाना बड़े वॉल्यूम में ट्रेडिंग करते हैं.
शेयर बायबैक पर ज्यादा टैक्स
सरकार ने शेयर बायबैक (Buyback) के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है. अब बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर होने वाले लाभ को 'कैपिटल गेन' माना जाएगा. कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर अब प्रभावी रूप से 22 प्रतिशत टैक्स लगेगा.
नॉन-कॉरपोरेट प्रमोटर्स को बायबैक लेनदेन पर 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा. इसका उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाना और सभी शेयरधारकों के बीच अंतर को खत्म करना है.
ब्रोकरेज शेयरों में भारी गिरावट
वित्त मंत्री के इन ऐलानों के बाद शेयर बाजार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में हड़कंप मच गया. रविवार दोपहर तक बाजार में Angel One के शेयर 11% तक गिर गए थे, जबकि BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) 10.50% तक गिरा. ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म ग्रो (Groww) के शेयर 7.25% तक गिर गए, जबकि CDSL के शेयर 5.27% तक गिर गए. इस दौरान सेंसेक्स 913 अंक गिरकर 81,356 पर और निफ्टी 284 अंक फिसलकर 25,043 के स्तर पर पहुंच गया था.
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