
- नोएडा में पहली टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू की गई है
- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 70 करोड़ रुपये के निवेश से इस फैसिलिटी का उद्घाटन किया
- पहले चरण में 2.5 करोड़ यूनिट का उत्पादन होगा, जिससे 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा
भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार अग्रसर है. 15 अगस्त 2025 के दिन लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने भारत को आत्मनिर्भर बनने की तेजी पर बात की थी. इसी बीच देश में मोबाइल उपकरणों के लिए टेम्पर्ड ग्लास का निर्माण शुरू हो गया है. देश की पहली टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी नोएडा में शुरू हो गई है. ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी अमेरिकी कंपनी Corning Incorporated की मदद से भारत में टेम्पर्ड ग्लास बना रही है. यहां बने हाई क्वालिटी टेम्पर्ड ग्लास की सप्लाई घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय - दोनों बाजारों में की जाएगी. इस फैसिलिटी में स्क्राइबिंग, पॉलिशिंग, केमिकल टेम्परिंग, कोटिंग, प्रिंटिंग और लेमिनेशन शामिल हैं.
अश्विनी वैष्णव ने किया मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन
शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नोएडा में इस पहली टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया. इस फैसिलिटी की शुरुआत 70 करोड़ रुपये के निवेश के साथ हुई है. उद्गाटन करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा,
"टेम्पर्ड ग्लास मोबाइल फोन के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक उपकरण है. इसका देश में बनना मेक इन इंडिया की सफलता और पीएम मोदी के विजन की दिशा में एक बड़ा कदम है. भारत धीरे-धीरे मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले हर कंपोनेंट, जिसमें चिप्स, कवर ग्लास, लैपटॉप और सर्वर कंपोनेंट शामिल है, का निर्माण करेगा, जिससे देश इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित होगा".
'जल्द ही आएंगी मेक इन इंडिया चिप'
वैष्णव ने कहा, "जल्द ही एक मेक इन इंडिया चिप के आने की उम्मीद है, जो देश की आत्मनिर्भरता की यात्रा में एक और मील का पत्थर साबित होगी.
'मेक इन इंडिया टेम्पर्ड ग्लास का इस्तेमाल करें'
ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने कहा, "दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल फोन बाजारों में से एक होने के बावजूद, भारत टेम्पर्ड ग्लास के लिए आयात पर निर्भर रहा है. इस पहल के साथ, हम हाई क्वालिटी वाले प्रोडक्ट्स के साथ भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में इसके लिए डिमांड बनाना चाहते हैं. हमारी चाहते हैं कि प्रत्येक भारतीय मोबाइल फोन यूजर्स अपनी स्क्रीन की सेफ्टी के लिए बीआईएस प्रूफ और फॉग मार्किंग वाले मेक इन इंडिया टेम्पर्ड ग्लास का इस्तेमाल करे".
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी के मुताबिक भारत में टेम्पर्ड ग्लास का घरेलू बाजार 500 मिलियन से अधिक है, जिसका खुदरा मूल्य लगभग 20,000 करोड़ रुपये है, जबकि ग्लोबल मार्केट 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का है.
'भारत इलेक्ट्रॉनिक एसेसरीज मैन्युफैक्चरिंग का एक वैश्विक केंद्र बनेगा'
इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के अध्यक्ष पंकज महेंद्रू ने कहा, "इस प्रोडक्ट सेगमेंट में मैन्युफैक्चरिंग बहुत लेबर इंटेंसिव है. यह भारत के लिए एक अच्छा अवसर प्रदान करता है - न केवल अपनी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए, बल्कि एक बड़ा एक्सपोर्टर बनने के लिए भी. हाई क्वालिटी वाली मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर, हम MSMEs को समर्थन देने, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने और भारत के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देने की अपार संभावना देखते हैं, जिससे भारत इलेक्ट्रॉनिक एसेसरीज मैन्युफैक्चरिंग का एक वैश्विक केंद्र बन जाएगा."
पहले फेज के अंदर इस फैसिलिटी में 2.5 करोड़ यूनिट हर साल बनाई जाएंगी, जिससे 600 से अधिक लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा. दूसरे फेज में, 800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश के साथ इसकी क्षमता बढ़ाकर 20 करोड़ यूनिट हर साल कर दी जाएगी, जिससे 4,500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रोडक्शन वैल्यू 6 गुना बढ़ा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 11 साल में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रोडक्शन वैल्यू 6 गुना तक बढ़कर ₹11.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें ₹3 लाख करोड़ से अधिक का निर्यात और 25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है.
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