
- मैसूरु के पूर्व शाही परिवार की सदस्य प्रमोदा देवी ने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के दावे को गलत बताया है
- प्रमोदा देवी ने कहा कि चामुंडी पहाड़ी असल में हिंदुओं की ही है. यदुवंश के लोग यहां मुख्य रूप से पूजा करते हैं
- बानू मुश्ताक को दशहरा समारोह में बुलाने पर भाजपा के विरोध पर डीके शिवकुमार ने बयान दिया था
कर्नाटक के मैसूरु में चामुंडी पहाड़ी और चामुंडेश्वरी मंदिर को लेकर विवाद थम नहीं रहा है. अब मैसूरु का पूर्व शाही परिवार भी खुलकर सामने आ गया है. शाही परिवार की सदस्य प्रमोदा देवी वाडियार ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि चामुंडी पहाड़ी केवल हिंदुओं की नहीं हैं.
'दशहरा समारोह पर राजनीति बंद करें'
प्रमोदा देवी ने जोर देकर कहा कि चामुंडी पहाड़ी वास्तव में हिंदुओं की ही है. उन्होंने दशहरा समारोह पर राजनीति बंद करने की भी अपील की. शनिवार को मैसूरु में पत्रकारों से बात करते हुए प्रमोदा देवी ने कहा कि चामुंडी मंदिर में सभी अनुष्ठान और पूजा-पाठ हिंदू परंपराओं के अनुसार ही किए जाते हैं. चामुंडी मंदिर हिंदू अनुष्ठानों के अनुसार चलता है.
चामुंडी हिंदू देवी, यदुवंशी करते हैं पूजा
प्रमोदा देवी ने कहा कि चामुंडी हिंदू देवी हैं. यदु वंश के लोग उनकी विशेष रूप से पूजा करते हैं. इस वंश के लोगों के लिए देवी चामुंडेश्वरी मां की तरह हैं. उन्होंने कहा कि नेताओं को जो कहना है, कहें. उनके बयानों से कुछ भी नहीं बदलेगा.
70 साल से चल रहा कोर्ट में केस
उन्होंने कहा कि चामुंडी मंदिर को लेकर कानूनी लड़ाई अदालत में चल रही है. हालांकि एक सरकारी अथॉरिटी का गठन किया गया है, लेकिन आधिकारिक नहीं हुआ है. अदालत का फैसला आने के बाद सब कुछ साफ होगा. उन्होंने कहा कि यह मामला 70 साल से अदालत में है. मुझे यह देखकर दुख होता है कि मंदिर का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है.
बानू मुश्ताक को न्योते से हुआ विवाद
बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को दशहरा समारोह का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रण पर प्रमोदा देवी ने कहा कि इस मामले पर मेरी कोई व्यक्तिगत राय नहीं है. ऐसा क्यों किया गया, यह निमंत्रण देने वाले और आमंत्रित व्यक्ति को ही पता है. दशहरा को लेकर पहले ही काफी राजनीति हो चुकी है और अब इसे बंद होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सरकार का दशहरा समारोह हमारी पारंपरिक विरासत का हिस्सा नहीं है. हमारा परिवार दशहरा निजी तौर पर मनाता है. सरकार अपनी योजनाओं के अनुसार समारोह करती है. चूंकि हमारा परिवार अंबारी के लिए जिम्मेदार है, इसलिए हमारे परिवार का एक सदस्य समारोह में भाग लेता है.
चामुंडी पहाड़ी सिर्फ हिंदुओं की नहींः डीके
बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को दशहरा समारोह के उद्घाटन के लिए बुलाने भाजपा की आपत्तियों के जवाब में शिवकुमार ने कहा था कि चामुंडी पहाड़ी सिर्फ हिंदुओं की नहीं हैं. इसके बाद प्रमोदा देवी वाडियार ने एक बयान जारी करके शिवकुमार की टिप्पणी को असंवेदनशील और अनावश्यक बताया था.
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