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Air Taxi: दिल्‍ली-नोएडा-गुरुग्राम बस 10 मिनट में! एयर टैक्‍सी से हवा में उड़ते पहुंचेंगे दूसरे शहर, डिटेल में पढ़ें

देश में Air Taxi सेवा शुरू होते ही दिल्‍ली-नोएडा या गुरुग्राम से 100 किलोमीटर के दायरे में कहीं भी पहुंचना मिनटों में संभव हो जाएगा. विदेश या विदेशी कंपनी की बात नहीं कर रहा, बल्कि एक भारतीय स्‍टार्टअप कंपनी देश में ये सेवा शुरू करने वाली है.

Air Taxi: दिल्‍ली-नोएडा-गुरुग्राम बस 10 मिनट में! एयर टैक्‍सी से हवा में उड़ते पहुंचेंगे दूसरे शहर, डिटेल में पढ़ें
Air Taxi in India by IndiGo and Sarla Aviation: जल्‍द ही इस एयर टैक्‍सी सेवा की शुरुआत होने वाली है.

IndiGo Air Taxi: मेहरबान, कदरदान! सेंट्रल दिल्‍ली से ग्रेटर नोएडा जाना हो या फिर जेवर से ग्रुरुग्राम, न गाड़ी का इंतजार और न ही ट्रैफिक जाम. जी हां, न हों हैरान, कुछ ही मिनटों में पहुंचना होगा आसान. आप सोचेंगे, ये हम कैसी बातें करने लगे, ऐसी क्‍या चीज आ गई, भई! तो चौंकिए मत हम यहां न मेट्रो की बात कर रहे हैं,  न ही रैपिड रेल की. हम बात कर रहे हैं, देश में शुरू होने वाली एयरटैक्‍सी सेवा (Air Taxi Service) की.

ये सेवा शुरू होते ही दिल्‍ली-नोएडा या गुरुग्राम से 100 किलोमीटर के दायरे में कहीं भी पहुंचना मिनटों में संभव हो जाएगा. खास बात ये है कि कोई विदेशी कंपनी नहीं, बल्कि एक भारतीय स्‍टार्टअप कंपनी 'सरला एविएशन' देश में ये सेवा शुरू करने वाली है. इस कंपनी ने देश की टॉप एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने भी 10 करोड़ रुपये का निवेश किया है. सरला एविएशन ने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ये जानकारी शेयर की है. 

किसी महत्‍वपूर्ण मीटिंग से जल्‍दी पहुंचना जरूरी हो, घर से 30-50 किलोमीटर दूर एयरपोर्ट जाना हो या फिर मेडिकल इमरजेंसी के लिए दूर के या दूसरे शहर के बड़े अस्‍पताल जल्दी पहुंचना हो, ऐसी जरूरतों में एयर टैक्‍सी सर्विस बहुत काम आने वाली है. 

सब कुछ विस्‍तार से बताएंगे सबसे पहले यहां वीडियो देख लीजिए: 

दिल्‍ली-NCR, मुंबई या बेंगलुरु के लिए जरा सोच कर देखिए

  • आप सोचिए कि आप दिल्‍ली एयरपोर्ट उतरते हैं और आपको ग्रेटर नोएडा के ऑटो एक्‍सपो में आना हो. कार से पहुंचने में कई घंटे या फिर हो सकता है कि रश आवर यानी व्‍यस्त समय में ट्रैफिक जाम के चलते पूरा दिन खराब हो जाए. ऐसे में एयर टैक्‍सी काम का साबित हो सकता है.
  • सोचिए कि आप बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उतरते हैं और सड़क के लंबे सफर के बजाय, एयर टैक्‍सी के जरिये आप सीधे अपने गंतव्य के करीब स्थित 'वर्टीपोर्ट' (vertiport) से जुड़ जाते हैं. चाहे वह इंदिरानगर हो, व्हाइटफील्ड, इलेक्ट्रॉनिक सिटी या उससे आगे.
  • कल्पना कीजिए मुंबई का एक बिजनेस यात्री, जो CSMIA एयरपोर्ट पर उतरकर घंटों ट्रैफिक में बैठने के बजाय मिनटों में BKC पहुंच जाता है, जहां बड़ी-बड़ी कंपनियों के ऑफिस हैं.
  • या फिर सोचिए कि पुणे का एक मरीज है, जिसे मुंबई में तत्काल डॉक्‍टर की निगरानी की जरूरत हो और वह सड़क एम्बुलेंस के शहर की सीमा पार करने से पहले ही हवा में उड़ते हुए अस्पताल पहुंच जाता है.
  • ये सब कोई सपना नहीं है. इन्‍हीं जरूरतों ने तो सरला एविएशन को एयर टैक्‍सी सर्विस शुरू करे के लिए प्रेरित किया. अब इस कंपनी को देश की लीडिंग एयरलाइन इंडिगो का भी साथ मिल गया है.
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0-300 किलोमीटर के बीच एयर टैक्‍सी सेवा 

इंडिगो (IndiGo Ventures) के साथ आने की घोषणा करते हुए सरला एविएशन ने कहा, 'इंडिगो वेंचर्स ने कंपनी (Sarla Aviation) में एक स्ट्रैटजिक निवेश किया है. ये देश के पहले 'एयर टैक्सी' नेटवर्क के निर्माण की दिशा में पहला कदम है, जिसे विशेष रूप से उन 0-300 किमी के गलियारों (corridors) के लिए डिजाइन किया गया है. ये दूरी,  दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश में डेली लाइफ यानी रोजाना का हिस्सा है.  

इंडिगो ने कहा- निवेश सामान्‍य, कई उद्यमों में कर रखा है

सरला एविएशन के सोशल मीडिया पोस्‍ट से इतर, इंडिगो ने इस निवेश को सामान्‍य (as Usual) बताया है. सरला एविएशन में निवेश पर कंपनी का कहना है कि इंडिगो वेंचर्स अलग-अलग स्‍टार्टअप्‍स में निवेश करता रहता है और इसी कड़ी में एक छोटा निवेश इसमें भी किया है. कंपनी ने स्‍पष्‍ट किया है कि सरला एविएशन में किए गए इस निवेश को, उनकी eVTOL क्षमताओं यान Electric Vertical Take-Off and Landing के प्रति इंडिगो के समर्थन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. इसने ये भी स्‍पष्‍ट किया कि कंपनी सरला एविएशन के साथ किसी भी eVTOL उद्यम पर काम नहीं कर रही है. 

समस्‍या 100-200 किमी वाली, समाधान- एयर टैक्‍सी 

फिलहाल सरला एविएशन अपनी महत्‍वाकांक्षाओं को लेकर उत्‍साहित दिख रही है. कंपनी ने कहा, 'भारत ने सबसे बड़ा रेल नेटवर्क बनाया. तेजी से हाईवे और एक्‍सप्रेसवे बने. सबसे तेजी से बढ़ती एविएशन इंडस्‍ट्री खड़ी की. इतने के बाद हर दिन, हर बड़े शहर में, उस आवाजाही (mobility) में लाखों भारतीयों के लाखों घंटे खर्च हो जाते हैं, जिसके लिए इनमें से कोई भी सिस्टम नहीं बनाया गया था.

आगे कंपनी ने कहा, 'समस्या 'मध्यम दूरी' की है. 30 किमी का एयरपोर्ट ट्रांसफर. 100 किमी की इंटर-सिटी यात्रा. 200 किमी की आपातकालीन मेडिकल दौड़. ये ऐसी दूरी है, जो अपनी गाड़ी से तय करने के लिए बहुत लंबी है, पारंपरिक उड़ान के लिए बहुत कम है, और इंतजार करने के लिहाज से बहुत जरूरी है.' ऐसे में एयर टैक्‍सी बड़े काम आएगी. 

(नोट: इंडिगो की ओर से प्रतिक्रिया आने पर इसे खबर में शामिल किया गया है.)

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