हवाई सफर महंगा हो गया है. देश में कहीं सफर करना है तो टिकट के लिए 300 रुपये से 450 रुपये तक ज्यादा देना होगा. दुबई, सऊदी अरब, बहरीन या मिडिल ईस्ट के अन्य देशों के लिए 900 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे. चीन या दक्षिण पूर्व एशिया के दूसरे देशों के साथ-साथ अफ्रीकन देशों का टिकट 1,800 रुपये तक महंगा हो गया है, जबकि यूरोप की उड़ान के लिए आपको 2,300 रुपये तक ज्यादा देने होंगे. देश की प्रमुख एयरलाइन्स में शामिल एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने फ्लाइट टिकट महंगे कर दिए हैं. वजह है- फ्लाइट का ईंधन यानी ATF का महंगा होना.
तेल मार्केटिंग कंपनियों ने इस महीने ATF के दाम 5,500 रुपये तक बढ़ा दिए हैं और इसलिए दोनों प्रमुख एयरलाइन कंपनियों ने फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) लागू कर दिया है. ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे तेल कंपनियों ने मध्य-पूर्व में तेल आपूर्ति में आए बड़े व्यवधान को कारण बताया है.
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ATF के दाम 5,500 रुपये तक बढ़े
इसी महीने तेल मार्केटिंग कंपनियों ने ATF के दाम करीब 5,500 रुपये तक बढ़ा दिए हैं. 1 मार्च से बढ़ी हुई कीमतें लागू हैं. IOCL के मुताबिक, दिल्ली में कीमतें 91,393.39 रुपये से बढ़ कर 96,638.14 रुपये/किलोलीटर हो गई हैं.

वहीं कोलकाता में ATF के दाम 94,445.62 रुपये से बढ़कर 99,587.14 रुपये हो गए हैं. मुंबई में ATF, जो 28 फरवरी तक 85,474.63 रुपये/किलोलीटर के भाव मिल रहा था, वो 1 मार्च से 90,451.87 रुपये/किलोलीटर हो गया है. चेन्नई में तो ATF का भाव 94,781.99 रुपये से बढ़कर 1,00,280.49 रुपये/किलोलीटर हो गया है.
इंडिगो ने कहां के लिए कितना बढ़ा दिया किराया?
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने घरेलू यात्रा के लिए 425 रुपये, मध्य-पूर्व के लिए 900 रुपये, दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन की यात्रा के लिए 1,800 रुपये, अफ्रीका और पश्चिम एशिया के लिए भी 1,800 रुपये, जबकि यूरोप की यात्रा के लिए 2,300 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगाया है.

एयरलाइन ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक मुद्दों के कारण ईंधन की कीमतों में हुई भारी वृद्धि को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. आईएटीए (IATA) के जेट फ्यूल मॉनिटर के अनुसार, इस क्षेत्र में ईंधन की कीमतों में 85% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है.'
एयर इंडिया ने भी सरचार्ज लागू कर दिया
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी अपने टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है. फ्यूल सरचार्ज चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. पहले चरण में 12 मार्च से घरेलू उड़ानों और दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) देशों के लिए जाने वाली उड़ानों पर प्रति टिकट 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज जोड़ा जाएगा.

शुल्क का दूसरा चरण 18 मार्च से लागू होगा, जो मुख्य रूप से यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी करेगा. तीसरे चरण की शुरुआत की तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन यह सुदूर पूर्व (Far East) जैसे कि हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया पर लागू होगा.
एयर इंडिया ने अपनी विज्ञप्ति में कहा था, 'मार्च 2026 की शुरुआत से ही एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF), जो एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% होता है, आपूर्ति में बाधा के कारण इसकी कीमतों में भारी उछाल आया है. भारत में, दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में एटीएफ पर उच्च उत्पाद शुल्क और वैट (VAT) के कारण यह दबाव और बढ़ गया है, जिससे एयरलाइन की ऑपरेटिंग इकोनॉमी पर काफी दबाव पड़ रहा है.'

क्या फ्यूल सरचार्ज लगाना मजबूरी?
एविएशन इंडस्ट्री का कहना है कि 15 दिन पहले पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद से देश में ATF की कीमतें, कच्चे तेल की कीमतों के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ी हैं. जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल को एटीएफ में बदलने की लागत में बड़ा बदलाव नहीं होने के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों का जेट फ्यूल पर मार्जिन काफी बढ़ गया है. अब चूंकि एटीएफ आमतौर पर किसी एयरलाइन के परिचालन खर्चों का करीब 40 प्रतिशत होता है, इसलिए जेट ईंधन की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी ने हवाई किराया बढ़ा दिया है और कुछ एयरलाइनों को अब यात्रियों से 'फ्यूल सरचार्ज' लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
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