8th Pay Commission Latest Updates: आठवें वेतन आयोग की सबसे बड़ी एक्सरसाइज शुरू हो चुकी है. तमाम कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने ऑनलाइन मेमोरेंडम में जो मांगें की हैं, जो भी सुझाव दिए हैं, उन पर आयोग मंथन कर रहा है. इसी के साथ अलग-अलग शहरों में बैठकों में संगठनों ने जो सुझाव और मांगें सामने रखीं, उनपर भी विचार किया जा रहा है. हालिया बैठक पिछले दिनों उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई. इसमें कर्मचारी संगठनों ने सैलरी, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर समेत कई विषयों पर अपनी बातें रखीं. आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) की टीम ने दो दिन तक सुबह से शाम तक अधिकारियों-कर्मचारियों के संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर उनके सुझाव लिए. इसमें संगठनों ने वेतन, पेंशन, भत्तों के साथ ही वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Salary Hike), अनुग्रह राशि बढ़ाने जैसी मांगें की हैं. आइए जानते हैं, 8वें वेतन आयोग की हालिया मीटिंग में क्या-क्या हुआ.
फिटमेंट फैक्टर, मिनिमम सैलरी, पेंशन और भत्ता
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के नेशनल प्रेसिडेंट ND द्विवेदी की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल ने फिटमेंट फैक्टर 3.93 रखे जाने की मांग की.
- संगठन ने इसी के साथ जूनियर इंजीनियर्स की मिनिमम सैलरी 1.39 लाख रुपये करने की मांग की. एनुअल इंक्रीमेंट यानी वार्षिक वेतन वृद्धि को 3 से बढ़ाकर 6 फीसदी किए जाने की मांग की गई है.
- संगठन ने अतिरिक्त योग्यता के लिए 10 फीसदी भत्ता दिए जाने की मांग की है. वहीं, ये भी सुझाव दिया है कि केंद्रीय कर्मियों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 10,000 रुपये महीने दिए जाएं.
- 8वें वेतन आयोग से HRA यानी मकान किराया भत्ता शहरों की कैटगरी X, Y औैर Z के अनुसार 45 प्रतिशत, 40 प्रतिशत और 35 प्रतिशत रखे जाने का सुझाव दिया गया है.
- इंजीनियर्स के इस फेडरेशन ने वर्तमान पे-लेवल छह, सात और आठ को एक साथ मर्ज किए जाने का सुझाव दिया. इसी तरह लेवल नौ और 10 को भी एक साथ मर्ज किए जाने का सुझाव दिया. पुरानी पेंशन बहाल किए जाने का मुद्दे पर भी बात हुई है.
घर बनाने को 2 करोड़ तक, गाड़ी के लिए 15 लाख एडवांस मिले
- केंद्रीय कर्मियों को नया घर खरीदना हो या फिर घर बनवाना हो, इसके लिए संगठन ने मांग की है कि उन्हें एडवांस के तौर पर अधिकतम 2 करोड़ रुपये दिए जाएं.
- वहीं कार खरीदने के लिए भी एडवांस यानी अग्रिम के तौर पर मैक्सिमम लिमिट 15 लाख रुपये किए जाने की मांग की गई है.
छुट्टियों के मामले में क्या मांगें रखी गईं?
- कर्मचारियों के लिए लीव पॉलिसी में भी बदलाव का सुझाव दिया गया है. इसमें इमरजेंसी लीव यानी आकस्मिक अवकाश 15 दिन का करने की मांग की गई.
- वहीं अर्जित अवकाश (Earned Leave) की सीमा 300 से बढ़ाकर 600 दिन किए जाने की भी मांग की गई है. साथ ही मातृत्व अवकाश के 240 दिन के साथ ही 45 दिन का पितृत्व अवकाश के प्रावधान रखने का भी सुझाव दिया गया.
कर्मचारी के निधन पर परिवार को मिले 2 करोड़
- संगठन ने बैठक में सुझाव दिया कि ड्यूटी के दौरान अगर किसी कर्मचारी का निधन हो जाता है तो उसके परिवार को, आश्रित को दी जाने वाली अनुग्रह राशि की अधिकतम 25 लाख रुपये को बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किए जाए.
प्रमोशन और ग्रेच्युटी की लिमिट पर क्या बातें हुईं?
- LTC सुविधा में 4 साल में एक बार देश में, जबकि पूरे सेवा काल में 2 बार अंतरराष्ट्रीय सुविधा दिए जाने का सुझाव दिया गया है. प्रमोशन के मुद्दे पर भी बात हुई.
- संगठन ने 6 साल, 12 साल, 18 साल, 24 साल और 30 साल की सेवा अवधि पर पांच बार प्रोन्नति देने की मांग की. वहीं दूसरी ओर ग्रेच्युटी की मैक्सिमम लिमिट 75 लाख रुपये किए जाने का सुझाव दिया.
इन संगठनों ने भी सामने रखे प्रस्ताव
अखिल भारतीय वेतन और वरिष्ठ लेखा अधिकारी संगठन ने चौथे, पांचवें, छठे और सातवें वेतन आयोग की ओर से विभिन्न लेखा संगठनों के लिए समान वेतनमान और सेवा शर्तों की संस्तुति किए जाने के बावजूद केंद्रीय सिविल लेखा सेवा अधिकारियों के वेतनमान की विसंगतियों दूर करने की मांग रखी. साथ ही पदानुक्रम की विसंगतियां भी दूर करने का सुझाव दिया. इस संगठन की ओर से प्रेसिडेंट गीतांजलि और महासचिव कौशल मिश्रा ने आयोग के सामने अपने सुझावों और मांगों को रखा.
दूसरी ओर एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल डायरेक्टोरेट ऑफ ऑर्डिनेंस फैक्ट्री हास्पिटल एसोसिएशन भी इन बैठकों में शामिल हुआ. इसके प्रेसिडेंट कौशल श्रीवास्तव की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल ने सैलरी और भत्ते बढ़ाए जाने को लेकर अपनी बात रखी.
ये भी पढ़ें: UPI से PF का पैसा कब से निकाल पाएंगे, श्रम मंत्रालय के अधिकारी ने NDTV को बताया- कैसे क्या करना होगा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं