भारत के मेडिकल टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रहा है. वहीं एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के मेडिकल टेक्नोलॉजी में साल 2030 तक 35 अरब डॉलर के अवसर उपलब्ध होने की संभावना है. वहीं यह भी कहा गया है कि इस दौरान मेडिकल मशीनों का निर्यात बढ़कर 8 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. बेन एंड कंपनी की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. कंपनी ने जानकारी दी है कि भारत में मेडिकल मशीनों के निर्यात में बढ़ती एशिया-प्रशांत क्षेत्र के मेडिकल टेक्नोलॉजी परिवेश में देश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है.
बेन एंड कंपनी की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत जैसे उच्च वृद्धि वाले बाजारों सहित एशिया-प्रशांत क्षेत्र चिकित्सा प्रौद्योगिकी के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मांग केंद्रों में से एक बन रहा है. यह रिपोर्ट बेन एंड कंपनी ने एजेंसी फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च (एस्टार), एंटरप्राइज सिंगापुर, जेपी मॉर्गन, एसजी ग्रोथ कैपिटल और सिंगापुर आर्थिक विकास बोर्ड के सहयोग से तैयार की है.
मेडिकल टेक्नोलॉजी में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा
बेन एंड कंपनी इंडिया में स्वास्थ्य सेवा एवं जीवन विज्ञान क्षेत्र के प्रमुख और साझेदार ध्रुव सुखरानी ने कहा, 'भारत का मेडिकल टेक्नोलॉजी क्षेत्र एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर के करीब पहुंच रहा है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे भारत में अगले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवा की मांग 10-12 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़कर 320 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है, जिससे चिकित्सा प्रौद्योगिकी के लिए मजबूत आधार तैयार होगा.'
मेडिकल टेक्नोलॉजी में बड़ा अवसर
उन्होंने कहा, 'इससे अनुमान है कि वर्ष 2030 तक भारत के मेडिकल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 35 अरब डॉलर का बड़ा अवसर पैदा होगा. चिकित्सा उपकरणों का निर्यात भी 2030 तक हर साल 20 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़कर आठ अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.'
यह भी पढ़ेंः दिल्ली में अब GPA-पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर नहीं होगी घर-मकान-दुकान की रजिस्ट्री, नया नियम जान लें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं