पाकिस्तान क्रिकेट का कत्ल

18 साल बाद कीवी टीम पाकिस्तान आयी थी. रावलपिंडी में 3 वनडे के बाद लाहौर में 5 T20 खेले जाने थे. आज से सीरीज़ का आग़ाज़ होने जा रहा था.

पाकिस्तान क्रिकेट का कत्ल

शुक्रवार शाम की ओर बढ़ रहा था.  गुनगुनी धूप के बीच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम पर अपराह्न ख़ामोश था लेकिन रात को जश्न का इंतज़ार था. शोर सुनने के लिए कान क़रीब डेढ़ दशक से तरस गए थे.

18 साल बाद कीवी टीम पाकिस्तान आयी थी. रावलपिंडी में 3 वनडे के बाद लाहौर में 5 T20 खेले जाने थे. आज से सीरीज़ का आग़ाज़ होने जा रहा था. पिछले कई दिनों से आईसीसी, पीसीबी और ब्लैक कैप ऐतिहासिक मैच के बारे में ट्वीट कर माहौल बनाने में लगे पड़े थे. कप्तान ट्रॉफ़ी के साथ फ़ोटो सेशन करा चुके थे. 

कुछ उत्साही दर्शक स्टेडियम के बाहर पहुँच भी चुके थे और अंदर जाने के लिए गेट खुलने की प्रतीक्षा कर रहे थे.  टीवी पर मैच के पहले चर्चा का लाइव शो शुरु हो चुका था. गेंद-दर-गेंद मैच का हाल बताने वाले स्पोर्ट्स वेबसाइट प्लेइंग इलेवन पर बात कर रहे थे. आँकड़ों के आधार पर टीमों का विश्लेषण चल रहा था. जब घड़ी ने 1:40 बजाए तो लोगों का माथा ठनका. कोई भी खिलाड़ी मैदान पर नज़र नहीं आया जबकि अब तक वॉर्म-अप शुरु हो जाना चाहिए था.

सूइयों की रफ़्तार के साथ-साथ घड़ी की टिक-टिक की आवाज़ बढ़ती जा रही थी. टॉस में बस बीस मिनट रह गए थे. ख़बर आयी कि टीमें होटल में ही हैं. अफ़वाहों का बाज़ार गर्म होने लगा. कई वेरिफ़ाइड अकाउंट से ट्वीट किए गए कि 3 कीवी खिलाड़ियों को कोविड हो गया है. इस बीच दो बजे होने वाले टॉस का समय भी निकल गया. मैच शुरू होने के ठीक पहले बताया गया कि न्यूज़ीलैंड सरकार ने दौरा रद्द कर खिलाड़ियों को वापस बुला लिया है. 

न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुख्य कार्यकारी डेविड व्हाइट ने कहा कि उन्हें जो सलाह मिल रही थी, उसे देखते हुए दौरे को जारी रखना संभव नहीं था, "मैं समझता हूं कि यह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए एक झटका होगा, जो शानदार मेजबान रहा है. लेकिन खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और हमारा मानना ​​है कि यह एकमात्र विकल्प है.” 

पीसीबी ने अपने बयान में कहा गया, 'पीसीबी और पाकिस्तान सरकार ने सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम किए थे. कीवी टीम के साथ सुरक्षा अधिकारी सुरक्षा प्रबंधों से संतुष्ट थे. पीसीबी निर्धारित मैचों को जारी रखने को तैयार था. पाकिस्तान और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी आखिरी मिनट में सीरीज के स्थगित होने से निराश होंगे.'

पाकिस्तान में मानो धमाका हो गया. शोर किसी ने नहीं सुना लेकिन अहसास पूरे मुल्क को हुआ. इसकी गूंज पाकिस्तान क्रिकेट को लंबे समय तक सुनाई देगी. 

रमीज़ रजा इसी महीने पीसीबी यानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यभार सँभाला है. ज़ाहिर है उनके लिए ये बड़ा झटका है था. ग़ुस्से का ग़ुबार ट्विटर पर फटा.

‘ये पागलपन है. क्रिकेट प्रेमियों और हमारे खिलाड़ियों के लिए मुझे बड़ा दुख हो रहा है. सुरक्षा के नाम पर एकतरफ़ा फ़ैसला कर सीरीज़ को रद्द करना बहुत निराशाजनक है. ख़ासकर जब बात साझा नहीं की जाती. किस दुनिया में है न्यूज़ीलैंड? आईसीसी में हम मामले को ले जाएँगे.'

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज रावलपिंडी एक्सप्रेस शोएब अख्तर ने  न्यूज़ीलैंड पर पाकिस्तान क्रिकेट का कत्ल करने का आरोप लगा दिया. शोएब अख्तर ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान क्रिकेट की हत्या कर दी है.' 

इधर ट्विटर पर दोनों देश के क्रिकेट प्रशंसक लड़ पड़े. पाकिस्तान के समर्थकों ने आरोप लगाया कि बीसीसीआई ने आईपीएल में खेलने के लिए न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ियों पर दबाव बना रही थी. जबकि भारतीय फैंस तर्क दे रहे थे कि आईपीएल में खेलने वाले खिलाड़ी पाकिस्तान दौरे पर गयी टीम में शामिल नहीं थे.

आज रावलपिंडी का ज़िक्र होने से सोई हुई भावनाएँ अँगड़ाइयाँ लेने लगी हैं. यादें कलम के जरिए कागज पर उतरने के लिए कुलांचे भर रही हैं. दरअसल 15 साल पहले रावलपिंडी की रवानी मैं ख़ुद अपनी आँखों से देख आया हूँ. याददाश्त के पटल से बहुत बातें मिट चुकी हैं, फिर भी अतीत के पन्नों को पढ़ने और पलों को टटोलने की कोशिश करता हूं. साल 2006 का जनवरी-फ़रवरी का महीना रहा होगा.  मैं, मेरे कैमरामैन सजीलाल बीएस और अंग्रेजी चैनल के मेरे सहयोगी रोहण व्यवहारकर पाकिस्तान के लिए रवाना हुए. एक और सहयोगी अफशां अंजुम कुछ कारणवश हमारे साथ नहीं आ पाईं. वे बाद में आईं. तब न्यूज़ टेलीविजन चैनल्स का शैशव काल ही चल रहा था. टेलीविजन पर बहस की शुरुआत नहीं हुई थी. शायद समय भी ऐसा नहीं था कि हर रोज तीखी और भड़काऊ बहस के लिए मुद्दा मिल पाए. खबरों पर ज्यादा जोर था. पैसे की कमी नहीं थी. लिहाज़ा किसी भी कवरेज के लिए बड़ी टीम भेजी जाती थी. टीआरपी की रेस में क्रिकेट की लोकप्रियता को हर कोई भुनाना चाहता था. हमारे चैनल के संस्थापक खुद भी क्रिकेट के बड़े शौकीन रहे हैं और ये तो भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सीरीज़ थी. सो कवरेज के लिए बड़ी टीम भेजी गई थी.

रावलपिंडी और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद ट्विन सिटीज़ हैं, दिल्ली-नोएडा या दिल्ली-गुड़गांव की तरह. रावलपिंडी पाकिस्तान का चौथा सबसे बड़ा शहर है. रावलपिंडी के पास ही है मारी हिल स्टेशन. यह इस्लामाबाद से 60 किलोमीटर दूर है. सन 1864 तक यह ब्रिटिश इंडिया के पंजाब प्रोविंस की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करती थी. इस्लामाबाद और रावलपिंडी के लोगों का यह पसंदीदा 'वीकेंट गेटवे' है. क्रिकेट से समय निकालकर हम भी वहां गए. यहां आकर आप हिमालय के पीर पांजाल रेंज की खूबसूरती में डूब जाते हैं.

रावलपिंडी वनडे में भारत ने 7 विकेट से शानदार जीत दर्ज की. वीरेंद्र सहवाग ने 67, सचिन तेंदुलकर ने 42, राहुल द्रविड़ ने 56 और युवराज सिंह ने नाबाद 82 रनों की पारी खेली.

चलिए अतीत की गलियों से निकलकर वर्तमान में आते हैं. पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का अपनी ज़मीन पर अंतरराष्ट्रीय मैच कराने का प्रयास फिर अधूरा रह गया. 3 मार्च 2009 को लाहौर में श्रीलंकाई टीम पर हमला हुआ था, उसके बाद से टीमें पाकिस्तान का दौरा करने से कतराती आई हैं. दौरे का रद्द होना पाकिस्तान और पाकिस्तान क्रिकेट के लिए फ़ज़ीहत की वजह बन गया. अक्टूबर में इंग्लैंड भी पाकिस्तान जाने वाला था. वो दौरा भी खटाई में पड़ता नज़र आ रहा है. शाहिद अफ़रीदी ने हाल ही तालिबान में बदलाव की बात कही थी. दुनिया देख रही है कि तालिबान कितने बदले हैं और तालिबान से सबसे पहले दोस्ती गाँठने कौन पहुँचा. ख़ामियाज़ा तो उठाना ही था.


संजय किशोर एनडीटीवी में स्पोर्ट्स एडिटर हैं...

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