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नरेंद्र मोदी का मंत्र: सत्ता की जगह जनसेवा को बनाइए जीवन का उद्देश्य

हर्ष सांघवी
  • ब्लॉग,
  • Updated:
    सितंबर 18, 2026 11:45 am IST
    • Published On सितंबर 18, 2026 11:44 am IST
    • Last Updated On सितंबर 18, 2026 11:45 am IST
नरेंद्र मोदी का मंत्र: सत्ता की जगह जनसेवा को बनाइए जीवन का उद्देश्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर जब मैं उनके राजनीतिक सफर के बारे में सोचता हूं, तो मेरे मन में उनके प्रति गहरी कृतज्ञता का भाव आता है. मैं उन्हें सिर्फ एक प्रशासक के रूप में नहीं देखता, बल्कि ऐसे व्यक्ति के रूप में भी देखता हूं, जिन्होंने बहुत कम उम्र में भारतीय जनता युवा मोर्चा के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी.

कब हुई थी नरेंद्र मोदी से पहली मुलाकात

मेरी उनसे पहली मुलाकात 2009 में हुई थी. उस समय हम युवा मोर्चा के कुछ युवा कार्यकर्ता गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिलने गए थे. उस मुलाकात में उन्होंने हमसे जो पहली बात कही थी, वह आज भी मुझे अच्छी तरह याद है. उन्होंने हमारी तरफ देखते हुए कहा था,''आप सभी जो आज राजनीति में हैं, यह बात हमेशा याद रखना कि न मैं नेता हूं, न मंच और न ही माइक.''

एक ही वाक्य में उन्होंने राजनीति को सिर्फ सत्ता हासिल करने का माध्यम मानने वाली सोच को खारिज कर दिया था. उन्होंने हमें समझाया कि विपक्ष के शोर और छोटी-छोटी आलोचनाओं पर ध्यान देने के बजाय हमें जनता के बीच जाना चाहिए. उनका स्पष्ट संदेश था कि गरीबों, जरूरतमंदों और समाज के वंचित लोगों की सेवा के लिए मैदान में उतरें. हमारा उद्देश्य सिर्फ पार्टी की राजनीति करना नहीं, बल्कि अपना समय जनता की सेवा में लगाना होना चाहिए.

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ काम करना अनुशासन और अथक ऊर्जा का अनुभव है.

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ काम करना अनुशासन और अथक ऊर्जा का अनुभव है.
Photo Credit: PTI

यही सोच आज भी उन्हें आगे बढ़ाती है. कई दशकों से मोदी जी अपने जन्मदिन पर केक काटने या बड़े-बड़े होर्डिंग लगाने की बजाय इस दिन को सामाजिक सेवा और जनकल्याण के कामों के लिए समर्पित करते रहे हैं. ऐसे प्रयासों का उद्देश्य लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है.

मोदी जी के साथ कौन काम कर सकता है

उनके साथ काम करना अनुशासन और अथक ऊर्जा का अनुभव है. लोग अक्सर पूछते हैं कि वे 16-18 घंटे तक काम करने वाला इतना व्यस्त कार्यक्रम कैसे संभाल लेते हैं. इसका जवाब बहुत आसान है, जो लोग बिना किसी स्वार्थ के सेवा करना चाहते हैं, वे उनकी गति के साथ आसानी से चल सकते हैं. लेकिन जो लोग सिर्फ सत्ता की सुविधाओं का आनंद लेना चाहते हैं, वे उनके साथ लंबे समय तक नहीं टिक सकते.

उनकी जीवनशैली खुद एक तरह की फिटनेस और अनुशासन की मिसाल है. मैंने उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठकों में अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों और अनुभवी अधिकारियों को जटिल योजनाएं पेश करते देखा है. लेकिन जब मोदी जी किसी विषय पर बोलते हैं, तो उनका व्यापक ज्ञान और आम लोगों को ध्यान में रखकर सोचने का तरीका कई ऐसी बारीकियों को सामने लाता है, जिन्हें आमतौर पर विशेषज्ञ नजरअंदाज कर देते हैं. वे किसी परियोजना को इस आधार पर नहीं देखते कि इमारत कितनी बड़ी होगी, बल्कि इस आधार पर देखते हैं कि उससे आम नागरिक को कितना लाभ और सम्मान मिलेगा.

आज विपक्षी नेता आमतौर पर युवाओं की बातें करते हैं और चुनावों के दौरान अपने भाषणों में युवाओं के मुद्दों को मुख्य मुद्दा बनाते हैं. लेकिन इतिहास में उन्होंने युवाओं के लिए वास्तव में क्या किया? उनके कार्यकाल में देश के युवाओं के सामने अवसरों की कमी रही. स्कूल-कॉलेजों में सीटें बढ़ाने और आधुनिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त काम नहीं हुआ.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनशैली खुद एक तरह की फिटनेस और अनुशासन की मिसाल है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनशैली खुद एक तरह की फिटनेस और अनुशासन की मिसाल है.
Photo Credit: PTI

युवाओं को कैसे ताकतवर बना रहे हैं पीएम मोदी

वहीं इसके उलट मोदी जी ने केवल भाषणों तक सीमित रहने की बजाय युवाओं को ताकतवर बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम किया. स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, मेडिकल और इंजीनियरिंग की सीटें बढ़ाने और युवाओं की ऊर्जा को देश के निर्माण में लगाने की कोशिश की गई.

आज जेन-जी में इस बदलाव की झलक साफ दिखाई देती है. हमारे दीपोत्सव समारोह में हजारों युवा सिर्फ शामिल ही नहीं हुए, बल्कि उन्होंने पूरे उत्साह और गर्व के साथ पूरा 'वंदे मातरम्' गाया. जहां कुछ राजनीतिक ताकतें हमारी राष्ट्रीय पहचान से जुड़े प्रतीकों का सम्मान करने में हिचकिचाती हैं या उनसे दूरी बनाती हैं, वहीं जेन-जी भारत की विरासत को गर्व के साथ आगे बढ़ा रही है. इसके पीछे वह विश्वास है कि 'हां, हम यह कर सकते हैं.'

देश की करोड़ों महिलाओं को स्वच्छता के जरिए सम्मान देने से लेकर आयुष्मान भारत कार्ड के जरिए वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच दिलाने तक, मोदी जी का जीवन समर्पित जनसेवा की एक मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.

गुजरात और देश के करोड़ों लोगों की ओर से मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देता हूं. मैं उनके स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना करता हूं, ताकि वे इसी समर्पण और सेवा भावना के साथ देश का नेतृत्व करते रहें.

(डिस्क्लेमर: लेखक गुजरात के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के नेता है. इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं, उनसे एनडीटीवी का सहमत या असहमत होना जरूरी नहीं है.)

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