- शौचालय ना बनने से पत्नी चली गई मायके
- पत्नी से एक साल से दूर है उसका पति
- बिहार के भागलपुर जिले का है मामला
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भागलपुर:
हाल ही में ‘टॉयलेट एक प्रेमकथा’ फिल्म आई थी. इस फिल्म में अभिनेत्री ससुराल में टॉयलेट नहीं होने की वजह से अपने मायके चली जाती है. ऐसा ही एक मामला बिहार के भागलपुर से सामने आया है. यह मामला नारायणपुर का है, जहां लालो साह की शादी तीन वर्ष पूर्व खगड़िया जिले के बैकुंठपुर गांव की रहने वाली विनीता देवी से हुई थी. शादी के बाद जब विनीता को पता चला की ससुराल में शौचालय नहीं है तो उसने अपने पति पर शौचालय बनाने का दबाव बनाना शुरू किया. मगर, गरीबी के कारण उसका पति बहाना बनाता रहा. अंत में विनीता ने ससुराल छोड़ने का फैसला किया और अपने बच्चों के साथ मायके चली गई.
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इधर, पत्नी के घर से जाने के बाद से उसका पति काफी परेशान है. बीते एक साल से अपनी पत्नी को मनाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन, विनीता ने साफ शब्दों में कह दिया है कि जब तक ससुराल में शौचालय नहीं बनेगा तब तक वह ससुराल में कदम नहीं रखेगी. हालांकि, इस मामले में पति का कहना है कि मजदूरी नहीं मिल रही है. कभी-कभी काम मिलता है, लेकिन सारा पैसा खाने-पीने में खर्च हो जाता है. इसी गरीबी के कारण शौचालय का निर्माण नहीं हुआ. मगर, जल्द ही शौचालय बनाकर विनीता को वापस बुला लिया जायेगा.
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इस मामले के संबंध में गांव वालों का कहना है कि घर में शौचालय नहीं होने की वजह से गांव की महिलाओं को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है. ऐसे में कई घटनाओं के साथ साथ बदनामी भी होती है. विनीता के इस कदम को गांव वाले सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता जागरूकता अभियान के साथ जोड़कर सही बता रहे हैं.
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यह कहना गलत नहीं होगा कि एक शौचालय का निर्माण पति एवं पत्नी के बीच ना सिर्फ दूरियां पैदा कर दी. बल्कि, सरकार द्वारा शौचालय निर्माण की योजना और स्वच्छता पर लोगों को जागरुक करने के अभियान पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया है.
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इधर, पत्नी के घर से जाने के बाद से उसका पति काफी परेशान है. बीते एक साल से अपनी पत्नी को मनाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन, विनीता ने साफ शब्दों में कह दिया है कि जब तक ससुराल में शौचालय नहीं बनेगा तब तक वह ससुराल में कदम नहीं रखेगी. हालांकि, इस मामले में पति का कहना है कि मजदूरी नहीं मिल रही है. कभी-कभी काम मिलता है, लेकिन सारा पैसा खाने-पीने में खर्च हो जाता है. इसी गरीबी के कारण शौचालय का निर्माण नहीं हुआ. मगर, जल्द ही शौचालय बनाकर विनीता को वापस बुला लिया जायेगा.
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इस मामले के संबंध में गांव वालों का कहना है कि घर में शौचालय नहीं होने की वजह से गांव की महिलाओं को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है. ऐसे में कई घटनाओं के साथ साथ बदनामी भी होती है. विनीता के इस कदम को गांव वाले सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता जागरूकता अभियान के साथ जोड़कर सही बता रहे हैं.
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यह कहना गलत नहीं होगा कि एक शौचालय का निर्माण पति एवं पत्नी के बीच ना सिर्फ दूरियां पैदा कर दी. बल्कि, सरकार द्वारा शौचालय निर्माण की योजना और स्वच्छता पर लोगों को जागरुक करने के अभियान पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया है.
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