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बिहार में एक और पुल हादसा, ताजपुर-बख्तियारपुर निर्माणाधीन ब्रिज का स्लैब गिरने से कई मजदूर घायल

नीतीश कुमार ने इसे अपनी ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए 2011 में आधारशिला रखी थी. कई बार निर्माण कार्य का निरीक्षण कर चुके थे. गंगा नदी पर पुल का निर्माण कार्य जून 2016 में ही पूरा होना था. (समस्तीपुर से अविनाश कुमार की रिपोर्ट)

बिहार में एक और पुल हादसा, ताजपुर-बख्तियारपुर निर्माणाधीन ब्रिज का स्लैब गिरने से कई मजदूर घायल
ताजपुर-बख्तियारपुर निर्माणाधीन ब्रिज का स्लैब गिरने से कई मजदूर घायल

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले ताजपुर-बख्तियारपुर गंगा सेतु के निर्माण कार्य के दौरान शनिवार को बड़ा हादसा हो गया. समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत राजपुर-जौनापुर गंगा घाट के पास निर्माणाधीन पुल के पिलर संख्या-58 के समीप अचानक स्लैब टूटकर गिर गया. हादसे में वहां कार्य कर रहे छह मजदूर घायल हो गए. घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों और सहकर्मी मजदूरों की मदद से सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया. डॉक्टर के अनुसार सभी मजदूरों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है. हालांकि एक मजदूर का हाथ फ्रैक्चर हो गया है, जबकि अन्य को भी गंभीर चोटें आई हैं. हादसे की सूचना मिलते ही निर्माण एजेंसी और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया. प्रारंभिक तौर पर स्लैब गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है. निर्माण कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी या मानवीय लापरवाही हुई है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है.

5.51 किमी है पुल की लंबाई

ताजपुर-बख्तियारपुर गंगा सेतु बिहार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है. इसके निर्माण से समस्तीपुर, पटना और आसपास के जिलों के बीच आवागमन सुगम होने की उम्मीद है. ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान हुए इस हादसे ने परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. बख्तियारपुर-ताजपुर फोर लेन पुल और पहुंच पथ की कुल लंबाई लगभग 51.26 किलोमीटर है. इसमें गंगा नदी पर बनने वाले मुख्य पुल की लंबाई लगभग 5.51 किलोमीटर है, जबकि 45.75 किलोमीटर लंबा पहुंच पथ बनाया जा रहा है.

पुल के बनने से कम होगा ट्रैफिक दबाव

यह परियोजना पटना जिले के करजान (बख्तियारपुर) के पास एनएच-31 से शुरू होकर समस्तीपुर जिले के ताजपुर में एनएच-28 से जुड़ेगी. इस पुल के बनने से समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और बेगूसराय की ओर से आने-जाने वाली गाड़ियों को एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा. इतना ही नहीं, इससे महात्मा गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु पर पड़ने वाला ट्रैफिक दबाव भी काफी हद तक कम होगा. स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी इन पुलों पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन नए पुल के शुरू होने के बाद यातायात काफी सुगम हो जाएगा. लोगों का समय भी बचेगा.

2011 में नीतीश कुमार ने रखी थी आधारशिला

साल 2011 से बख्तियारपुर-ताजपुर पुल का निर्माण हो रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसे अपनी ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए आधारशिला रखी थी. कई बार निर्माण कार्य का निरीक्षण कर चुके थे. गंगा नदी पर पुल का निर्माण कार्य जून 2016 में ही पूरा होना था. इसके लिए हैदराबाद की नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी को कार्य का जिम्मा सौंपा गया था. शुरू में कंपनी ने तेजी से काम किया. बाद में सुस्त पड़ गई. वर्ष 2020 में कार्य ठप कर दिया. इसके बाद 2022 में फिर से नये सिरे से टेंडर निकाला गया और निर्माण कार्य शुरू कराया गया. बख्तियारपुर-ताजपुर के बीच फोरलेन सड़क में गंगा नदी पर बनने वाले पुल का फाउंडेशन कार्य लगभग पूरा हो चुका है. पुल में करीब 272 पिलर का निर्माण कराया गया है. वहीं ताजपुर से चकलालशाही तक एप्रोच पथ का काम पूरा हो चुका है.

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