SDM Ruchi Rani Success Story: कहते हैं कि सपनों की मंजिल उन्हीं को मिलती है, जो परिस्थितियों से नहीं, बल्कि अपने हौसलों से पहचान बनाते हैं. शादीशुदा जीवन में घर की जिम्मेदारी, बच्चों की परवरिश और परिवार को संभालने के बाद महिलाओं के लिए बड़े सपने पूरा करना काफी मुश्किल हो जाता है. कई बार सपने अधूरे भी रह जाते, लेकिन इन सबके साथ बिहार के बख्तियारपुर की रहने वाली एक महिला ने मिसाल कायम कर दी. रुचि रानी (SDM Ruchi Rani ) ने अपने दो बच्चों और परिवार को संभालते हुए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं पीसीएस परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल कर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) बनीं है. रुचि ने तीसरे अटेंप्ट में 260वीं रैंक हासिल की.
दो बच्चों की मां बनीं SDM
रुचि पटना जिले के बख्तियारपुर की रहने वाली है. रुचि की शादी हो चुकी है और दो बच्चों की मां है. इतना ही नहीं वो बीते 11 सालों से नौकरी भी कर रही है. उन्होंने नौकरी के साथ बिहार पीसीएस की तैयारी शुरू की. रुचि की इस सफलता का सबसे बड़ा मंत्र टाइम मैनेजमेंट रहा. रुचि बताती है कि वो पिछले पांच सालों से बीपीएसी की तैयारी कर रही है और तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल हुई.
दो बार मिली असफलता, लेकिन नहीं मानी हार
उन्होंने पांच सालों तक लगातार मेहनत की. पहले प्रयास में प्री परीक्षा क्लियर हुआ, हालांकि वो मेंस परीक्षा मेंस क्वालीफाई नहीं कर पाई. इसके बाद वो दोबारा प्री एग्जाम में बैठी, लेकिन मेंस कुछ अंकों से रह गया. दो बार असफलताओं के बाद भी हार नहीं मानी. वो धैर्य और जिम्मेदारियों के साथ तैयारी करते रही. इसके बाद रुचि तीसरी बार परीक्षा में बैठी. हालांकि वो इस बार प्री, मेंस क्लियर कर इंटरव्यू तक पहुंची. जब 20 जून 2026 को बिहार लोक सेवा आयोग ने रिजल्ट जारी किया तो रुचिका का चयन एसडीएम पद के लिए हुआ.
जॉब के साथ BPSC की तैयारी
रुचि रानी वर्तमान में जिला पंचायत संसाधन केंद्र में प्रखंड प्रोजेक्ट मैनेजर की पद पर कार्यरत हैं. उनका सफर जीविका से शुरू हुआ और उन्होंने सीसी के रूप में कार्य किया. इस तैयारी के दौरान उन्होंने कोचिंग का सहारा नहीं लिया. खुद से पढ़ाई की. वहीं यू-ट्यूब, सोशल मीडिया से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की.
SDM रचि ने बताया- 'कैसे करें सोशल मीडिया का यूज'
रुचि रानी ने बताया कि सोशल मीडिया और यू-ट्यूब का उपयोग कैसे करें, ये हम पर डिपेंड करे, हम सोशल मीडिया का यूज करे, न कि वो हमारा उपयोग करे. उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए लिखने का निरंतर प्रयास करना होगा. प्रश्नों का सटीक जवाब लिखना होगा. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पति और परिवार को दिया. रुचि कहती है कि उन्होंने अपने दोनों बच्चों का भविष्य को देखते हुए बिहार पीसीएस परीक्षा की तैयारी शुरू की.
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