- पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कांग्रेस छोड़ने के बाद राहुल गांधी पर कमजोर नेतृत्व का आरोप लगाया है
- राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी से राजनीतिक तनाव बढ़ा और प्रशासन ने शकील अहमद की सुरक्षा बढ़ा दी है
- शकील अहमद को धमकियों और हमलों का डर था, जिसके चलते उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी
कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके पूर्व नेता शकील अहमद के एक तीखे बयान ने दानापुर और पटना के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी के बाद उपजे तनाव को देखते हुए प्रशासन ने शकील अहमद की सुरक्षा बढ़ा दी है. शकील अहमद ने कांग्रेस छोड़ने के बाद सार्वजनिक मंच से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व पर कड़ा प्रहार किया था. उन्होंने राहुल गांधी को 'डरपोक और कमजोर' नेता करार दिया. इस बयान के बाद कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.
क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, शकील अहमद को अपने ऊपर शारीरिक हमले की आशंका थी. विवाद तब और गहरा गया जब एक कथित पत्र सामने आया, जिसमें कांग्रेस संगठन द्वारा युवा नेताओं को शकील अहमद के खिलाफ मोर्चा खोलने और विरोध करने के निर्देश दिए गए थे. शकील अहमद का दावा है कि इस पत्र के बाद उन्हें लगातार धमकियों और हमले का डर सता रहा था. उन्होंने स्थानीय प्रशासन से जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन का एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए फुलवारी शरीफ स्थित उनके आवास पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. पुलिस ने कहा, "हमें सूचना मिली थी कि पूर्व नेता शकील अहमद को अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका है. जांच के बाद उनके आवास पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और हम इलाके की निगरानी कर रहे हैं." कांग्रेस समर्थक इसे पार्टी के प्रति अनुशासनहीनता का परिणाम मान रहे हैं. विपक्षी दल इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बता रहे हैं और सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं.
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