- बिहार सरकार ने 11 प्रमुख शहरों में आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप बनाने का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू किया है.
- इन सैटेलाइट टाउनशिपों में आवासीय, व्यावसायिक क्षेत्र और हरियाली के लिए पार्क समेत सुव्यवस्थित ढांचा बनेगा.
- पटना के पुनपुन में 81 हजार एकड़ क्षेत्र में पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप का कोर एरिया 1010 एकड़ में फैला होगा.
Bihar Satellite Township Project: बिहार की नई-नवेली सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य के 11 शहरों में नए सैटेलाइट टाउन बनाने की घोषणा की है. 22 अप्रैल को सम्राट चौधरी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. टाउनशिप बनाने की यह घोषणा आने वाले दिनों में बिहार की तस्वीर बदल देगी. इस टाउनशिप प्रस्ताव के तहत बिहार के 11 प्रमुख शहरों में दिल्ली, नोएडा, मुंबई, चंडीगढ़ की तर्ज पर प्लांड कॉलोनियां बसाई जाएगी. इसमें रिहायशी के साथ-साथ कॉमर्शियल स्थान पहले से तय होंगे. हरियाली के लिए बीच-बीच में पार्क भी होंगे. सड़कें चौड़ी होंगी, सड़कों के किनारे पेड़ लगाए जाएंगे, डिवाइडर, चौराहे जैसी व्यवस्था भी होंगी.
सभी 11 टाउनशिप वाले चिह्नित गावों में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक
22 अप्रैल को बिहार कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव की मंजूरी के साथ ही इन 11 टाउनशिप प्रोजेक्ट के चिह्नित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. इन 11 शहरों को दो समूह में बांटा गया है. पहले समूह में पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर को रखा गया है, जिनका मास्टर प्लान 31 मार्च 2027 तक अधिसूचित किया जाना है.
दूसरे समूह में मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के सीतापुरम क्षेत्र को शामिल किया गया है. इनके लिए आयोजना क्षेत्र का विस्तार करते हुए 30 जून 2027 तक मास्टर प्लान अधिसूचित करने की समय सीमा तय की गई है.
इन प्रस्तावित टाउनशिप का नामकरण भी किया गया है. पटना में बनने वाले टाउनशिप का नाम पाटलिपुत्र, दरभंगा का मिथिला, सहरसा का कोसी, पूर्णिया का पूर्णिया, गया का मगध, मुंगेर का अंग, मुजफ्फरपुर का तिरहुत, भागलपुर का विक्रमशिला, छपरा का सारण, सीतामढ़ी का सीतापुरम तथा सोनपुर का हरिहरनाथ पुरम रखा जाएगा.
राजधानी पटना में पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट
राजधानी पटना के पुनपुन में 81 हजार एकड़ में पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप नाम का नया शहर बसेगा. इसमें 9 प्रखंड के 275 राजस्व गांव शामिल होंगे. बिहार शहरी विकास एवं आवास विभाग की वेबसाइट पर इसके संबंध में डिटेल रिपोर्ट प्रकाशित की गई है.

पटना का शहरी नक्शा बदल देगा पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप.
1010 एकड़ में फैला होगा पाटलिपुत्र टाउशिप का कोर एरिया
पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप के कोर एरिया में पुनपुन प्रखंड के 12 गांव होंगे. यह 1010 एकड़ में फैला होगा. कोर एरिया के पास बिहटा-सरमेरा रोड, प्रस्तावित रेलवे जंक्शन और स्पोर्ट्स सिटी जैसी सुविधाएं होंगी. इनमें पीपरा, बाजिदपुर, पनवार, नुरुद्दीनपुर, डुमरी, नादपुर खैरी, खापुरा, कलियानपुर बसियावां, पीपरा चक और सिकंदरपुर गांव शामिल हैं.
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में बिहार कैबिनेट ने 11 नई टाउनशिप, सोनपुर मंदिर कॉरिडोर और महिला पुलिस के लिए 1500 स्कूटी जैसे बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है । भागलपुर और सोनपुर में नए एयरपोर्ट के साथ अब बिहार की कनेक्टिविटी और सुरक्षा को नई उड़ान मिलेगी।… pic.twitter.com/FMifekhGGv
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) April 24, 2026
सैटेलाइट टाउनशिप के फायदे
- सुविधाएं: यहां रहने वाले लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाली शहरी सुविधाएं मिलेंगी. प्राइवेट और संस्थागत निवेश के लिए नए द्वार खुलेंगे.
- सुनियोजित विकास : टाउनशिप के विकास से नए आर्थिक गतिविधि केंद्रों का निर्माण होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में बदलाव आएगा.
- शहरी दबाव में कमी: इन सेटेलाइट शहरों के बसने से मौजूदा बड़े शहरों पर आबादी और संसाधनों का बोझ कम होगा.
पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप में कौन-कौन गांव होंगे शामिल, पूरी लिस्ट







22 अप्रैल को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि चयनित टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण तथा किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. यह पाबंदी तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं हो जाता.
उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान अधिसूचित करने के लिए शहरों को दो समूहों में बांटा गया है. पहले समूह में पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर को रखा गया है, जिनका मास्टर प्लान (पटना के संदर्भ में जोनल प्लान) 31 मार्च 2027 तक अधिसूचित किया जाना है.
दूसरे समूह में मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के सीतापुरम क्षेत्र को शामिल किया गया है। इनके लिए आयोजना क्षेत्र का विस्तार करते हुए 30 जून 2027 तक मास्टर प्लान अधिसूचित करने की समय सीमा तय की गई है.
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