पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने जमकर बवाल किया. इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा. मद्य निषेध विभाग की प्रतियोगी परीक्षा के लिए पर्याप्त ट्रेन न होने का आरोप लगाते हुए पाटलिपुत्र स्टेशन पर उपद्रवियों ने पथराव और तोड़फोड़ की. इस दौरान कई ट्रेनों के शीशे के टूट गए तो कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए और कई ट्रेनें भी प्रभावित हुईं. बाद में पुलिस ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर बवाल के मामले में कार्रवाई करते हुए 500 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जबकि 6 उपद्रवियों की गिरफ्तारी भी हुई है. वहीं, अभ्यर्थियों के हंगामे और भारी बवाल के बाद रेलवे ने भी बड़ा फैसला लिया है.
16 स्पेशल ट्रेन का ऐलान
रेलवे द्वारा परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की गई. ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने कहा कि उम्मीदवारों को ले जाने के लिए पाटलिपुत्र से कटिहार के लिए तुरंत एक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की, जो आज सुबह 05:47 बजे स्टेशन से रवाना हुई. 14 जून की सुबह पटना से भभुआ के लिए एक अलग स्पेशल ट्रेन चलाई गई. इसके अलावा, परीक्षा की दूसरी पाली में शामिल होने वाले उम्मीदवारों और उनकी वापसी की यात्रा में मदद के लिए, आज दानापुर डिवीजन से 10 स्पेशल ट्रेनें और समस्तीपुर डिवीजन से 6 स्पेशल ट्रेनें सेवा में लगाई गई हैं.
बता दें कि पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर उस बवाल शुरू हो गया, जब बिहार में मद्य निषेध सिपाही के 1685 पद, कक्षपाल के 2417 पद और चलंत दस्ता सिपाही के 108 पदों पर भर्ती के लिए होने वाली पहली पाली की परीक्षा में शामिल होने वाले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शनिवार रात ही विभिन्न जिलों के लिए रवाना हो रहे थे. इसी दौरान पाटलिपुत्र स्टेशन पर हजारों की संख्या में अभ्यर्थी पहुंच गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई.

कैसे शुरू हुआ बवाल
रेल आईजी अमरेश कुमार ने बताया कि देर रात मधुबनी एक्सप्रेस और सीमांचल एक्सप्रेस (12488) स्टेशन पर पहुंची थी. इन ट्रेनों से दरभंगा, मधुबनी और सीमांचल क्षेत्र की ओर जाने वाले अभ्यर्थियों को यात्रा करनी थी. बड़ी संख्या में छात्र इन ट्रेनों में सवार भी हो चुके थे. इसी बीच करीब 200 लोगों का समूह स्टेशन पर हंगामा करते हुए विशेष ट्रेन की मांग की. ईस्ट सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चंद्र के अनुसार, रात करीब 11:30 बजे कुछ अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू किया था.
भीड़ के बीच, स्टेशन और ट्रेन के अंदर मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिससे ट्रेन सेवाओं में कुछ समय के लिए रुकावट आई. हंगामे के दौरान कुछ ट्रेनों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. रेल आईजी के अनुसार, जब उपद्रवी समझाने से नहीं माने तो पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल को कार्रवाई करनी पड़ी. लाठीचार्ज किया गया. इस दौरान आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए और हवाई फायरिंग भी की गई. हंगामे के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पटना आईजी जितेंद्र राणा को भी चोटें आई हैं.

आईजी ने कहा कि उपद्रवियों ने आरोप लगाया कि व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं और वे पटरियों पर बैठ गए. अपने गंतव्य तक समय पर पहुंचाने के लिए एक विशेष ट्रेन की मांग करने लगे. उन्होंने बताया कि पुलिस ने अचानक हुई भीड़ के बारे में रेलवे अधिकारियों को सूचित किया और देर रात करीब दो बजे एक विशेष ट्रेन आ भी गई. पटरी पर बैठे लोग हटने को तैयार नहीं हुए और जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटाने की कोशिश की, तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह तीन बजे तक स्टेशन पर सामान्य स्थिति बहाल कर दी गई.
CCTV फुटेज से उपद्रवियों की पहचान
आईजी ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि स्टेशन पर मौजूद कई युवा वास्तव में असामाजिक तत्व थे, जो परेशानी उत्पन्न करना चाहते थे. ताकि परीक्षाएं रद्द कर दी जाएं. उनकी हरकतों के कारण स्टेशन पर यातायात प्रभावित हुआ, जहां दो यात्री ट्रेनें और एक मालगाड़ी कई घंटों तक रुकी रहीं. पाटलिपुत्र स्टेशन से होकर गुजरने वाली अन्य ट्रेनों को सामान्य स्थिति बहाल होने तक वैकल्पिक मार्गों से चलाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने पटना पुलिस से संपर्क किया है और तोड़-फोड़ में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए स्टेशन का सीसीटीवी फुटेज उनके साथ साझा किया जाएगा.
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