बिहार के मंत्री अशोक चौधरी और केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह
- पटना में डिजी धन मेला में राधामोहन सिंह पर बरसे अशोक चौधरी
- लोगों की गर्दन पकड़कर ई-पेमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है : अशोक चौधरी
- देश की दुर्दशा करने वाली पार्टी के लोग सवाल पूछ रहे हैं : राधामोहन सिंह
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पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही नोटबंदी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ खड़े हों, लेकिन ये भी किसी से छिपा नहीं कि उनकी सहयोगी पार्टियां खासकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर उनसे इत्तेफाक नहीं रखतीं. इसका एक जीता जागता उदाहरण रविवार को देखने को मिला जब केंद्र सरकार द्वारा आयोजित डिजी धन मेला में बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने भरी सभा में केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह को इस मुद्दे पर खरी-खोटी सुना दी.
अशोक चौधरी बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं और बिहार के आईटी मंत्री भी हैं. दो दिन पहले नोटबंदी से आम लोगों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर वह पटना में धरने पर भी बैठे थे. पूरे देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के मकसद से पटना में आयोजित सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के बाद जब अशोक चौधरी भाषण देने पहुंचे, तो शुरुआत तो उन्होंने राधा मोहन सिंह को अपना अभिभावक बताते हुए किया लेकिन इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार पर करारा हमला बोल दिया.
चौधरी दरअसल राधामोहन सिंह के भाषण में बिहार की विधि व्यवस्था पर किए गए व्यंग्य पर पलटवार करना चाहते थे. उन्होंने कहा कि ये कैसा डिजिटल युग है, जिसमें लोगों की गर्दन पकड़कर ई-पेमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है.
बिहार सरकार के किसी मंत्री ने पहली बार किसी सार्वजनिक मंच से केंद्र पर डिजिटल भुगतान को लेकर हमला बोला है. चौधरी ने अपने भाषण में पूछा कि आखिर ट्रांजैक्शन टैक्स क्यों लिया जा रहा है? उन्होंने सवाल किया कि जिस राज्य में 500 पंचायत में बैंकों का अभाव है और रिजर्व बैंक द्वारा 1700 नए ब्रांच खोलने के लक्ष्य के बावजूद मात्र 70 ब्रांच खुले हैं, वैसी हालत में डिजिटल पेमेंट को आम लोगों के बीच कैसे ले जाया जा सकता है. चौधरी ने इस मौके पर शिक्षा विभाग को मिल रही केंद्रीय सहायता में कटौती का भी जिक्र किया और कहा कि शिक्षा विभाग के बजट में कटौती कर देश में डिजिटल युग नहीं लाया जा सकता.
हालांकि राधामोहन सिंह पहले ही बोल चुके थे, लेकिन बाद में अशोक चौधरी के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी पार्टी (कांग्रेस) के लोग उनसे सवाल पूछ रहे है, जिन्होंने केंद्र में 60 वर्षों तक राज किया है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि अशोक चौधरी ने अपनी ही पार्टी द्वारा देश की क्या दुर्दशा की गई है, उसका बखान किया है. हालांकि राधामोहन सिंह ने यह भी माना कि चूंकि चौधरी अपनी पार्टी के लाइन के अनुसार बोल रहे हैं, इसलिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है.
इस बीच जनता दल यूनाइटेड नोटबंदी पर अपनी समीक्षा बैठक को लेकर फिलहाल किसी जल्दबाजी के मूड में नहीं दिखती. पार्टी नेताओं की मानें तो अभी नीतीश कुमार कालचक्र पूजा, निश्चय यात्रा के बाद 21 जनवरी को नसबंदी पर आयोजित मानव श्रृंखला की तैयारी में व्यस्त हैं. पार्टी मानती है कि नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानी में अब कमी आई है.
अशोक चौधरी बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं और बिहार के आईटी मंत्री भी हैं. दो दिन पहले नोटबंदी से आम लोगों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर वह पटना में धरने पर भी बैठे थे. पूरे देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के मकसद से पटना में आयोजित सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के बाद जब अशोक चौधरी भाषण देने पहुंचे, तो शुरुआत तो उन्होंने राधा मोहन सिंह को अपना अभिभावक बताते हुए किया लेकिन इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार पर करारा हमला बोल दिया.
चौधरी दरअसल राधामोहन सिंह के भाषण में बिहार की विधि व्यवस्था पर किए गए व्यंग्य पर पलटवार करना चाहते थे. उन्होंने कहा कि ये कैसा डिजिटल युग है, जिसमें लोगों की गर्दन पकड़कर ई-पेमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है.
बिहार सरकार के किसी मंत्री ने पहली बार किसी सार्वजनिक मंच से केंद्र पर डिजिटल भुगतान को लेकर हमला बोला है. चौधरी ने अपने भाषण में पूछा कि आखिर ट्रांजैक्शन टैक्स क्यों लिया जा रहा है? उन्होंने सवाल किया कि जिस राज्य में 500 पंचायत में बैंकों का अभाव है और रिजर्व बैंक द्वारा 1700 नए ब्रांच खोलने के लक्ष्य के बावजूद मात्र 70 ब्रांच खुले हैं, वैसी हालत में डिजिटल पेमेंट को आम लोगों के बीच कैसे ले जाया जा सकता है. चौधरी ने इस मौके पर शिक्षा विभाग को मिल रही केंद्रीय सहायता में कटौती का भी जिक्र किया और कहा कि शिक्षा विभाग के बजट में कटौती कर देश में डिजिटल युग नहीं लाया जा सकता.
हालांकि राधामोहन सिंह पहले ही बोल चुके थे, लेकिन बाद में अशोक चौधरी के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी पार्टी (कांग्रेस) के लोग उनसे सवाल पूछ रहे है, जिन्होंने केंद्र में 60 वर्षों तक राज किया है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि अशोक चौधरी ने अपनी ही पार्टी द्वारा देश की क्या दुर्दशा की गई है, उसका बखान किया है. हालांकि राधामोहन सिंह ने यह भी माना कि चूंकि चौधरी अपनी पार्टी के लाइन के अनुसार बोल रहे हैं, इसलिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है.
इस बीच जनता दल यूनाइटेड नोटबंदी पर अपनी समीक्षा बैठक को लेकर फिलहाल किसी जल्दबाजी के मूड में नहीं दिखती. पार्टी नेताओं की मानें तो अभी नीतीश कुमार कालचक्र पूजा, निश्चय यात्रा के बाद 21 जनवरी को नसबंदी पर आयोजित मानव श्रृंखला की तैयारी में व्यस्त हैं. पार्टी मानती है कि नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानी में अब कमी आई है.
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