लालू यादव ने नीतीश कुमार पर उनकी समीक्षा यात्रा को लेकर सरकारी धन की बर्बादी का आरोप लगाया है.
- लालू ने कहा, यात्रा में प्रत्येक जिले पर सरकार का दस करोड़ का खर्च अनुमान
- आखिर इस यात्रा पर कितना खर्च हो रहा है, इस मामले की जांच होनी चाहिए
- यात्रा के दौरान अधिकारियों को साथ ले जाने के कारण विकास के काम ठप
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पटना:
राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव हर दिन किसी न किसी मुद्दे पर नीतीश कुमार की समीक्षा यात्रा की आलोचना नहीं करते, लेकिन शुक्रवार को उन्होंने सरकार के आदेश की प्रति जारी करते हुए पूछा कि आखिर जीविका दीदियों के माध्यम से भीड़ क्यों जुटा रहे हैं? लालू ने नीतीश की यात्रा को विकास यात्रा घोटाला कहा है.
लालू ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि सरकार द्वारा आदेश जारी किया गया कि हर सभा में कम से कम चार हजार जीविका दीदियों को लाया जाए. इस मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिर इस यात्रा पर कितना खर्च हो रहा है.
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नीतीश कुमार को लालू यादव ने सलाह दी कि जिस तरह जब वे (लालू यादव) मुख्यमंत्री थे और रात में निकल जाते थे वैसे उन्हें भी करना चाहिए. लालू ने कहा कि इस यात्रा के दौरान सभी अधिकारियों को बाध्य किया जाता है कि वे साथ-साथ चलें जिसके कारण विकास का काम ठप हो जाता है.
VIDEO : लालू की सुरक्षा में कटौती
नीतीश की यात्रा को विकास यात्रा घोटाला का नाम देते हुए लालू ने कहा कि उनके अनुमान से एक जिले के दौरे पर सरकार का दस करोड़ का खर्च अनुमानित है. लालू से जब यह पूछा गया कि जब वे लोग सरकार में थे तब भी यही प्रावधान था. इस पर लालू का कहना था कि नीतीश कभी भी अपने मंत्रियों को तरजीह नहीं देते थे.
लालू ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि सरकार द्वारा आदेश जारी किया गया कि हर सभा में कम से कम चार हजार जीविका दीदियों को लाया जाए. इस मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिर इस यात्रा पर कितना खर्च हो रहा है.
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नीतीश कुमार को लालू यादव ने सलाह दी कि जिस तरह जब वे (लालू यादव) मुख्यमंत्री थे और रात में निकल जाते थे वैसे उन्हें भी करना चाहिए. लालू ने कहा कि इस यात्रा के दौरान सभी अधिकारियों को बाध्य किया जाता है कि वे साथ-साथ चलें जिसके कारण विकास का काम ठप हो जाता है.
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नीतीश की यात्रा को विकास यात्रा घोटाला का नाम देते हुए लालू ने कहा कि उनके अनुमान से एक जिले के दौरे पर सरकार का दस करोड़ का खर्च अनुमानित है. लालू से जब यह पूछा गया कि जब वे लोग सरकार में थे तब भी यही प्रावधान था. इस पर लालू का कहना था कि नीतीश कभी भी अपने मंत्रियों को तरजीह नहीं देते थे.
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