बिहार के कैमूर जिले में बोरे और सूटकेस में मिली सिर कटी लाश का राज खुल गया है. हत्या के बाद अपराधियों ने सबूत मिटाने के लिए लाशों को टुकड़ों में काटा और फिर धड़ से सिर अलग किए. इसके बाद शवों के टुकड़ों को सूटकेस व बोरियों में भरकर नदी और किनारों पर फेंक दिया. अपराधियों ने सबूत मिटाने और पहचान छिपाने के लिए चाहे कितनी भी कोशिश की हो, पर पुलिस आखिरकार हत्या की तह तक पहुंच ही गई. जानकारी के मुताबिक, बोरे और सूटकेस में जिन लोगों का शव मिला, वे एक ही परिवार के हैं. मृतकों में पति-पत्नी और 2 बच्चे शामिल हैं. फिलहाल पति-पत्नी का सिर मिल गया है, जबकि दोनों बच्चों के कटे सिर की तलाश की जा रही है.
मृतक का भाई पुलिस हिरासत में
मृतक की पहचान रामगढ़ के डहरक निवासी कृष्णा मुरारी, उनकी पत्नी और दो बच्चे के रूप में हुई है. जिस घर में मृतक और उसके परिवार को काटकर निर्मम हत्या की गई. पुलिस उस घर का ताला खोलकर साक्ष्य जुटाने में लग गई है. पुलिस ने एक आरोपी को भी हिरासत में लिया है, जो मृतक का भाई बताया जा रहा है. पुलिस सूत्रों की माने तो तीन से चार लोगों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है.

हिरासत में लिए गए आरोपी भाई की निशान देही पर शनिवार को पति-पत्नी के कटे सिर को नदी से बरामद किया गया है, जबकि दोनों बच्चों के सिर का अभी तक पता नहीं चल सका है. मोहनिया एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने शनिवार दोपहर में बताया कि दो कटा हुआ सर बरामद हुआ है, जो मृतक कृष्णा मुरारी और उनका परिवार है.
आंगनबाड़ी के ड्रेस ने खोला राज
बिना सिर के वो भी टुकड़ों में कटी लाशें पुलिस के सामने चुनौती बनी हुई थीं. बिना सिर के उनकी पहचान करना मुश्किल काम थे, लेकिन एक बच्चे के शव के पास से मिले आंगनबाड़ी के ड्रेस पर लगे 'रामगढ़ सिलाई दुकान' का टैग पुलिस के लिए जांच में मददगार साबित हुआ. पुलिस ने तुरंत रामगढ़ इलाके के आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच शुरू की.
जांच में पता चला कि एक बच्चा कई दिनों से आंगनबाड़ी केंद्र नहीं आ रहा है. यह सुराग पुलिस के लिए इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने की 'मास्टर चाबी' साबित हुआ. पुलिस की जांच में पता चला कि गांव के रहने वाले कृष्ण मुरारी का पूरा परिवार (पांच सदस्य) पिछले 5-6 दिनों से रहस्यमय तरीके से गायब है. घर पर बाहर से ताला जड़ा हुआ है.
बोरे और सूटकेस में मिला था बिना सिर के शव
परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं. कैमूर एसपी हरि मोहन शुक्ला ने इस परिवार को संदिग्ध मानते हुए फौरन मकान को सील करवा दिया. बिना सिर के टुकड़ों में कटी लाशें मिलने के घटनाक्रम की शुरुआत बीते 10 मई को हुई, जब रामगढ़ और मोहनिया थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर दुर्गावती नदी के पुल के पास 2 सूटकेस में शव मिला. इसके 2 दिन बाद 12 मई को बोरे में लाश के टुकड़े बरामद किए.
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