बिहार के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित ANM छात्रावास से ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और छात्रावास प्रबंधन की पोल खोल कर रख दी. खराब भोजन, गंदा पानी और बदहाल व्यवस्था से परेशान ANM छात्राओं का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा जब कई छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई, और दो छात्राएं प्रदर्शन के दौरान बेहोश होकर गिर पड़ीं. थाली पीटकर विरोध कर रही छात्राओं ने मेस प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सड़ा-गला खाना, दूषित पानी और अपमानजनक व्यवहार झेलना पड़ रहा है. भीषण गर्मी में पानी तक नसीब नहीं और खाने के नाम पर नमक-प्याज देकर छात्राओं को रहने पर मजबूर किया जा रहा है.
खराब खाना खाकर बीमार पड़ रहीं छात्राएं
ANM छात्राओं ने मेस प्रबंधन पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए. छात्राओं का कहना है कि कई दिनों से उन्हें बासी, सड़ा-गला और घटिया गुणवत्ता वाला भोजन परोसा जा रहा है. कभी दाल नहीं बनती, तो कभी सब्जी गायब रहती है. कई बार तो हालात इतने खराब हो जाते हैं कि छात्राओं को सिर्फ नमक और प्याज के साथ खाना खाकर रहना पड़ता है. छात्राओं का आरोप है कि खराब भोजन खाने की वजह से रोज कोई न कोई बीमार पड़ रही है. लेकिन शिकायत करने के बावजूद मेस व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है.
41 डिग्री की भीषण गर्मी में पीने का पानी नहीं
पूरा बिहार भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहा है, वहीं छात्रावास में शुद्ध पेयजल तक की उचित व्यवस्था नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है. छात्राओं का कहना है कि उन्हें मजबूरी में गंदा और दूषित पानी पीना पड़ रहा है. कई छात्राओं ने आरोप लगाया कि पानी की गुणवत्ता इतनी खराब है कि उसे पीने के बाद पेट संबंधी बीमारियां बढ़ गई है. सबसे हैरानी की बात यह है कि यह पूरा मामला अनुमंडलीय अस्पताल परिसर का है, जहां लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभाली जाती है. इसके बावजूद भविष्य की स्वास्थ्यकर्मियों को ही बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है.

खाना मांगो तो मिलती है गालियां और झाड़ू की मार
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने मेस प्रबंधन के व्यवहार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्राओं का कहना है कि यदि कोई छात्रा दोबारा खाना मांग लेती है या खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है, तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है. गालियां दी जाती हैं और डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है. कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि कई बार झाड़ू उठाकर मारने तक की धमकी दी गई. छात्राओं का कहना है कि मेस संचालकों द्वारा ऐसा माहौल बना दिया गया है कि लड़कियां खुलकर अपनी बात भी नहीं रख पातीं. डर और दबाव के बीच छात्राएं लंबे समय से यह सब सहन कर रही थीं, लेकिन जब लगातार हालत बिगड़ती गई तो उनका गुस्सा फूट पड़ा.

विरोध प्रदर्शन के दौरान दो छात्राएं बेहोश
जब छात्राओं ने थाली पीटकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया, तो देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया. छात्राएं लगातार नारेबाजी कर मेस प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही थीं. इसी दौरान अचानक दो छात्राएं बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं, जिससे वहां मौजूद अन्य छात्राओं और अस्पताल कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में दोनों छात्राओं को अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सक डॉ. चंदन कुमार ने उनका प्राथमिक उपचार किया. डॉक्टरों के अनुसार इलाज के बाद दोनों छात्राओं की स्थिति फिलहाल सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं
शिक्षिका ने भी मानी लापरवाही
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह रही कि ANM विद्यालय की शिक्षिका ज्योति सिंह ने NDTV से संवाददाता से बात करते हुए स्वीकार किया कि खराब भोजन की वजह से छात्राएं लगातार बीमार पड़ रही हैं. उन्होंने माना कि खाने की गुणवत्ता और व्यवस्था में गंभीर कमी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक सुधार नहीं किया गया. छात्राओं के जोरदार प्रदर्शन और हंगामे के बाद जांच अधिकारी गौरव कुमार मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर जल्द समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया. हालांकि छात्राओं का साफ कहना है कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए. छात्राओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.
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