भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लालूचक गांव में बीती रात उस समय हड़कंप मच गया, जब 8 से 12 वर्ष की पांच नाबालिग बच्चियां अचानक लापता हो गईं. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद यादव ने तुरंत मोर्चा संभाला और सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी तथा डीएसपी टू राकेश कुमार के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए साइबर सेल और डॉग स्क्वायड को भी काम पर लगा दिया था.
25000 रुपये का रखा था इनाम
खोजबीन के दौरान टीम ने जिले के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बरारी घाट और सबौर घाट सहित कई संवेदनशील स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. प्रशासन की ओर से बच्चियों का सुराग देने वाले को 25,000 रुपये इनाम देने की घोषणा भी की गई थी. लापता बच्चियों की पहचान श्वेता कुमारी, गंगा कुमारी, तेजस्वी कुमारी, पल्लवी और सोनम कुमारी के रूप में हुई है.
ट्रेन से पहुंची पटना
इस बीच, पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. गायब होने के महज 24 घंटे के भीतर सभी पांचों बच्चियों को पटना रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया गया है. राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने इन्हें पटना स्टेशन पर ट्रैक किया, जहां ये सभी भागलपुर से ट्रेन के जरिए पहुंची थीं.
फिलहाल पटना रेल पुलिस इन बच्चियों से सघन पूछताछ कर रही है और वे लगातार भागलपुर पुलिस के संपर्क में हैं. बच्चियों के मिल जाने से जहां पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, वहीं परिजनों और ग्रामीणों की चिंता भी दूर हुई है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बच्चियां अकेले पटना कैसे पहुंचीं.
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