बिहार सरकार ने सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर दिया. सर्वेक्षण के मुताबिक बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) स्थिर मूल्य पर 8.6% और वर्तमान मूल्य पर 13.1% की दर से बढ़ रहा है. बिहार की प्रति व्यक्ति आय में भी इजाफा हुआ है. बिहार के विकास की गति देश की विकास दर से ज्यादा है. वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और इसमें औद्योगीकरण की भूमिका अहम है. सरकार इस बार भी औद्योगीकरण पर फोकस कर रही है. निवेशकों को लुभाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम जैसी व्यवस्था की जा रही है. हालांकि आंकड़े बताते हैं कि इस पहल का पॉजिटिव इम्पैक्ट नहीं दिख रहा. राज्य में फैक्ट्रियों की संख्या घट रही है.
आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 2014-15 में 3530 फैक्ट्रियां थी. इनमें 2942 ऑपरेशनल थी लेकिन 2023-24 में इसकी संख्या घटकर 2692 पहुंच गई. यानी 10 फीसदी फैक्ट्रियां घट गई. 2014- 15 में भारत की कुल फैक्ट्रियों का 1.53% बिहार में था, जो 2023-24 में 1.30% रह गया. इतना ही नहीं, इन फैक्ट्रियों में काम करने वालों की संख्या भी घटी है. 2014-15 में इन फैक्ट्रियों में 1 लाख 46 हजार लोग काम करते थे, वहीं 2023-24 में यह संख्या घटकर 1 लाख 39 हजार पर पहुंच गई. हालांकि इस दौरान वैल्यू आउटपुट और फिक्स्ड कैपिटल में बढ़ोतरी हुई है.
पटना सबसे अमीर जिला, शिवहर सबसे गरीब
सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि राजधानी पटना सबसे अमीर जिला है जबकि शिवहर सबसे गरीब. पटना की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 31 हजार 332 है, बेगूसराय की 61 हजार 566 और मुंगेर की 54 हजार 469 है. यह तीन सबसे अमीर जिले हैं. वहीं शिवहर की प्रति व्यक्ति आय 22 हजार 47 है, अररिया की 23 हजार 670 और सीतामढ़ी की 24 हजार 332 है. पेट्रोल, डीजल, LPG की खपत में पटना दूसरे जिलों से काफी आगे है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं