बिहार के बेगूसराय जिले के बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में पुलिस ने दो कुख्यात अपराधियों, सोनू सिंह और मोनू सिंह को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिस पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने अपराधियों की कमर में खुद पिस्टल रखकर उन्हें फंसाया है.
20 जून की है घटना
इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बलिया डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि बीते 20 जून को बरियारपुर गांव में बच्चों के आपसी ने विवाद का रूप ले लिया था. जिसमें बाद में दो पक्षों में जमकर विवाद हुआ था. इसके बाद एक पक्ष के लोगों ने सोनू और मोनू को बुलाया था. जहां दोनों भाइयों ने पहुंचकर फायरिंग की थी. घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को छानबीन के दौराम घटनास्थल पर एक खोखा बरामद किया गया था, जिसके बाद दोनों पर मामला दर्ज किया गया था. वही फायरिंग की घटना के बाद से सोनू और मोनू दोनों फरार चल रहे थे.
पुलिस ने क्या बताया?
डीएसपी सुबोध कुमार के अनुसार, शनिवार को मुखबिर की सूचना पर आरोपी अपने घर के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे. जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ने की योजना बनाई. योजना के अनुसार कार्रवाई करने के दौरान दोनों ने खुद को पुलिस से घिरता देख आरोपियों ने पुलिस दल पर ही हथियार तान दिए. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें काबू किया और उनके पास से एक पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद किया.
वायरल वीडियो पर पुलिस का पक्ष
वहीं पुलिस के जरिए जबरन हथियार दिए जाने के वायरल वीडियो के सवाल पर डीएसपी सुबोध कुमार ने कहा कि यह आरोप निराधार है. पुलिस छापेमारी के दौरान बदमाशों ने ही पुलिस टीम पर पिस्टौल तान दी थी जिसके बाद काफी मशक्त कर दोनों से से हथियार छिने गए थे. सोनू सिंह और मोनू सिंह पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. सोनू पर 11 मामले जबकि मोनू पर 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
यह भी पढ़ें: यूपी: कुख्यात नकल माफिया सोनू सिंह यादव की 60 लाख की संपत्ति कुर्क, डर और दबंगई से खड़ी की थी दौलत
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं