- CM सम्राट चौधरी की पहल पर सहयोग हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल शुरू किया, जिससे शिकायतें घर बैठे दर्ज कराई जा सकेंगी
- शिकायतकर्ता को रजिस्ट्रेशन नंबर देकर ऑनलाइन शिकायत की स्थिति देखने का अधिकार मिलेगा
- बिजली, पानी, सड़क, राशन, पेंशन, जमीन विवाद और सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर
बिहार सरकार ने आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 और सहयोग पोर्टल की शुरुआत की. सरकार का दावा है कि अब राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा और 30 दिनों के अंदर उसका समाधान किया जाएगा. पटना स्थित संवाद भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इस नई व्यवस्था का उद्घाटन किया. इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
सम्राट सरकार का कहना है कि अब लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. बिजली, पानी, सड़क, राशन, पेंशन, जमीन विवाद, सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी या किसी भी विभाग से जुड़ी शिकायत सीधे सहयोग पोर्टल पर दर्ज की जा सकेगी. इसके अलावा जो लोग ऑनलाइन शिकायत नहीं कर सकते, वे हेल्पलाइन नंबर 1100 पर कॉल करके भी अपनी समस्या बता सकेंगे.

सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक चलेगी हेल्पलाइन
सरकार के मुताबिक सहयोग हेल्पलाइन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक काम करेगी. कॉल करने पर संबंधित अधिकारी शिकायत दर्ज करेंगे और शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी भी देंगे. सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से गांव और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी. ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के बाद आवेदक को एक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा. इसी नंबर के जरिए लोग अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे. इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और लोगों को यह पता चलता रहेगा कि उनकी शिकायत किस स्तर पर पहुंची है.
30 दिनों के भीतर समाधान जरूरी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित विभाग को भेजा जाएगा और 30 दिनों के भीतर उसका निपटारा करना अनिवार्य होगा. शिकायत के समाधान के बाद आवेदक को लिखित सूचना भी दी जाएगी. सरकार का कहना है कि इससे जवाबदेही तय होगी और विभागों की कार्यशैली में सुधार आएगा. नई व्यवस्था के तहत हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर भी लगाया जाएगा. इन शिविरों में लोग सीधे अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रख सकेंगे. मौके पर ही शिकायत सुनने और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याएं तेजी से सुलझेंगी.
ऐसे दर्ज करें शिकायत
- सबसे पहले मोबाइल या कंप्यूटर में
- sahyog.bihar.gov.in
- वेबसाइट खोलनी होगी.
- इसके बाद अपना नाम, मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी भरनी होगी.
- फिर जिस विभाग से शिकायत जुड़ी है, उसे चुनकर अपनी समस्या लिखनी होगी.
- जरूरत पड़ने पर दस्तावेज या फोटो भी अपलोड किए जा सकते हैं.
- शिकायत सबमिट होते ही एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जिससे लोग अपनी शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे.
सरकार का क्या है उद्देश्य?
सरकार का कहना है कि सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को तेज, आसान और पारदर्शी सरकारी सेवा देना है. इससे लोगों की परेशानी कम होगी, समय की बचत होगी और शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा. नई व्यवस्था को बिहार में प्रशासनिक सुधार और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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