बिहार में निगरानी टीम (Vigilance) की कार्रवाई लगातार जारी है. कई जिलों में रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई की जा रही है. सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों पर निगरानी टीम शिकंजा कस रही है. इस बीच निगरानी टीम ने जमुई जिले में बड़ी कार्रवाई की है. जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिकंदरा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी (Executive Officer) को 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
निगरानी टीम ने जाल बिछाकर किया ट्रैप
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अधिकारी की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई है, जो सिकंदरा नगर पंचायत में Executive Officer पद पर कार्यरत है. उनके साथ स्वच्छता प्रहरी सोनू चौधरी को भी टीम ने मौके से दबोचा है. बताया जा रहा है कि दोनों पर लंबे समय से अवैध वसूली के आरोप थे, जिसके बाद निगरानी विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछा कर ट्रैप किया.
सुबह 3 बजे निगरानी टीम ने की कार्रवाई
बताया जा रहा है कि मंगलवार (28 अप्रैल) तड़के करीब 3 बजे निगरानी टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया गया. जैसे ही रिश्वत की राशि का लेन-देन हुआ, टीम ने तत्काल छापेमारी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और मौके से 50 हजार रुपये नकद बरामद किए. कार्रवाई के बाद दोनों को सिकंदरा थाना लाया गया, जहां गहन पूछताछ जारी है. जांच के दौरान निगरानी टीम अन्य संभावित संलिप्त लोगों और पूरे नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है.
सिकंदरा थानाध्यक्ष विकास कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.
इस घटना के बाद नगर पंचायत और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है, वहीं आम लोगों के बीच भी चर्चा तेज है. लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है.
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