Patna News: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोगों के लिए बड़ी राहत है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल के निर्देश पर बुधवार को विभाग ने फैसला लिया है कि अब राज्यभर में जमीन के पेंडिंग आवेदनों को लटकाया नहीं जाएगा. इनका निपटारा सिर्फ 7 दिन के अंदर करना होगा. इसके लिए 11 से 17 जून 2026 तक पूरे राज्य में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
अधिकारियों की तय हुई जिम्मेदारी
काम में कोई लापरवाही न हो, इसके लिए सीधे तौर पर अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाया गया है. उन्हें सख्त निर्देश है कि इन 7 दिनों के अंदर हर हाल में पेंडिंग फाइलों की 100% स्कैनिंग, पोर्टल पर एंट्री और उनका फाइनल निपटारा सुनिश्चित किया जाए.
बिना वाजिब कारण बताए रिजेक्ट नहीं होगी फाइल
जिन लोगों ने पहले से ऑनलाइन आवेदन किया हुआ है, उनके काम जमीन मालिकों द्वारा जमा किए गए कागजातों के आधार पर निपटाए जाएंगे. अब कोई भी अधिकारी अपनी मर्जी से आवेदन रिजेक्ट नहीं कर सकेगा. अगर फाइल नामंजूर की जाती है, तो अधिकारी को जमीन मालिक को उसका बिल्कुल स्पष्ट और सही कारण बताना होगा.
काम में लगाई जाएगी अमीनों की ड्यूटी
तय समय में काम पूरा करने के लिए विभाग विशेष सर्वेक्षण अमीनों की सेवाएं भी लेगा. हालांकि, शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद और अरवल जिलों को इससे अलग रखा गया है, क्योंकि वहां पहले से ही विशेष सर्वेक्षण का काम चल रहा है.
अभियान खत्म होने तक अधिकारियों के ट्रांसफर पर रोकइस पूरे अभियान में कोई रुकावट न आए, इसके लिए सरकार ने एक और सख्त आदेश जारी किया है. जब तक यह विशेष शिविर चलेगा, तब तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में किसी भी अधिकारी का ट्रांसफर नहीं किया जाएगा. अधिकारियों का पूरा फोकस सिर्फ आम लोगों को जल्द राहत देने पर रहेगा.
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