- बिहार के दो जिलों नवादा और बांका में आसमानी बिजली ने तबाही मचा दी है.
- दो अलग-अलग घटनाओं में कुल आठ लोगों की मौत हुई है, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं.
- बिजली गिरने के दौरान मजदूर खेत में काम करने के लिए आए हुए थे.
बिहार के दो जिलों नवादा और बांका में आकाशीय बिजली कहर बनकर टूटी है. दो अलग-अलग मामलों में आठ लोगों की मौत हुई है. नवादा जिले में मंगलवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई. हादसा रजौली प्रखंड की अमावां पश्चिमी पंचायत के दरियापुर गांव के पास हुआ. बताया जा रहा है कि किसान मनोज यादव के खेत में मजदूर धान की रोपाई कर रहे थे. इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली खेत में गिर गई. हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई.

'रोजी-रोटी की तलाश में आए थे मजदूर... '
सीतामढ़ी जिले के मधेशरा गांव से 12 मजदूर धान रोपाई के मौसम में मजदूरी करने के लिए रजौली इलाके में आए हुए थे. ये मजदूर अलग-अलग स्थानों पर धान की रोपाई कर रहे थे. कुछ मजदूर राजा बिगहा गांव में काम कर रहे थे, जबकि चार मजदूर दरियापुर गांव में मनोज यादव के खेत में धान रोप रहे थे. इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया. आसमान में बादल छाने के बाद तेज गर्जना हुई और खेत में काम कर रहे मजदूरों पर बिजली गिर गई.
इस हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि वज्रपात की चपेट में आने वाले तीनों मजदूर आपस में रिश्तेदार थे. मृतकों की पहचान सीतामढ़ी जिले के मधेशरा गांव निवासी मनी मांझी (60), रामप्रीत मांझी के पुत्र राजेंद्र मांझी (20) और इंदल मांझी के पुत्र इंद्रजीत मांझी (18) के रूप में हुई है.
मनी मांझी, राजेंद्र और इंद्रजीत आपस में रिश्तेदार थे. इसी दौरान उनके साथ काम कर रहा रघुवीर कुमार इस हादसे में बाल-बाल बच गया. उसने घटना को अपनी आंखों से देखा था.
मौके पर पहुंचीं एंबुलेंस...
हादसे की जानकारी मिलने के बाद बड़ी तादाद में गांव के लोग मौके पर जुट गए. पुलिस और प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई. रजौली से दो एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं. घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसर गया है. रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे जिले से आए मजदूरों की अचानक मौत ने उनके परिवारों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा कर दिया है.
रजौली थाना अध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रणजीत कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. एएसआई संजय कुमार यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जरूरी कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की. शवों को पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेजा जा रहा है.
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आपदा प्रबंधन के तहत मिलेगा मुआवजा
अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने बताया कि वज्रपात से तीन लोगों की मौत की सूचना मिली है. मृतकों के परिजनों को आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के तहत सरकारी मुआवजा दिया जाएगा. प्रशासन की तरफ से जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. बारिश के मौसम में खेतों में काम करने के दौरान हुई इस घटना ने एक बार फिर खुले स्थानों पर वज्रपात के खतरे को सामने ला दिया है. हादसे के बाद दरियापुर और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है.
बांका में 4 महिलाओं सहित 5 की मौत
बिहार के बांका जिले में मंगलवार को बारिश के दौरान वज्रपात ने जमकर कहर बरपाया. चांदन और बौंसी प्रखंड क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गये. मृतकों में चार महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं. घायलों में कई महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं. घटनाओं के बाद प्रभावित गांवों में मातम पसर गया है.
चांदन प्रखंड के सुईया थाना क्षेत्र के बोंड़ा गांव में मंगलवार शाम खेत में धान रोपने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक किशोर और एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गए. गांव वालों की मदद से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया.
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घटना पर बेलहर के जेडीयू विधायक मनोज यादव ने दुख जताते हुए कहा कि एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत बेहद दुखद है. उन्होंने पीड़ित परिवारों को सरकार की तरफ से मिलने वाली मुआवजा राशि जल्द दिलाने का आश्वासन दिया. इधर, बौंसी प्रखंड में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत और पांच लोग घायल हो गए. सिराय गांव के वार्ड नंबर-7 निवासी सुरेश यादव खेत में जाने के दौरान पोखर के पास वज्रपात की चपेट में आ गये और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.
काजीकैरी गांव में सुफियाना खातून (50) खेत में धान रोप रहे मजदूरों के लिए नाश्ता पहुंचाकर लौट रही थीं. इसी दौरान वज्रपात की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई. वहीं, नसीमा खातून (40) गंभीर रूप से झुलस गईं. नदी में पानी और पुल नहीं होने की वजह से उनका इलाज गांव में ही कराया जा रहा है. दलिया गांव की माधुरी देवी (42) सहित बेना मोहनपुर गांव की तीन महिलाएं भी वज्रपात से झुलस गईं.
सुरेश यादव और सुफियाना खातून के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बताया गया कि दोनों परिवारों ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया. लगातार बारिश के बीच वज्रपात की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.
(बांका से दीपक कुमार के इनपुट के साथ)
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