Bihar News: बिहार के नालंदा जिले में विकास के दावों की पोल उस समय खुल गई जब मानपुर के दरियापुर तेतरामां स्थित सकरी नदी पर बना करोड़ों रुपये की लागत वाला पुल अचानक क्षतिग्रस्त हो गया. उद्घाटन के महज 5 साल के भीतर पुल का एक बड़ा हिस्सा धंस जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
भ्रष्टाचार का लगा आरोप
यह पुल बिहारशरीफ, कतरीसराय और शेखपुरा जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था. स्थानीय लोगों के अनुसार इसका निर्माण 2014 में शुरू हुआ था और 2021 में इसे जनता के लिए खोला गया था. महज चंद वर्षों में पुल का इस तरह जर्जर हो जाना सीधे तौर पर भारी भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल उनके लिए केवल एक मार्ग नहीं बल्कि जीवनरेखा था, जिसके टूटने से अब उन्हें लंबी दूरी तय करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
प्रशासन की नींद उड़ी
पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही प्रशासन और बिहार राज्य पुल निगम की टीम हरकत में आई. किसी भी बड़े हादसे को टालने के लिए प्रशासन ने तत्काल पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है और टूटे हुए हिस्से के पास ईंट की दीवार खड़ी कर बैरिकेडिंग कर दी गई है. मौके पर पुलिस बल की तैनाती भी कर दी गई है ताकि कोई वाहन पुल पर न चढ़ सके.
बिहार राज्य पुल निगम के वरीय कार्यपालक अभियंता रूप नारायण शर्मा ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में डायवर्सन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है, जिसे एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा. साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि पुल के इस तरह क्षतिग्रस्त होने के कारणों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी. फिलहाल ग्रामीण जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, क्योंकि बरसात का मौसम करीब है और नदी का जलस्तर बढ़ने पर मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं.
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