विज्ञापन
This Article is From Nov 13, 2025

Pipra Result: पिपरा में JDU ने तोड़ा विधायक बदलने का ट्रेंड, राम विलास कामत ने बड़े अंतर से दर्ज की जीत

Pipra Assembly Seat: सुपौल जिले के पिपरा सीट का चुनावी इतिहास देखें तो पता चलता है कि यहां के लोग हर 5 साल में विधायक बदल देते है. 2010 में यहां जदयू की सुजाता देवी विधायक बनी थी. लेकिन इस बार यह ट्रेंड बदल गया.

Pipra Result: पिपरा में JDU ने तोड़ा विधायक बदलने का ट्रेंड, राम विलास कामत ने बड़े अंतर से दर्ज की जीत
Pipra Assembly Seat
  • बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सुपौल जिले के पिपरा विधानसभा क्षेत्र में 11 नवंबर को मतदान होगा.
  • पिपरा विधानसभा क्षेत्र की स्थापना 2008 में हुई और यहां हर पांच साल में विधायक बदलते रहे हैं.
  • जदयू के राम विलास कामत ने 14 अक्टूबर को पिपरा से नामांकन पर्चा दाखिल कर चुनावी मैदान में कदम रखा है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
सुपौल:

Pipra Election Result 2025: मधुबनी जिले की पिपरा विधानसभा सीट से JDU के रामबिलास कामत ने बड़े अंतर से जीत दर्ज कर हर बार विधायक बदलने के ट्रेंड को तोड़ दिया. पिपरा विधानसभा सीट पर कामत को 107041 वोट मिले, जबकि सीपीआईएमएल प्रत्याशी अनिल कुमार को 69265 मत प्राप्त हुए. इस तरह रामबिलास कामत ने यहां से 37776 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. यहां से निर्दलीय प्रत्याशी लक्ष्मी कांत भारती 12 हजार वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे. जबकि जन सुराज के इंद्रदेव साह 5519 वोटों के साथ चौथे नंबर पर रहे.
 

पिपरा विधानसभा सीट का रिजल्ट.

पिपरा विधानसभा सीट का रिजल्ट.

मालूम हो कि 14 अक्टूबर को जदयू उम्मीदवार राम बिलास कामत ने नामांकन पर्चा दाखिल किया था. जबकि पिपरा सीट से जन सुराज पार्टी ने सुबोध यादव को मैदान में उतारा था. महागठबंधन की ओर से माकपा प्रत्याशी राजमंगल प्रसाद मुकाबले में थे. सुपौल जिले में स्थित पिपरा विधानसभा क्षेत्र राज्य की राजनीति के लिए काफी अहम मानी जाती है. इस सीट पर JDU की मजबूत स्थिति के बावजूद विपक्ष का भी दबदबा रहा था.

पिपरा विधासनभा सीट पर 11 नवंबर को दूसरे चरण में 72.79 प्रतिशत मतदान हुआ था. 

पिपरा का राजनीतिक इतिहास

बिहार में 2008 में हुए परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई. 2010 में इस सीट पर पहली बार विधानसभा चुनाव हुए और उस दौरान जदयू की सुजाता देवी ने 14,686 वोटों से जीत हासिल की. हालांकि, 2015 के चुनाव में यह सीट जदयू के हाथों से निकल गई और राजद के यदुवंश कुमार यादव ने भाजपा के विश्व मोहन कुमार को 36,369 वोटों से मात दी. 2020 में फिर से यहां परिवर्तन हुआ और जदयू ने जीत दर्ज की. 2020 में यहां से जदयू के रामविलास कामत ने जीत हासिल की थी. उन्होंने राजद के विश्ममोहन कुमार को हराया था.

पिपरा में हर 5 साल पर बदल जाते विधायक

पिपरा के चुनावी इतिहास को देखें तो यह पता चलता है यहां के लोग हर 5 साल में विधायक बदल देते हैं. 2010 में यहां जदयू की सुजाता देवी विधायक बनीं. लेकिन 2015 में लोगों ने राजद के यदुवंश कुमार यादव को जिताया. फिर 2020 में लोगों ने जदयू रामविलास कामत को जिताया. अब देखना है कि इस बार लोग फिर विधायक बदलते है या फिर रामविलास कामत परंपरा को तोड़ने में सफल हो पाते हैं.

जदयू से सीटिंग विधायक रामविलास कामत ने पर्चा दाखिल कर दिया है.

जदयू से सीटिंग विधायक रामविलास कामत ने पर्चा दाखिल कर दिया है.

इस बार पिपरा में जदयू ने तोड़ी पुरानी परिपाटी

2025 से पहले तक पिपरा की राजनीति में एक खास बात यह रही कि कोई भी पार्टी लगातार तीन चुनावों में एक ही उम्मीदवार को टिकट नहीं दे पाई है. पिछले तीन चुनावों में पार्टी के साथ-साथ जीतने वाला उम्मीदवार भी अलग ही रहा है. लेकिन इस बार यह परिपाटी टूटी है. जदयू ने सीटिंग विधायक राम विलास कामत को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है.

सुरसार नदी के किनारे बसा है पिपरा विधानसभा क्षेत्र

पिपरा विधानसभा क्षेत्र सुरसार नदी के तट पर स्थित है, जिसके कारण यहाँ साल बाढ़ का खतरा बना रहता है.यह नदी जहां कृषि के लिए उपजाऊ भूमि प्रदान करती है, वहीं बाढ़ के रूप में तबाही भी लाती है. इसके बावजूद, यहां धान,गेहूं, मक्का और जूट जैसी फसलों की बड़े पैमाने पर खेती होती है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था का आधार है. हालांकि, क्षेत्र की भौगोलिक-आर्थिक स्थिति और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां इसे विकास में पीछे रखती हैं.

पिपरा विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मुद्दें

सड़क, बिजली और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी यहां के निवासियों के लिए बड़ी समस्या है. कृषि-आधारित उद्योगों की कमी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं का पलायन एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है. सुपौल जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी पूर्व में स्थित पिपरा के आसपास के प्रमुख क्षेत्रों में सिंहेश्वर स्थान(22 किमी) मधेपुरा (30 किमी), सहरसा (50 किमी), बनमंखी (60 किमी), और पूर्णिया (100किमी) शामिल हैं.

करीब 2.90 लाख वोटर, मुस्लिम और अनूसूचित जाति के वोटर अधिक

चुनाव आयोग के अनुसार, 2020 के विधानसभा चुनाव में पिपरा में 2,89,160 रजिस्टर्ड मतदाता थे, जिनमें 16.70 प्रतिशत मुस्लिम और 14.65 प्रतिशत अनुसूचित जाति के मतदाता शामिल थे. इसके अलावा, यादव मतदाता भी क्षेत्र में बड़ी संख्या में हैं, जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. पिपरा में जदयू की मजबूत पकड़ के बावजूद आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में राजद-नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन से उन्हें कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें - बिहार चुनाव: 35 साल से लगातार विधायक बन रहे मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, सुपौल से इस बार भी मैदान में

(सुपौल से अभिषेक मिश्रा की रिपोर्ट)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com