नेपाल में बुधवार को आई अचानक और तेज बाढ़ ने बिहार की चिंता बढ़ा दी है. नेपाल के रासुवा जिले में भोटे कोशी नदी का पानी अचानक तेजी से बढ़ गया. बाढ़ इतनी तेज थी कि कई गांव, सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं इसकी चपेट में आ गईं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है और कई लोग अभी लापता हैं. नेपाल में राहत और बचाव का काम चल रहा है.
बिहार में अलर्ट जारी
नेपाल की इस घटना का असर बिहार तक पहुंच सकता है. भोटे कोशी नदी आगे चलकर गंडक नदी से जुड़ती है और गंडक बिहार में प्रवेश करती है. यही वजह है कि बिहार सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लिया है. राज्य में बाढ़ की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को अलर्ट रहने और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा गया है.
बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. विभाग की ओर से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. खासकर नेपाल से आने वाली नदियों और उनके रास्ते में पड़ने वाले इलाकों पर ध्यान दिया जा रहा है. प्रशासन को कहा गया है कि पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय पर जानकारी दी जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाए. बिहार में बाढ़ से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग, जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और दूसरी एजेंसियां मिलकर काम करती हैं.

नेपाल में उफान पर आई नदी
SDRF और NDRF हुई तैनात
राहत और बचाव के लिए SDRF और NDRF की टीमों को भी तैयार रखा गया है. जरूरत वाले इलाकों में टीमों को भेजने की तैयारी है. प्रशासन का फोकस खास तौर पर उन इलाकों पर है जहां नदी का पानी तेजी से बढ़ सकता है. नाव, राहत सामग्री और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है. बिहार सरकार पहले से ही बाढ़ के खतरे वाले जिलों में राहत और बचाव की तैयारी करती रही है.
लोगों को भी सावधान रहने की सलाह दी गई है. खासकर नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से कहा जा रहा है कि पानी बढ़ने पर सुरक्षित और ऊंची जगहों की ओर चले जाएं. लोगों को नदी, नहर और तेज बहाव वाले पानी के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है. प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह का खतरा दिखने पर लोग इंतजार न करें और सुरक्षित जगह पर चले जाएं.
भारत नदियों पर निगरानी हुई तेज
बिहार में इस समय पहले से ही कई नदियों का पानी बढ़ा हुआ है. गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और घाघरा जैसी नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. ऐसे में नेपाल से आने वाला अतिरिक्त पानी चिंता बढ़ा सकता है. खासकर उत्तर बिहार के उन जिलों पर नजर है जहां नेपाल से निकलने वाली नदियां सीधे पहुंचती हैं.
जल संसाधन विभाग भी लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है. नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद कोसी और गंडक के रास्ते आने वाले पानी को लेकर पहले ही चेतावनी दी गई है. विभाग ने ज्यादा पानी आने की संभावना को देखते हुए निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ाने को कहा है.

नेपाल में आई बाढ़
कोशी नदी में अचानक आया उफान
नेपाल में जिस तेजी से पानी आया, उसने भी चिंता बढ़ाई है. रासुवा के स्याफ्रुबेसी और तिमुरे इलाके में भोटे कोशी नदी अचानक उफान पर आ गई. कई जगह सड़क और पुल बह गए. बिजली परियोजनाओं को भी भारी नुकसान हुआ है. करीब 430 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित होने की खबर है. राहत टीमों को भी कई जगह पहुंचने में मुश्किल हो रही है.
नेपाल के अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को ऊंची जगहों पर जाने की सलाह दी है. यही सावधानी बिहार में भी बरती जा रही है. खासकर दियारा और नदी किनारे के गांवों में प्रशासन को लोगों से संपर्क बनाए रखने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर इन इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर ले जाने की तैयारी की जा रही है.
बिहार के लिए यह अलर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में हर साल नेपाल से आने वाली नदियों के कारण बाढ़ का खतरा रहता है. नेपाल में बारिश या अचानक पानी बढ़ने का असर कुछ समय बाद बिहार में दिखाई देता है. इसलिए नेपाल की हर बड़ी बाढ़ बिहार के लिए भी एक चेतावनी होती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं