10 Circular Road Vs 39 Harding Road: बिहार की सियासत में इन दिनों सरकारी आवास खाली करने को लेकर मचा घमासान सिर्फ राजनीतिक रसूख की लड़ाई नहीं रह गया है। 10, सर्कुलर रोड को खाली करने के प्रशासन के 15 दिनों के अल्टीमेटम के बाद अब यह बात खुलकर सामने आ रही है कि आखिर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव इस बंगले को क्यों नहीं छोड़ना चाहते. दरअसल, राबड़ी देवी को आवंटित नए आवास '39, हार्डिंग रोड' और वर्तमान आवास '10, सर्कुलर रोड' के बीच केवल पते का अंतर नहीं है, बल्कि इनकी बनावट, सुविधाओं, वास्तु और इतिहास में जमीन-आसमान का फर्क है.
10 सर्कुलर रोड बनाम 39 हार्डिंग रोड: सुविधाओं का बड़ा अंतर
लालू परिवार के नए बंगले में शिफ्ट न होने के पीछे व्यावहारिक और ढांचागत कारण निम्नलिखित हैं:
आकार और परिसर
10, सर्कुलर रोड: यह एक बेहद विशाल और भव्य बंगला है. इसके खुले परिसर में एक साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नेताओं के बैठने की व्यवस्था आसानी से हो जाती है.
39, हार्डिंग रोड: आकार के मामले में यह बंगला वर्तमान आवास के मुकाबले काफी छोटा है. इसका खुला परिसर बेहद सीमित है, जहां बड़ी राजनीतिक बैठकें या कार्यकर्ताओं का हुजूम जुटना नामुमकिन है.
आधुनिक और मेडिकल सुविधाएं
10 सर्कुलर रोड बनाम 39 हार्डिंग रोड : आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की गंभीर बीमारी और स्वास्थ्य को देखते हुए इस बंगले में लालू परिवार ने अपनी जरूरत के अनुसार आधुनिक सुविधाएं ( लिफ्ट से लेकर रैम्प)बनवाई हैं. जबकि नए बंगले में इस तरह की कोई आधुनिक सुविधा उपलब्ध नहीं है.
गौशाला और बगीचा
10, सर्कुलर रोड: लालू प्रसाद यादव के पारंपरिक शौक के मुताबिक यहां एक बड़ी गौशाला और एक बेहद खूबसूरत, बड़ा बगीचा (गार्डन) है.
39, हार्डिंग रोड: नए परिसर में न तो बड़ी गौशाला बनाने के लिए पर्याप्त जमीन है और न ही मनमुताबिक गार्डनिंग एरिया उपलब्ध है.
कमरों की संख्या
10, सर्कुलर रोड: इस बंगले में सुरक्षाकर्मियों, स्टाफ, बड़े परिवार और राज्यभर से आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिए कमरों की संख्या बहुत अधिक है.
39, हार्डिंग रोड: इस बंगले में कमरों की संख्या काफी कम है, जिससे बड़े परिवार को रहने में असुविधा होगी.
'अनलकी' इतिहास और वास्तु दोष का डर!
स्थानीय बुजुर्गों और राजनैतिक जानकारों के अनुसार, 39, हार्डिंग रोड वाले बंगले का इतिहास बहुत कल्याणकारी नहीं रहा है. इस बंगले के पीछे कब्रिस्तान हुआ करता था, इन सभी धार्मिक, पारंपरिक और वास्तु संबंधी दोषों के कारण लालू परिवार इस बंगले में प्रवेश करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है.
10 सर्कुलर रोड: सुनहरी यादें और 'लक फैक्टर'
10 सर्कुलर रोड वाला बंगला लालू परिवार के लिए बेहद लकी रहा है. इसने इतिहास में लालू परिवार के कई सुनहरे पल देखे हैं. इसी बंगले में रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने साल 2015 में महागंठबंधन का ताना-बाना बुना था और एक बार फिर बिहार की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत की थी. यही वजह है कि इस बंगले को छोड़ना लालू परिवार के लिए इमोशनली और पॉलिटिकल दोनों तरह से एक बड़ा झटका है.
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