प्रतीकात्मक तस्वीर
भोपाल:
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले माह शिविर में किए गए मोतियाबिंद ऑपरेशन में लापरवाही के चलते 40 से अधिक लोगों की आंखो की रौशनी खोने और धुंधली होने के मामले में सोमवार को बड़वानी जिले के सिविल सर्जन को निलंबित कर दिया है।
सरकार इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में अब तक सात कर्मचारियों को निलंबित कर चुकी है। इनमें डॉ आरएस पलोड भी शामिल हैं, जिनके निर्देशन में यह ऑपरेशन किए गए थे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के छह कर्मियों को भी निलंबित किया गया है।
चौहान ने सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में संवाददाताओं को बताया, ‘बड़वानी के सिविल सर्जन डॉ अमर सिंह विश्नार को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि प्रभावितों का सरकारी खर्च पर इलाज किया जाएगा तथा प्रत्येक मरीज को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है तथा दोषियों को कड़ी सजा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही यह सामने आयेगा कि सरकारी शिविर में कहां गलती हुई जिससे लोगों की आंखों की रौशनी का नुकसान हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया है।’’ इस बीच, आपरेशन के बाद जिन मरीजों की आंखों में सूजन और आंखों की रौशनी प्रभावित हुई है। उनका इलाज इन्दौर के दो निजी अस्पतालों में किया जा रहा है। अंधत्व निवारण समिति द्वारा गत 16 से 21 नवंबर को बड़वानी में लगाए गए शिविर में इनका आंखों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था।
सरकार इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में अब तक सात कर्मचारियों को निलंबित कर चुकी है। इनमें डॉ आरएस पलोड भी शामिल हैं, जिनके निर्देशन में यह ऑपरेशन किए गए थे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के छह कर्मियों को भी निलंबित किया गया है।
चौहान ने सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में संवाददाताओं को बताया, ‘बड़वानी के सिविल सर्जन डॉ अमर सिंह विश्नार को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि प्रभावितों का सरकारी खर्च पर इलाज किया जाएगा तथा प्रत्येक मरीज को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है तथा दोषियों को कड़ी सजा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही यह सामने आयेगा कि सरकारी शिविर में कहां गलती हुई जिससे लोगों की आंखों की रौशनी का नुकसान हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया है।’’ इस बीच, आपरेशन के बाद जिन मरीजों की आंखों में सूजन और आंखों की रौशनी प्रभावित हुई है। उनका इलाज इन्दौर के दो निजी अस्पतालों में किया जा रहा है। अंधत्व निवारण समिति द्वारा गत 16 से 21 नवंबर को बड़वानी में लगाए गए शिविर में इनका आंखों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था।
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