जब्त नोट...
- गए नोटों को अवैध रूप से बदलने में शामिल रैकेट का पर्दाफाश
- सात कथित बिचौलियों को गिरफ्तार किया है
- कर्नाटक में 93 लाख रुपये के नए नोट बरामद किए हैं.
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बेंगलूरु:
चलन से बाहर किए गए नोटों को अवैध रूप से बदलने में शामिल रैकेट का पर्दाफाश करते हुए ईडी ने धनशोधन मामले में जांच के तहत सात कथित बिचौलियों को गिरफ्तार किया है और कर्नाटक में 93 लाख रुपये के नए नोट बरामद किए हैं.
अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने धनशोधन रोकथान कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कल देर रात एक सरकारी अधिकारी के संबंधी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि 93 लाख रुपये के नए नोट बरामद हुए. ये नोट दो-दो हजार रुपये के हैं.
अधिकारियों ने बताया कि एक मामले की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई. इस मामले में आयकर विभाग ने हाल में 5.7 करोड़ रुपये के नए नोट बरामद किए थे और प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार में एक सरकारी इंजीनियर एवं अन्य के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया था.
उन्होंने बताया कि ईडी अधिकारियों ने एक विशेष अभियान शुरू किया. उन्होंने अवैध रूप से पुराने नोट बदलवाने वाले ‘ग्राहकों’ के रूप में स्वयं को पेश किया अैर कथित बिचौलियों को कमीशन दिया. इसके बाद कथित बिचौलियों द्वारा अपनाई जा रही कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ.
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने जांच में पाया कि ये कथित बिचौलिये 15 से 35 प्रतिशत के बीच कमीशन कथित रूप से ले रहे थे और बैंक अधिकारियों की कथित मिली भगत से पुराने नोटों को अवैध रूप से नए नोटों में बदलने का गिरोह चला रहे थे.
उन्होंने कहा कि एजेंसी को संदेह है कि कालेधन को सफेद धन में बदलने में शामिल बिचौलियों की एक श्रृंखला है. मामले की जांच जारी है. आरोपियों को आगे हिरासत में लेने के लिए यहां स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने धनशोधन रोकथान कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कल देर रात एक सरकारी अधिकारी के संबंधी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि 93 लाख रुपये के नए नोट बरामद हुए. ये नोट दो-दो हजार रुपये के हैं.
अधिकारियों ने बताया कि एक मामले की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई. इस मामले में आयकर विभाग ने हाल में 5.7 करोड़ रुपये के नए नोट बरामद किए थे और प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार में एक सरकारी इंजीनियर एवं अन्य के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया था.
उन्होंने बताया कि ईडी अधिकारियों ने एक विशेष अभियान शुरू किया. उन्होंने अवैध रूप से पुराने नोट बदलवाने वाले ‘ग्राहकों’ के रूप में स्वयं को पेश किया अैर कथित बिचौलियों को कमीशन दिया. इसके बाद कथित बिचौलियों द्वारा अपनाई जा रही कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ.
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने जांच में पाया कि ये कथित बिचौलिये 15 से 35 प्रतिशत के बीच कमीशन कथित रूप से ले रहे थे और बैंक अधिकारियों की कथित मिली भगत से पुराने नोटों को अवैध रूप से नए नोटों में बदलने का गिरोह चला रहे थे.
उन्होंने कहा कि एजेंसी को संदेह है कि कालेधन को सफेद धन में बदलने में शामिल बिचौलियों की एक श्रृंखला है. मामले की जांच जारी है. आरोपियों को आगे हिरासत में लेने के लिए यहां स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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