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ईरान जंग के बीच ट्रंप बोले- एक रात में पूरे देश को खत्म किया जा सकता है, वो रात कल भी हो सकती है

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से जारी जंग के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस की. ट्रंप इस कॉन्फ्रेंस में F-15E के पायलट के रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी.

ईरान जंग के बीच ट्रंप बोले- एक रात में पूरे देश को खत्म किया जा सकता है, वो रात कल भी हो सकती है
वॉशिंगटन डीसी:

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान को एक रात में खत्म किया जा सकता है और वह रात कल की रात भी हो सकती है. उन्होंने यह बात सोमवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कही. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ईरान में F-15E के एयरमैन को बचाने के लिए चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी. ट्रंप ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर कहा कि हमारी जैसी सेना किसी देश के पास नहीं है. 

ट्रंप ने कहा कि हम यहां सबसे जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन की कामयाबी का जश्न मनाने आए हैं. ऐसे मिशन आमतौर पर होते नहीं है. एक व्यक्ति को लाने के लिए हमने 200 लोगों को भेजा. बहुत से लोगों ने हमारी मदद की. F-15 फाइटर जेट ईरान के काफी अंदर तक गया था.

ईरान को एक ही रात में खत्म कर सकते हैंः ट्रंप

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को एक ही रात में 'खत्म' किया जा सकता है, और कहा कि वह रात 'शायद' मंगलवार की शाम हो सकती है. ट्रंप ने कहा कि 'पूरे देश को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है, और वह रात शायद कल रात हो सकती है.'

रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में ट्रंप ने क्या बताया?

ट्रंप ने कहा कि यह जोखिम भरा फैसला था. इसका अंत 100 लोगों की मौत के साथ भी हो सकता था. हम अपने किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ते. दुश्मन के इलाके में हमने 21 विमान तैनात किए. यह मिशन दिन-दहाड़े 7 घंटे तक चला. हमारे पास जो हथियार और सेना हैं, वैसी किसी और के पास नहीं है.

उन्होंने बताया कि वेपन स्टेशन ऑफिसर पहले पायलट से काफी दूर उतरा था. वह घायल था और एक खतरनाक इलाके में फंसा हुआ था. उसका बहुत ज्यादा खून बह रहा था. उसने खुद ही अपनी लोकेशन बताई. उसे वापस लाने के लिए एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. वह 48 घंटे तक वहां छिपा रहा. रेस्क्यू ऑपरेशन में 155  विमान शामिल थे. 

ट्रंप ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में हमें किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ. हमने पुराने विमानों को उड़ा दिया. गीली रेत की वजह से C130 हरक्यूलिस विमान उड़ान नहीं भर पाया था. इसलिए हमने उसे उड़ा दिया. हम नहीं चाहते थे कि ईरानी उनकी जांच करे.

ट्रंप ने कहा कि भगवान हमें देख रहा था. किसी ने गिराए गए F-15 के बारे में जानकारी लीक कर दी थी. लीक की वजह से ऑपरेशन मुश्किल हो गया था. ईरान को पता चल गया था कि कोई आ रहा है. हमें उस लीक करने वाले को ढूंढना होगा. लीक करने वाले ने उसे बहुत बड़े खतरे में डाल दिया था.

रेस्क्यू में 155 विमान शामिल थे

ट्रंप ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में 155 विमान शामिल थे. इनमें 4 बॉम्बर, 64 लड़ाकू विमान, 48 रिफ्यूलिंग टैंकर और 13 रेस्क्यू एयरक्राफ्ट शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि पिछले 37 दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान के ऊपर 10 हजार से ज्यादा उड़ानें भरी हैं जो पहले कभी नहीं हुआ. उन्होंने आगे कहा कि पिछले हफ्ते में ईरान में जो अमेरिकी F-15 विमान मार गिराया गया था, वह इस पूरे ऑपरेशन में मार गिराया गया पहला विमान था.

CIA डायरेक्टर ने कहा- रेत के दाने को ढूंढने जैसा था

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने कहा कि ईरान में छिपे उस सैनिक को ढूंढना और बचाना एक 'बहुत बड़ी चुनौती' थी. उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, 'यह रेगिस्तान में रेत का एक दाना ढूंढने जैसा था.'

रैटक्लिफ ने कहा, 'यह समय के साथ एक दौड़ भी थी, क्योंकि यह बहुत जरूरी था कि हम गिरे हुए पायलट को जितनी जल्दी हो सके ढूंढ लें, और साथ ही अपने दुश्मनों को गुमराह करते रहें.' उन्होंने आगे कहा कि CIA ने लापता पायलट के बारे में ईरान को भ्रमित करने के लिए 'एक गुमराह करने वाला अभियान चलाया.'

उन्होंने बताया कि हमने सैनिक को ढूंढ निकाला और पुष्टि की कि वह जिंदा है. यह जानकारी हमने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को दी, उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को बताया और इस तरह रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ. रैटक्लिफ ने कहा कि वह सैनिक पहाड़ की एक दरार में छिपा हुआ था. वह दुश्मन की नजरों से तो ओझल था, लेकिन CIA की नज़रों से नहीं.'

रक्षा मंत्री बोले- ईरान को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी

अमेरिका के रक्षा मंत्री (वॉर सेक्रेटरी) पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान को उसके ही देश में मार गिराए गए एक F-15E विमान के क्रू सदस्य को बहादुरी से बचाए जाने की घटना से शर्मिंदगी और अपमान झेलना पड़ा है. उन्होंने कहा कि ईरान की सेना शर्मिंदा और अपमानित महसूस कर रही है और उन्हें ऐसा महसूस होना भी चाहिए. 

उन्होंने कहा कि 'जब आखिरकार वह (क्रू मेंबर) अपना इमरजेंसी ट्रांसपोंडर चालू कर पाया, तो उसका पहला संदेश सीधा-सादा और बहुत दमदार था. उसने संदेश भेजा- 'गॉड इज गुड'. 

हेगसेथ ने कहा कि 'अकेलेपन और खतरे के उस पल में उसका विश्वास और लड़ने का जज्बा साफ झलक रहा था. शुक्रवार को गुड फ्राइडे के दिन विमान को मार गिराया गया, शनिवार को वह पूरे दिन एक गुफा या दरार में छिपा रहा और रविवार को उसे बचा लिया गया. ईस्टर संडे की सुबह जब सूरज उग रहा था, तब उसे ईरान से बाहर ले जाया गया.'

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