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कार के टायर्स बदलने का सही समय कब होता है? जानिए ये 5 असली संकेत

इन सभी संकेतों को हमेशा ध्यान में रखें क्योंकि इन्हीं 4 पहियों पर आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा टिकी होती है. इसीलिए सही समय पर टायर बदलने में देरी न करें.

कार के टायर्स बदलने का सही समय कब होता है? जानिए ये 5 असली संकेत

आपकी गाड़ी के टायर जब तक घिसेंगे नहीं, तब तक वो बदले नहीं जाएंगे. है ना! लेकिन क्या आप जानते हैं कि घिसने से पहले भी आपकी गाड़ी के टायर कई ऐसे संकेत देते हैं जिनसे आप जान सके कि अब उन्हें बदलने का समय आ गया है. इन संकेतों को ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जब तक कोई बड़ा नुकसान न हो जाए. सही समय पर टायर न बदलने से ब्रेकिंग कमजोर हो जाती है, गाड़ी का बैलेंस बिगड़ता है और एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि टायर कब बदलना चाहिए, न कि सिर्फ तब जब वह पूरी तरह घिस जाए.

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1. ग्रिप कम
गीली सड़क पर कार फिसलने लगती है या ब्रेक लगाने पर पहले जैसी पकड़ नहीं मिल रही, तो यह साफ संकेत है कि टायर की ग्रिप खत्म हो रही है. टायर के ऊपर बने ट्रेड पैटर्न सड़क से पकड़ बनाने में मदद करते हैं. जैसे-जैसे ये पैटर्न घिसते हैं, वैसे-वैसे गाड़ी की सेफ्टी भी कम होती जाती है.

2. टायर पर दरारें
समय के साथ टायर की रबर सख्त होने लगती है, खासकर जब गाड़ी ज्यादा धूप में खड़ी रहती है. अगर टायर की साइड वॉल पर छोटी-बड़ी दरारें, कट या उभार दिखने लगें, तो यह संकेत है कि टायर कमजोर हो चुका है. ऐसे टायर किसी भी समय फट सकते हैं, खासकर हाईवे स्पीड पर.

3. तय किलोमीटर पूरा होना
आमतौर पर कार के टायर 40,000 से 50,000 किलोमीटर तक चलते हैं, लेकिन यह पूरी तरह आपकी ड्राइविंग स्टाइल, सड़क की हालत और मेंटेनेंस पर निर्भर करता है. अगर आपकी गाड़ी इस दूरी के आस-पास चल चुकी है, तो टायर की जांच जरूर करानी चाहिए, भले ही वह ऊपर से ठीक क्यों न दिखे.

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4. टायर का असमान घिसना
अगर टायर एक साइड से ज्यादा घिस रहा है या बीच से ज्यादा पतला हो गया है, तो यह व्हील अलाइनमेंट की समस्या का संकेत हो सकता है. लेकिन अगर यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो टायर बदलना ही सुरक्षित विकल्प होता है. असमान घिसे हुए टायर गाड़ी को खींचने लगते हैं और माइलेज भी कम कर देते हैं.

5. टायर की उम्र
कम लोग जानते हैं कि टायर की एक एक्सपायरी भी होती है. आमतौर पर टायर 5 से 6 साल तक सुरक्षित माने जाते हैं, चाहे उन्होंने ज्यादा दूरी तय की हो या नहीं. टायर पर बनी मैन्युफैक्चरिंग डेट से आप उसकी उम्र जान सकते हैं. पुराना टायर अंदर से कमजोर हो जाता है, जो अचानक फेल हो सकता है.

इन सभी संकेतों को हमेशा ध्यान में रखें क्योंकि इन्हीं 4 पहियों पर आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा टिकी होती है. इसीलिए सही समय पर टायर बदलने में देरी न करें.

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